देर रात जंतर मंतर पर भारी बवाल, खाट के लिए पुलिस और पहलवानों में झड़प, विनेश ने रो-रोकर बताया पूरा हाल

नई दिल्ली,

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों और दिल्ली पुलिस के बीच खाट को लेकर झड़प हो गई। पुलिस के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती पहलवानों के लिए फोल्डिंग बेड लेकर आए थे। चूंकि वहां पुलिस की बैरिकेडिंग है तो खाटों को धरना स्थल से दूर रख दिया गया। उन खाटों को बैरिकेडिंग से इस पार लाने को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस इस बात पर अड़ी थी कि धरना स्थल पर खाट लाने की अनुमति नही है, वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बारिश से जमीन भीग गई है तो नीचे कीचड़ में कैसे सोया जा सकता है? इसी बात को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच मारपीट जैसा माहौल बन गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ गाली-गलौच किया और उनकी एक पुलिस वाले ने पहलवान दुष्यंत के सर पर डंडा चला दिया जिससे उनका सर फूट गया है। महिला पहलवानों ने रो-रोकर मीडिया को पूरी बात बताई और कहा कि देश में बेटियों की यही इज्जत है तो इससे अच्छा है कि उन्हें गोली ही मार दी जाए। वहीं, पहलवान बजरंग पूनिया ने बेटियों की इज्जत का हवाला देकर लोगों से तुरंत दिल्ली आकर समर्थन देने की अपील की है। घटना के बाद दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल, दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज, विधायक कुलदीप समेत कई नेता जंतर-मंतर पहुंचे जिन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

हंगामे की खबर सुनकर हरियाणा से राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भी जंतर-मंतर पहुंच गईं। पुलिस ने उन दोनों को धरना स्थल पर जाकर पहलवानों से मिलने से रोक दिया। जोर-जबर्दस्ती के हालात बने तो दोनों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, स्वाति मालीवाल ने ट्वीट कर दावा किया कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। हुड्डा और मालीवाल, दोनों ने पुलिस के साथ हुई बातचीत और जोर-जबर्दस्ती के वीडियो ट्वीट किए हैं।

इससे पहले, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोने लगीं। उन्होंने पुलिस पर तरह-तरह के आरोप लगाए। विनेश ने कहा कि बेटियों के साथ जोर-जबर्दस्ती करने वाला आराम से सोया है और देश के लिए मेडल जीतकर लाने वाली बेटियां पुलिस के डंडे खा रही है। उनका इशारा भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की तरफ था। मौके पर मौजूद बजरंग पूनिया काफी गुस्से में दिखे। उन्होंने भी पुलिस पर ज्यादती कनरे का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘बारिश हो रही है। जमीन गीला है। इसलिए सोने के लिए सकत (फोल्डिंग बेड) लेकर आए थे। उनपे गाली-गलौच करने लगे पुलिस वाले। पुलिस कह रही थी कि नीचे सोओ कीचड़ में, बेड की अनुमति नहीं है यहां पर। यही कहकर पुलिस वाले गाली-गलौच करने लग गए।’ बजरंग ने देशवासियों से महिला पहलवानों के समर्थन में दिल्ली आने की अपील की।

दरअसल, हंगामे की शुरुआत तब हुई जब पहलवानों के जंतर-मंतर पर चल रहे धरने में सोमनाथ भारती फोल्डिंग बेड लेकर पहुंचे. सोमनाथ भारती ने इसके लिए अनुमति नहीं ली थी. दिल्ली पुलिस ने इस पर उन्हें रोका. पुलिसकर्मियों की ओर से रोके जाने के बाद वहां मौजूद सोमनाथ भारती के समर्थक उत्तेजित हो गए और ट्रक से बेड निकालने की कोशिश करने लगे.

इस दौरान पुलिस और सोमनाथ भारती के समर्थकों, पहलवानों में तीखी नोक-झोंक हुई. दिल्ली पुलिस ने दो अन्य लोगों के साथ सोमनाथ भारती को हिरासत में ले लिया है. इसे लेकर पहलवानों का कहना है कि पानी भरा है. सोने की जगह नहीं है. धर्मेंद्र (पुलिसकर्मी) धक्के मारने लगा. दूसरा पुलिस वाला ड्रिंक कर रहा. क्या ये दिन देखने के लिए मेडल लेकर आए थे.

वहीं, दिल्ली पुलिस के उपायुक्त प्रणव तायल (DCP Pranav Tayal) ने भी इस बात की तश्दीक की कि सोमनाथ भारती को दो लोगों के साथ हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘सोमनाथ भारती फोल्डिंग बेड्स लेकर आए थे। चूंकि इसकी परमिशन नहीं है, इसलिए उन्हें मना किया गया। इस पर धरना पर बैठे पहलवानों के समर्थक बैरिकेड पर आ गए और खाट लेने की कोशिश की। उसमें थोड़ा गुत्थमगुत्था हो गया। कुछ पुलिसकर्मियों और पहलवानों के समर्थकों, दोनों को चोटें आई हैं। ….सोमनाथ भारती को दो लोगों के साथ हिरासत में लिया गया है।’

विनेश ने पुलिस कमिश्नर से की शिकायत
महिला पहलवान विनेश फोगाट ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को शिकायती पत्र लिखकर पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है. विनेश ने पुलिस कमिश्नर से की गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि वरिष्ठ एसीपी धर्मेंद्र ने धरना दे रहे पहलवानों को जंतर-मंतर खाली करने के लिए भी धमकाया. विनेश ने वरिष्ठ एसीपी धर्मेंद्र पर खुद को भद्दी-भद्दी गालियां देने का भी आरोप लगाया है और पुलिस कमिश्नर से सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

