बजरंग दल, बजरंग बली और मंगलवार… कांग्रेस की एक चूक और मोदी ने लपक लिया मुद्दा

बेंगलुरु

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में इस बार सत्तारूढ़ दल बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। दोनों दल एक-दूसरे को घेरने के लिए कोई मौका नहीं छोड़ रहे। इस बीच मंगलवार को कांग्रेस की एक चूक ने बीजेपी को मौका दे दिया है। दरअसल कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में पीएफआई के साथ बजरंग दल पर बैन लगाने की बात कही। बीजेपी ने इसे लपकते हुए भगवान हनुमान से जोड़ दिया और इसे बजरंग बली का अपमान बताया।

कांग्रेस के मेनिफेस्टो में क्या है?
दरअसल मंगलवार को कांग्रेस ने कर्नाटक में अपना चुनावी मेनिफेस्टो जारी किया। इसमें उसने वादा किया कि प्रदेश में जाति और धर्म के आधार पर नफरत फैलाने के लिए बजरंग दल और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) जैसे संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। घोषणापत्र में कहा गया कि ऐसे संगठनों को प्रतिबंधित करने की कार्रवाई भी हो सकती है। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र को ‘सर्व जनांगदा शान्तिय तोटा’ नाम दिया।

पीएम मोदी ने कांग्रेस को घेरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और तमाम दूसरे बड़े नेताओं ने कांग्रेस को इस मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया है। पीएम मोदी ने विजयनगर में एक रैली में कहा कि कांग्रेस ने भगवान राम को ताले में बंद रखा और अब बजरंग बली को कैद करना चाहते हैं।

पीएम मोदी ने कहा, ‘दुर्भाग्य देखिए, मैं आज जब यहां हनुमान जी को नमन करने आया हूं उसी समय कांग्रेस पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो में बजरंगबली को ताले में बंद करने का निर्णय लिया है। पहले श्री राम को ताले में बंद किया और अब जय बजरंगबली बोलने वालों को ताले में बंद करने का संकल्प लिया है।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘इनकी सरकार आने का सवाल ही नहीं है। कांग्रेस हमेशा से तुष्टिकरण की राजनीति करती है। इन लोगों ने सालों तक श्रीराम को ताले में बंद रखा, अब ये बजरंगबली को भी बंद रखना चाहते हैं। इनको कर्नाटक की जनता जवाब देगी।’

‘जिन्ना भी ऐसा मेनिफेस्टो जारी नहीं करते’
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोलते हुए उनके घोषणा पत्र को मुस्लिम घोषणा पत्र बता डाला। हिमंत सरमा ने कहा, ‘मुसलमान घोषणा पत्र है और जिन्ना भी ऐसा मेनिफेस्टो नहीं जारी करते।’हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र मुसलमान घोषणा पत्र है और जिन्ना भी ऐसा मेनिफेस्टो नहीं जारी करते। हिमंत ने बेंगलुरु में कहा, ‘पीएफआई पर पहले से ही बैन लग चुका है। इसलिए वो (कांग्रेस) कह रहे हैं कि हमारी सरकार आई तो बजरंग दल पर बैन लगा देंगे। इसका मतलब है कि बीजेपी ने पीएफआई बैन किया तो तुष्टिकरण की राजनीति के लिए वो बजंरग दल पर बैन लगाएंगे। इसलिए मैंने कहा कि यह मुस्लिम एजेंडा है। जो पीएफआई नहीं कह सकती, वह कांग्रेस कह रही है।’

‘पीएफआई को बचाने का प्रयास’
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कर्नाटक चुनाव के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का वादा देश में प्रतिबंधित संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ को बचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा, ‘कर्नाटक चुनाव के मद्देनजर आज कांग्रेस ने झूठ का पुलिंदा यानी अपना घोषणापत्र जारी किया… यह दुस्साहसी और तुष्टिकरण की राजनीति की पराकाष्ठा है। यह भगवान हनुमान का अपमान करके पीएफआई को बचाने का कांग्रेस का प्रयास है।’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक की पवित्र भूमि में ऐसा वादा किया है। पात्रा ने कहा, ‘हनुमान जी कर्नाटक के गौरवशाली देव हैं, कर्नाटक की भूमि हनुमान जी की भूमि है। कांग्रेस ने हमारे देवता का अपमान किया है।’ उन्होंने कहा, ‘यह दुस्साहस है… कर्नाटक हमारे भगवान हनुमान जी का इस तरह का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।’

बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ शुरू किया अभियान
मंगलवार को हनुमान का दिन कहा जाता है और कर्नाटक को भगवान हनुमान की धरती। ऐसे में बजरंग दल को बैन करने के मुद्दे पर कांग्रेस को काउंटर करने के लिए बीजेपी ने सोशल मीडिया पर भी अभियान चलाया है। बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने ट्वीट किया, ‘मैं बजरंगी हूं। मैं कन्नडिगा हूं और यह हनुमान की धरती है। मैं कांग्रेस को मुझ पर बैन लगाने की चुनौती देता हूं।’

उधर कांग्रेस ने भी प्रधानमंत्री और बीजेपी पर पलटवार किया। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बजरंग दल की तुलना बजरंग बली से करके भगवान हनुमान के भक्तों की आस्था का अपमान किया है। पार्टी के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि ‘हनुमान जी के करोड़ों भक्तों की आस्था का अपमान करने’ के लिए प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस ने किया पलटवार
इस दौरान खेड़ा ने अपने कुर्ते की ऊपर वाली जेब से हनुमान चालीसा निकाली और इसे दिखाते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री जी आप हमारी आस्था का कैसे अपमान कर सकते हैं? आपको यह अधिकार किसने दिया है? प्रधानमंत्री जी, आप माफी मांगिये क्योंकि आपने करोड़ों हनुमान भक्तों की आस्था का अपमान किया है।’

क्या है बजरंग दल?
बजरंग दल हिंदूवादी संगठन है जो विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की युवा शाखा है। बजरंग दल का नारा है, सेवा सुरक्षा और संस्कृति। इसका बजरंग नाम भगवान हनुमान पर आधारित है। इसकी स्थापना 8 अक्टूबर 1984 को यूपी में हुई थी।

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