हमने चारा फेंका, तुम फंस गए… राजौरी में 5 कमांडोज की शहादत के जिम्मेदार PAPF की ‘मसूद कुंडली’

नई दिल्ली

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में शुक्रवार को आतंकवादियों के विस्फोट में पांच जवान शहीद हो गए। राजौरी सेक्टर के कांडी वन में छुपे आतंकियों ने इस घटना को अंजाम दिया। ये हमला ऐसे समय हुआ जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो शंघाई शिखर सम्मेलन के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत में मौजूद थे। इस हमले की जिम्मेदारी पीपल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAPF) ने ली है। अभी तक जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों के पीछे लश्कर-ए-तोएब, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों का नाम आता था। ऐसे में सवाल है कि आखिर जम्मू-कश्मीर में ये हमला करने वाला संगठन है कौन? इस हमले के पीछे वजह क्या है?

हम मर भी गए तो जीतेंगे
पीपल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि तुम लोगों को अपने जाल में फंसाना कितना आसान है। तुम्हारी हर चाल का हम अनुमान लगा लेते हैं। लेटर में संगठन ने आगे लिखा कि हमने 20 अप्रैल को तुम्हारे सामने चारा फेंका जंगल में लाने के लिए और तुमने बिल्कुल वहीं किया जो हम चाहते थे। हम इस हमले के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहे थे। संगठन ने कहा कि अभी जो भी हो रहा है, वह हमारी जीत है। हमने दुनिया को दिखा दिया है कि हम तुम्हारे खिलाफ हैं। अभी हम भले ही मर जाएं लेकिन हम फिर भी जीतेंगे। इसके पीछे वजह है और जिसे सारी दुनिया जानती है।

कौन है पीएपीएफ
पीपल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट को पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का मुखौटा संगठन माना जाता है। पीएपीएफ ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर के राजौरी में एक सैन्य शिविर पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में चार सैनिक शहीद हुए थे। सुरक्षाबलों ने भी दो आतंकवादियों को मार गिराया था। भारत सरकार इस साल जनवरी में पीपल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट को आतंकी संगठन घोषित किया था। पीएपीएफ लगातार अन्य संगठनों के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर और भारत के प्रमुख शहरों में हिंसक आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सक्रिय रूप से साजिश रचने में शामिल है। यह संगठन आतंकी गतिविधियों के लिए युवाओं के बरगलाने में शामिल रहा है।

जी-20 बैठक के दौरान हमले की धमकी
पीएपीएफ जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे सुरक्षा बलों, राजनीतिक नेताओं और नागरिकों को धमकियां जारी कर रहा है। भारत जी-20 की मेजबानी कर रहा है। इसके तहत देश के हर राज्य में जी-20 की अलग-अलग समितियों की विभिन्न मुद्दों को लेकर बैठक होनी है। इस क्रम में जम्म-कश्मीर में भी बैठक होगी। PAFF ने जम्मू कश्मीर में जी-20 वैश्विक सम्मलेन का आयोजन करने के खिलाफ धमकी दी है। आतंकी संगठन का कहना है कि वह जी-20 की बैठक के दौरान हमला करेगा। हालांकि, सुरक्षा बल लगातार चौकसी बनाए हुए हैं।

पीएपीएफ ने जारी किया था वीडियो
PAFF ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ-राजौरी बेल्ट में नौ सैनिकों की हत्या के बाद अक्टूबर 2021 में एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में दावा किया गया था कि दो अज्ञात आतंकवादियों ने अगले दिन (11 अक्टूबर) भोर में अपने तम्बू पर घात लगाकर हमला करने से पहले लगभग 10 घंटे तक भारतीय सेना के गश्ती दल पर नजर रखी थी। सेना ने नौ सैनिकों की हत्या में शामिल आतंकवादियों का पता लगाने के लिए पुंछ और राजौरी के वन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया था।

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