मुझे बड़ी जि‍म्मेदारी का एहसास हो रहा, दादी इंदिरा का नाम लेकर प्रियंका गांधी ने दिया बड़ा इशारा

नई दिल्‍ली

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को तेलंगाना में अपनी दादी इंदिरा गांधी का जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि जब उन्‍हें लोग नई ‘इंदिरा अम्‍मा’ कहते हैं तो वह उसे बहुत गंभीरता से लेती हैं। यह उन्‍हें उनकी जिम्‍मेदारियों का एहसास कराता है। यह दिखाता है कि आज भी इंदिरा लोगों की यादों में हैं। प्रियंका ने इंदिरा को बेहद समर्पित और ईमानदार नेता बताया जो देश के लिए शहीद हो गईं। प्रियंका ने कहा कि अगर आज भी इंदिरा को याद किया जा रहा है तो इसका मतलब यही है कि लोग चाहते हैं कि कोई ऐसा हो जो उन्‍हीं की तरह उनकी मदद करे। कांग्रेस महासचिव कांग्रेस की ‘युवा संघर्ष’ रैली को संबोधित करने पहुंची थीं।

तेलंगाना में रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने खुद को नई ‘इंदिरा अम्‍मा’ कहे जाने पर जमकर बोला। प्रियंका ने कहा कि उन्‍हें नई ‘इंदिरा अम्‍मा’ बोले जाने पर अपनी जिम्‍मेदारियों का एहसास होता है। वह बोलीं, ‘आप मुझे कहते हैं कि मैं नई ‘इंदिरा अम्मा’ हूं, ये हल्की बात नहीं है। जब आप ऐसा कहते हैं तो मुझे मेरी जिम्मेदारियों का एहसास होता है। कारण है कि आप उस महिला को याद करते हैं जो एक समर्पित और ईमानदार नेता थीं, जो देश के लिए शहीद हो गईं।’

झूठे वादे नहीं कर सकती …
प्रियंका ने कहा कि इस जिम्‍मेदारी के एहसास के बाद वह मंच पर खड़े होकर कोई झूठा वादा नहीं कर सकती हैं। कोई झूठी बातें भी नहीं बता सकती हैं। जब वह लोगों के सामने खड़ी होती हैं तो वह ईमानदारी से सिर्फ बोलना चाहती हैं। इस दौरान प्रियंका ने सोनिया गांधी का भी जिक्र किया। प्रियंका ने बोला कि आपने उन्‍हें ‘सोनिया अम्‍मा’ कहा। वह उनकी बेटी हैं। सोनिया ने उनके प्रदेश को बनाने में कितनी बड़ी भूमिका रही है। वह भी लोगों के लिए आजीवन समर्पित रहीं।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर तेलंगाना के लोगों के सपने तोड़ने का आरोप भी लगाया। दावा किया कि बीआरएस की सरकार ने प्रदेश को अपनी जागीर और खुद को जागीरदार समझ लिया है। उन्होंने यहां कांग्रेस की ‘युवा संघर्ष’ रैली में यह भी कहा कि जिन उम्मीदों और सपनों के साथ तेलंगाना की स्थापना हुई थी वो पूरे नहीं हो सके।

तेलंगाना में चुनाव से पहले मांगा समर्थन
प्रियंका गांधी वाड्रा ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव से करीब छह महीने पहले प्रदेश की जनता का आह्वान किया कि वो एक ऐसी सरकार चुने जो उनके हित में काम करे। उन्होंने इस मौके पर एक ‘युवा संकल्प’ भी जारी किया जिसमें बेरोजगारी भत्ते समेत युवाओं के लिए कई वादे किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘जब सैकड़ों युवाओं ने तेलंगाना के लिए कुर्बानी दी तो मेरी मां सोनिया गांधी जी ने गहराई से समझा कि यहां के लोग क्या चाहते हैं। अगर सोनिया जी उस वक्त सत्ता और अपनी पार्टी एवं राजनीति के बारे में सोचतीं तो शायद यह निर्णय नहीं ले पातीं। लेकिन सोनिया जी ने आपके बारे में सोचा, तभी यह निर्णय लिया गया।’

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘सबको उम्मीद थी कि यह एक मजबूत प्रदेश बनेगा। लेकिन अफसोस की बात है कि जो आपका सपना था और जो आपकी इच्छा थी वो अभी तक पूरी नहीं हुई…आपको एक ऐसी सरकार मिली जिसने तेलंगाना के सपने को तोड़ा है।’उन्होंने आरोप लगाया, ‘आज परिस्थितियां ये हैं कि सत्ताधारी लोगों को ही सारा पैसा मिल रहा है। यहां युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है, बल्कि सत्ताधारी लोगों के करीबियों को मिल रही हैं। बीआरएस सरकार एक ऐसा शासन चला रही है जिसमें आपके सपने साकार नहीं हो पा रहे हैं।’

बीआरएस पर साधा न‍िशाना
प्रियंका गांधी ने बीआरएस और उसके नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा, ‘शायद उनको (बीआरएस) लगता है कि यह प्रदेश उनकी नई जागीर है और वो इसके जागीरदार हैं।’ कांग्रेस महासचिव ने बीआरएस सरकार पर युवाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा, ‘सरकार में दो लाख नौकरियां खाली हैं, लेकिन वो भरी नहीं गईं।’

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से राज्य में करीब आठ हजार किसानों ने आत्महत्या की है। उनका कहना था, ‘प्रदेश में रोजाना औसतन तीन किसान आत्महत्या कर रहे हैं।’ तेलंगाना में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश की 2014 में स्थापना हुई थी। इसके बाद से ही यहां के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व में बीआरएस सत्तारूढ़ है। बीआरएस का पहले ‘तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) नाम था।

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