झड़प के बाद मीडिया से बात करते हुए पहलवानों ने पुलिस पर घायल को अस्पताल ले जाने से रोकने का आरोप लगाया। वहीं, डीसीपी तायल का कहना है कि पहलवान ही घायल को अस्पताल ले जाने नहीं दे रहे। डीसीपी ने कहा, ‘हमने प्रदर्शनकारियों की तरफ से चोटिल लोगों को अस्पताल ले जाने की पेशकश की, लेकिन वो मान नहीं रहे हैं।’ मौके पर महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी नहीं होने और महिला पहलवानों के साथ पुरुष पुलिसवालों की बदसलूकी के आरोपों पर डीसीपी ने कहा कि इन शिकायतों की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा, ‘महिला पुलिसकर्मी हर दिन बिल्कुल जंतर-मंतर पर इन प्रदर्शनकारियों के लिए ही तैनात की जा रही हैं, आज भी मौजूद थीं। प्रदर्शनकारियों की जो भी शिकायतें हैं, उस बारे में बताएं, हम उसकी निष्पक्ष और सही जांच करवाएंगे। जिस पुलिसकर्मी पर नशे की हालत में होने का आरोप लगा है, उसका हम मेडिकल करवा रहे हैं। हम निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे।’

बजरंग पूनिया ने गृह मंत्री को लिखा पत्र
वहीं, बजरंग पूनिया ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है. बजरंग पूनिया ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चार मांगें उनके सामने रखी हैं. बजरंग पूनिया ने गृह मंत्री से पहलवानों पर हमला करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने, वाटरप्रूफ टेंट लगाने की अनुमति देने की भी मांग की है.

पहलवानों का ये भी कहना है कि मारना है तो ऐसे मार दो. बृजभूषण जैसे लोग खुले में घूम रहे हैं. जंतर-मंतर पर मौजूद पहलवानों ने सभी से सुबह में धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की है. वहीं, इस घटना के बाद दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने केंद्र की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

जंतर-मंतर पहुंचीं स्वाति मालीवाल हिरासत में
पहलवानों के प्रदर्शन के दौरान आधी रात हुए हंगामे के बाद दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने ट्वीट कर ऐलान किया कि जंतर-मंतर पहुंच रही हूं. स्वाति मालीवाल को दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से पहले ही रोक लिया. दिल्ली पुलिस ने स्वाति मालीवाल को हिरासत में ले लिया है.

जल्द टूटेगा बीजेपी का घमंड- सौरभ
दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर हुई घटना को लेकर केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने महिला पहलवानों के साथ ठीक नहीं किया. उन्होंने कहा कि क्या हमारी बहन-बेटियां कीचड़ में सोएंगी? क्या उन्हें एक फोल्डिंग बेड भी नसीब नहीं होगा? सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी का घमंड जल्द टूटेगा.

जंतर-मंतर पर आधी रात को हुई घटना के बाद सियासत तेज हो गई है. दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के कई नेता जंतर-मंतर पहुंच गए. दिल्ली पुलिस ने किसी को भी धरना स्थल तक नहीं जाने दिया. दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज और विधायक कुलदीप भी अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे.

सौरभ भारद्वाज और कुलदीप ने समर्थकों के साथ बैरिकेड पार कर धरना स्थल तक पहुंचने की कोशिश की. दिल्ली पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर इन नेताओं और समर्थकों को धरना स्थल तक पहुंचने से रोका. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर बैरिकेड पार कर धरना स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे इन नेताओं को हिरासत में ले लिया है.

हस्तक्षेप करें पुलिस कमिश्नर- संजय सिंह
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में ये क्या हो रहा है? उन्होंने कहा कि महिला पहलवानों से बदसलूकी शर्मनाक है. संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली के पुलिस कमिश्नर तत्काल हस्तक्षेप करें नहीं तो किसान आंदोलन वाली हालत होगी. वहीं, राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख चौधरी जयंत सिंह ने भी ट्वीट कर घटना को मान-सम्मान के साथ खिलवाड़ बताया.

धौला कुआं में रोके गए जंतर-मंतर जा रहे किसान
जंतर-मंतर पर आधी रात को पहलवानों के साथ हुई मारपीट की घटना से आक्रोशित किसान भी देर रात धरना स्थल के लिए निकल पड़े. भारतीय किसान यूनियन दिल्ली के अध्यक्ष कई किसान नेताओं और किसानों के साथ जंतर-मंतर जा रहे थे. जानकारी पर एक्टिव हुई दिल्ली पुलिस ने किसान नेताओं को धौला कुआं में ही रोक लिया. दिल्ली पुलिस ने सभी से लौट जाने के लिए कहा लेकिन जब किसान जंतर-मंतर जाने की बात पर अड़े रहे तब पुलिस ने इन सबको हिरासत में ले लिया.

सुबह जंतर-मंतर जाएंगे जयंत चौधरी
जयंत चौधरी ने सुबह जंतर-मंतर जाने का ऐलान करते हुए कहा कि बहन-बेटी के अधिकारों के लिए हमारे देश के भाइयों और बहनों को आगे आना ही होगा. गौरतलब है कि पिछले कई दिन से पहलवान भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं. पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

 

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