‘बीजेपी को वोट ना दें, वे खतरनाक,’ कर्नाटक चुनाव प्रचार के आखिरी दिन ममता की हाथ जोड़कर अपील

कोलकाता,

कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन टीएमसी नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कर्नाटक के लोगों से खास अपील की और हाथ जोड़ते हुए कहा- कर्नाटक के भाइयों और बहनों से मेरी एक ही अपील है कि कृपया स्थिरता और विकास के लिए मतदान करें. मैं अपील करती हूं कि कृपया बीजेपी को वोट ना दें. वे लोग खतरनाक हैं. मेरी बस यही अपील है कि बीजेपी को वोट ना दें.

बता दें कि कर्नाटक में 224 सीटों पर एक चरण में 10 मई को वोटिंग होनी है और 13 मई को नतीजे आएंगे. उससे पहले 8 मई को पांच बजे के बाद चुनाव प्रचार खत्म हो जाएगा. आखिरी दिन प्रचार में बीजेपी, कांग्रेस समेत अन्य दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है.

ममता ने मणिपुर हिंसा की तरफ इशारा किया और पूछा- चुनाव प्रचार महत्वपूर्ण हैं या लोगों का खून. प्राथमिकता क्या है? चुनाव आएंगे और जाएंगे. राजनीतिक दल, विशेष रूप से राष्ट्रीय दल जो सरकार में हैं, उनके पास इतने नेता हैं, इतने मुख्यमंत्री हैं, इसलिए चुनाव प्रचार के लिए जाना बहुत आसान है. ममता ने गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिए बिना हमला बोला और कहा- उन्हें बंगाल आने के बजाय पहले मणिपुर जाना चाहिए. हालांकि मुझे उनके यहां आने पर कोई आपत्ति नहीं है. बता दें कि अमित शाह रवींद्रनाथ टैगोर की कल जयंती समारोह में भाग लेने के लिए सोमवार रात पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंच रहे हैं.

‘BJP के साथ काम कर रही है CPIM’
ममता ने मणिपुर हिंसा को ‘मानव निर्मित समस्या’ बताया और कहा- इसे बंगाल में भी आजमाया गया. उनका कहना था कि कोई राजनीतिक दल आग से, जातिवाद से, या फूट डालो और राज करो की राजनीति से खेलता है. उन्होंने पूछा- यह कश्मीर फाइल्स क्यों? एक तबके को नीचा दिखाने का उद्देश्य है. केरल फाइल्स क्या है? मैं सीपीआईएम का समर्थन नहीं करती, लेकिन वे भाजपा के साथ काम कर रहे हैं. मेरी बजाय उन्हें उनके खिलाफ बोलना चाहिए.

‘बंगाल फाइल्स के लिए फंडिंग कर रही है बीजेपी’
ममता ने बड़ा आरोप लगाया और कहा- विकृत, मनगढ़ंत कहानियों पर आधारित बंगाल फाइल्स बनाने के लिए भाजपा फिल्म निर्माताओं को फंडिंग कर रही है. कुछ दिन पहले भाजपा के पैसे से कुछ फिल्म स्टार बंगाल आए और कुछ तोड़-मरोड़कर और मनगढ़ंत कहानी के साथ बंगाल फाइल्स तैयार कर रहे हैं. बीजेपी केरल फाइल्स दिखा रही है. वे केरल और वहां के लोगों को बदनाम कर रहे हैं. रोज बंगाल को बदनाम करते हैं. बीजेपी साम्प्रदायिक समस्या क्यों पैदा कर रही है? क्या यह एक राजनीतिक दल का कर्तव्य है? उन्हें यह अधिकार किसने दिया. वे भूल जाते हैं, लोकतंत्र स्थाई होता है, लेकिन, कुर्सी की किसी खास राजनीतिक दल की स्थाई नहीं होती है.

‘तूफान से डरने की जरूरत नहीं, निपटने की पुख्ता तैयारी’
ममता ने बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान पर तैयारियों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा- हम स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं. हमने राज्य सचिवालय में एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम बनाया है. अगर चक्रवात ‘मोचा’ की स्थिति बनती है तो हम सुंदरबन इलाके से लोगों को निकालेंगे. हम कंट्रोल रूम भी खोल रहे हैं. मौसम विभाग ने 9 और 10 मई को भारी बारिश और चक्रवाती तूफान की भविष्यवाणी की है. यह 11 मई तक जारी रहेगा. हमने खासकर तटीय इलाकों में एहतियाती कदम उठाए हैं. यदि स्थिति की मांग हुई तो हम क्षेत्रों से लोगों को बचाएंगे. चक्रवाती तूफान बांग्लादेश और फिर म्यांमार की ओर बढ़ेगा. ममता ने कहा कि राज्य सरकार ने दो मई को NDRF के साथ बैठक की है. मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने को कहा है और अब प्रतिबंध लगाया है.

‘मणिपुर जल रहा है, मरने वालों की संख्या बताए सरकार’
ममता ने मणिपुर हिंसा पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा- हम मणिपुर की स्थिति को लेकर चिंतित हैं. मणिपुर जल रहा है. हम नहीं जानते कि कितने लोग देखते ही गोली मारने और सामान्य हिंसा के कारण मारे गए हैं. राज्य सरकार की तरफ से संख्या नहीं बताई जा रही है. कुछ समय पहले मुझे पता चला था कि यह आंकड़ा 60-70 मौतों तक पहुंच गया है. जब बंगाल में कुछ होता है तो हमें बदनाम करने के लिए यहां सैकड़ों केंद्रीय दल भेजे जाते हैं. लेकिन चूंकि मणिपुर भाजपा शासित राज्य है, इसलिए कुछ नहीं किया जा रहा है. लेकिन लोग आंकड़े जानना चाहते हैं.

‘यूक्रेन की तरह मणिपुर से छात्रों को निकाल रहे’
ममता ने बताया कि हमने राज्य सचिवालय में 24×7 कंट्रोल रूम खोला है. इनका नंबर 033-22143526 / 033-22535185 है. अब तक 185 लोग हमसे संपर्क कर चुके हैं. हम मणिपुर सरकार के संपर्क में हैं. जब भी संकट के संबंध में कॉल आती है तो हम मणिपुर सरकार से उनकी सुरक्षा के लिए बात करते हैं. ममता का कहना था कि कैसे लोगों को मारा जा रहा है और देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है. हम बहुत चिंतित हैं. बंगाल से काफी संख्या में छात्र वहां जाते हैं, इसलिए हम लोगों को वैसे ही निकाल रहे हैं, जैसे हमने यूक्रेन से निकाला था. हम पूरी कोशिश कर रहे हैं.ममता ने बताया कि कुछ अंदरूनी इलाकों में वे बाहर नहीं आ सकते, क्योंकि देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए गए हैं. हम उन्हें सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के लिए मणिपुर सरकार और सेना के संपर्क में हैं.

 

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