‘वसुंधरा राजे ने 2020 में मेरी सरकार गिरने से बचाई’, CM अशोक गहलोत ने बताया पूरा किस्सा

जयपुर

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को बीजेपी और पार्टी के अंदर अपने विरोधियों पर निशाना साधा। अशोक गहलोत ने कहा कि उन्होंने उन कांग्रेस विधायकों से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पैसा लौटाने का अनुरोध किया था, जिन्होंने 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान पैसा लिया था।

अशोक गहलोत ने अमित शाह और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गजेंद्र सिंह शेखावत पर तीन साल पहले उनकी सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया। अशोक गहलोत ने यह भी दावा किया कि भाजपा की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और दो अन्य भाजपा नेताओं ने संकट के दौरान उनकी सरकार को बचाने में उनकी मदद की थी।

अशोक गहलोत ने धौलपुर जिले में एक कार्यक्रम में कहा, “जो संकट आया हमारे ऊपर, ये अमित शाह जी, धर्मेंद्र प्रधान, आपका गजेंद्र सिंह शेखावत ये केंद्रीय मंत्री हैं, सबने मिलके साजिश रची। पैसे बांट दिए राजस्थान के अंदर भी। पैसे वापस ले नहीं रहे वो लोग। मुझे चिंता लगी है, पैसा क्यों नहीं ले रहे वो लोग। वापस क्यों नहीं मांग रहे इनसे पैसा। मैं चिंतित हूं, वे पैसे वापस क्यों नहीं ले रहे हैं? वे उनसे (विधायकों) से पैसे वापस क्यों नहीं मांग रहे हैं?”

अशोक गहलोत ने आगे कहा, “मैंने यहां तक ​​कहा हमारे विधायकों को, जिसने पैसा लिया है मान लो, दस करोड़ लिया है, बीस करोड़ लिया है, जो भी लिया है, खर्च कर दिया हो, वो खर्च किया हुआ पार्ट मैं दे दूंगा, AICC से दिलवा दूंगा, उनको वापस दे दो अमित शाह को दास करोड़ दे दो, पन्द्रह करोड़ है तो पन्द्रह करोड़ दे दो। उनका पैसा मत राखो। उनका पैसा राखोगे, हमेशा अमित शाह आप पर दवाब बनायेंगे, वो गृह मंत्री भी है। वो धमकाएंगे, डरायेंगे, जैसे वो गुजरात में धमकाते हैं। महाराष्ट्र में धमाकाके शिवसेना के दो टुकड़े कर दिए, 25 विधायक को ले गए, बहुत खतरनाक खेल खेलते हैं अमित शाह।”

इस बीच अशोक गहलोत ने भाजपा विधायक शोभरानी कुशवाहा की प्रशंसा की, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव के दौरान बीजेपी से नाता तोड़ लिया था और कांग्रेस का समर्थन किया था। शोभरानी कुशवाहा कार्यक्रम में मौजूद थीं। सीएम ने कहा, “जब शोभरानी जी ने हमारा निर्भीकता से समर्थन किया, तो भाजपा अवाक रह गई। दूसरे वसुंधरा जी सिंधिया और तीसरे कैलाश मेघवाल। कैलाश मेघवाल जानते थे, वसुंधरा जी जानती थीं।”

2020 में वसुंधरा राजे के करीबी कैलाश मेघवाल ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के खिलाफ बोलकर सबका ध्यान खींचा था, जब गहलोत ने बीजेपी पर उनकी सरकार को गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। अशोक गहलोत ने कहा कि जब वह 1990 के दशक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष थे, तब कुछ नेताओं ने तत्कालीन सीएम भैरों सिंह शेखावत की सरकार को गिराने की कोशिश की थी, जब शेखावत इलाज के लिए विदेश गए थे। गहलोत ने कहा कि उन्होंने इन शेखावत विरोधी नेताओं का पक्ष नहीं लिया।

अशोक गहलोत ने कहा, “यही तो कैलाश मेघवाल और वसुंधरा जी ने कहा कि हमारे देश में धनबल से चुनी हुई सरकारों को गिराने की ऐसी परंपरा नहीं रही है। उन्होंने क्या गलत कहा? शोभरानी जी ने उनकी बात सुनी, वसुंधरा जी और कैलाश मेघवाल जी की, और उनकी अंतरात्मा ने कहा कि मैं ऐसे लोगों का समर्थन नहीं करना चाहती। इसलिए हमारी सरकार बची है।”

 

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