अब पूरे कर्नाटक में आंजनेय मंदिर बनाने का वादा, बजरंगबलि के मुद्दे पर बैकफुट पर आई कांग्रेस

बेंगलुरु

चुनावी राज्य कर्नाटक में भगवान हनुमान चुनावी मुद्दों के केंद्र में आ गए हैं। दरअसल अपने घोषणापत्र में बजरंग दल जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का वादा कर कांग्रेस घिरी गई है। ऐसे में गुरुवार को कांग्रेस ने बचाव की मुद्रा में आते हुए पूरे राज्य में हनुमान मंदिरों के निर्माण और जीर्णोद्धार का वादा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजरंग दल पर प्रतिबंध के वादे की तुलना हनुमान और उनके भक्तों को ताले में बंद करने से की, वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री के एस ईश्वरप्पा ने कांग्रेस का घोषणापत्र जलाया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के घोषणापत्र को फाड़ दिया, उस पर चप्पल बरसायी और राज्य के कई हिस्सों में रैलियां कीं।

दक्षिणपंथी संगठनों ने राज्य भर में हनुमान चालीसा का पाठ करने का फैसला किया है। मुद्दे पर अब कांग्रेस बचाव की मुद्रा में आ गई है। कांग्रेस जिन मुद्दों के इर्द-गिर्द 10 मई को होने वाला विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती थी, ऐसा प्रतीत होता है कि वह ठंडे बस्ते में चला गया है क्योंकि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डी के शिवकुमार मंदिर में दर्शन करने पहुंच गए। मैसूर में चामुंडी पहाड़ी पर, मैसूर की देवी चामुंडेश्वरी, साथ ही आंजनेय की पूजा करने के बाद शिवकुमार ने और हनुमान मंदिरों का निर्माण करने या पूरे राज्य में मौजूदा मंदिरों का जीर्णोद्धार करने का वादा किया।

रामनगर में कनकपुरा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे शिवकुमार ने कहा क‍ि राम दूत आंजनेय (हनुमान) के मंदिर हर जगह हैं। हमने आंजनेय मंदिरों का निर्माण कराया है और हम भी उनके भक्त हैं। विशेष रूप से हम कन्नड़वासियों में उनके प्रति गहरी आस्था है जहां इस बात के पक्के प्रमाण हैं कि आंजनेय का जन्म (इसी) राज्य में हुआ था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आंजनेय मंदिरों और भगवान हनुमान के आदर्शों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कहा क‍ि हम कार्यक्रम ला रहे हैं। कांग्रेस सभी महत्वपूर्ण आंजनेय मंदिरों, विशेष रूप से आंजनेय से जुड़े ऐतिहासिक स्थानों के विकास के लिए विशेष नीतियां बनाएगी।

शिवकुमार ने कहा क‍ि हम राज्य के सभी तालुकों में आंजनेय के नाम पर नीतियां और कार्यक्रम बनाएंगे, जिससे युवाओं को हनुमान के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। देवी चामुंडेश्वरी की शपथ लेते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंजनाद्री विकास बोर्ड की स्थापना करेगी। भगवान के नाम पर राजनीति करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी ने कितने आंजनेय मंदिरों का निर्माण कराया है।

शिवकुमार ने आरोप लगाया क‍ि प्रधानमंत्री मोदी सहित बीजेपी के मेरे मित्र राजनीतिक लाभ के लिए भगवान के नाम का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। वे भावनाओं के साथ खेल रहे हैं। कांग्रेस नेता के अनुसार बेंगलुरु और मैसूर के बीच कम से कम 25 आंजनेय मंदिर हैं, जिनका निर्माण राज्य के पहले मुख्यमंत्री केंगल हनुमंतैया ने कराया था, जो कांग्रेस नेता थे। शिवकुमार ने कहा क‍ि क्या बीजेपी ने एक भी मंदिर बनाया? वे इसे भुनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसपर कोई ध्यान नहीं देगा। वे लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जो नहीं होगा। कांग्रेस सत्ता में आएगी। हम राम और आंजनेय से जुड़े सभी मंदिरों का निर्माण करेंगे।

विजयनगर जिले के होसपेटे में प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा को लेकर निशाना साधा। मोदी ने कहा क‍ि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में बजरंगबली को ताले में बंद करने का निर्णय लिया है। पहले उन्होंने प्रभु श्रीराम को ताले में बंद किया और अब जय बजरंगबली बोलने वालों को ताले में बंद करने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री ने बुधवार को तीनों जनसभाओं में जय बजरंगबली का उद्घोष भी किया।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता के एस ईश्वरप्पा ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र की एक प्रति जलाई और कर्नाटक में सत्ता में आने पर बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का वादा करने को लेकर विपक्षी दल पर निशाना साधा। बजरंग दल को एक ‘देशभक्त संगठन’ बताते हुए, पूर्व उपमुख्यमंत्री ने सवाल किया, ‘‘बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात करने की उनकी (कांग्रेस की) हिम्मत कैसे हुई। कांग्रेस ने 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में कहा है कि वह जाति और धर्म के आधार पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कांग्रेस ने घोषणापत्र में कहा क‍ि हमारा मानना है कि कानून और संविधान पवित्र है। कोई व्यक्ति या बजरंग दल, पीएफआई और नफरत एवं शत्रुता फैलाने वाले दूसरे संगठन, चाहे वह बहुसंख्यकों के बीच के हों या अल्पसंख्यकों के बीच के हों, वे कानून और संविधान का उल्लंघन नहीं कर सकते। हम ऐसे संगठनों पर कानून के तहत प्रतिबंध लगाने समेत निर्णायक कार्रवाई करेंगे। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ईश्वरप्पा ने इसे (पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की) मुस्लिम लीग का घोषणापत्र करार दिया।

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