रेड लाइट पर टक्कर, कार की छत पर लेकर 3 KM तक भगाता रहा… दिल्ली में हिट एंड रन का दहला देने वाला मामला

दिल्ली,

देश की राजधानी दिल्ली में हिट एंड रन का एक वीडियो तेजी से वायरल रहा है. दरअसल, दिल्ली के पॉश इलाके केजी मार्ग- टॉलस्टाय मार्ग की रेड लाइट पर कार सवार शख्स ने बाइक पर सवार 2 भाइयों को टक्कर मारी. टक्कर के बाद एक लड़का दूर उछल कर गिरा जबकि एक लड़का कार की छत पर जा गिरा. कार सवार लड़के कार रोकने की बजाए कार दौड़ाते रहे.

चश्मदीद मोहम्मद बिलाल ने अपनी स्कूटी से कार का पीछा किया और उसने वीडियो भी बनाया. मोहम्मद बिलाल हॉर्न बजाकर चिल्लाता रहा लेकिन आरोपियों ने कार नहीं रोकी. वीडियो में दिख रहा है कि भागती हुई कार की छत पर एक लड़का पड़ा हुआ है. आजतक के पास दौड़ती कार का वीडियो है, जिसे आप यहां देख सकते हैं-

कार की छत पर लड़का लटका रहा है और गाड़ी दौड़ती रही. करीब 3 किलोमीटर बाद दिल्ली गेट पर आरोपियों ने छत पर पड़े लड़के को नीचे फेंक दिया और भाग गए. लड़के की मौत हो गई है. लड़के का नाम दीपांशु वर्म बताया जा रहा है. 30 साल के दीपांशु वर्मा मौत हो गई जबकि उसके बुआ का लड़का मुकुल (20 साल) गंभीर रूप से घायल है.

दिल्ली पुलिस ने कंझावला कांड जैसी इस वारदात में हत्या का केस दर्ज किया. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. एक्सीडेंट 29-30 अप्रैल की रात 12 बजकर 55 मिनट पर हुआ और आरोपियों ने एक बजे घायल को कार से नीचे फेंका. हादसे में जान गंवाने वाला दीपांशु ज्वैलरी की शॉप चलाता था और इकलौता बेटा था.

क्या था कंझावला का हिट एंड रन केस?
इसी साल दिल्ली में एक और हिट एंड रन केस हुआ था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. दिल्ली के कंझावला इलाके में 31 दिसंबर और 1 जनवरी की रात को एक कार से एक्सीडेंट में 20 साल की अंजली की मौत हो गई थी. अंजली नए साल की पार्टी कर अपने घर लौट रही थी. वो स्कूटी पर सवार थी. तभी एक कार ने उसे टक्कर मार दी.

टक्कर लगने के बाद अंजली गाड़ी के टायर में फंस गई, लेकिन कार में सवार आरोपी उसे 12 किलोमीटर तक घसीटते रहे. असल में लड़की का पैर गाड़ी के पहिये में फंस गया था, जिस वजह से वो कई किलोमीटर तक घसीटती रही. इस वारदात का भी सीसीटीवी फुटेज सामने आया था. इस हादसे में अंजलि की दर्दनाक मौत हो गई थी.

हाल में दिल्ली पुलिस ने इस केस में चार्जशीट दायर की. चार्जशीट में पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने जानबूझकर ये काम किया. चार्जशीट के मुताबिक, घटना होने के बाद 500-600 मीटर की दूरी पर आरोपियों ने कार रोकी थी. कार से तीन आरोपी बाहर आए और उन्होंने चेक भी किया कि पीड़ित फंसी है या नहीं. दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में कहा, ‘आरोपियों को मालूम था कि पीड़ित की मौत हो सकती है या फिर उनके इस एक्ट की वजह से पीड़ित को ऐसी खतरनाक चोट पहुंच सकती है जिससे उसकी मौत हो जाए, लेकिन वह नहीं माने.’

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