नीतीश के पुराने सियासी संबंधों की नई राजनीतिक कहानी, विपक्षी एकता के सवाल को टाल गए नवीन पटनायक

पटना

‘नवीन पटनायक और उनके पिता बीजू पटनायक से उनके पुराने संबंध हैं। मैं अक्सर नवीन जी से मिलता रहता हूं। हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण, मैं उनसे नहीं मिल पा रहा था। इसलिए, मैं उनसे मिलना चाहता था।’ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस बयान की पहली लाइन पर गौर कीजिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके रिश्ते ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के पिताजी के साथ रहे हैं। नीतीश कुमार ने ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे बिजू पटनायक के साथ अपना सियासी समय गुजारा है। उनके साथ काम किया है। नीतीश कुमार के बिजू पटनायक के साथ मधुर रिश्ते रहे हैं। नीतीश कुमार वर्तमान के सभी युवा नेताओं चिराग पासवान, तेजस्वी यादव के पिता के साथ भी राजनीति की है। नीतीश को ये भी पता है कि सियासत में रिश्ते का रेफरेंस किस मौके पर दिया जाता है।

ये रिश्ता क्या कहलाता है?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को ओडिशा सीएम नवीन पटनायक से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों मुख्यमंत्रियों ने साथ में लंच किया। हालांकि, गठबंधन बनाने के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई। नवीन पटनायक ने कहा, मुझे खुशी है कि नीतीश जी यहां भुवनेश्वर आए। हम पुराने दोस्त और सहकर्मी हैं। हमने वाजपेयी सरकार के साथ मिलकर काम किया है। हम बिहार के पर्यटकों के लिए पुरी में जमीन के आवंटन पर चर्चा कर रहे थे। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले बिहार के पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए पुरी में बिहार सरकार को 1.5 एकड़ जमीन मुफ्त दी जाएगी। भाजपा विरोधी दलों के संभावित गठबंधन में बीजद के शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया, आज किसी भी गठबंधन के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई।

पुराने रिश्ते की बात
नीतीश कुमार ने बिजू पटनायक से अपने पुराने रिश्ते को उनके बेटे से मुलाकात के दौरान चर्चा की। नीतीश कुमार से जब सियासी चर्चा के बारे में पूछा गया। तब उन्होंने मुस्कुराते हुए जदयू नेता ने जवाब दिया, राजनीतिक बातों के बारे में चिंता न करें। हमारे बीच इतना मजबूत रिश्ता है, राजनीति के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है। दोनों नेताओं के बीच दो घंटे की बैठक के बाद विपक्षी एकता को लेकर कुछ ठोस जवाब नहीं मिला। नवीन पटनायक का जवाब उस स्तर का नहीं रहा, जिस स्तर का नीतीश कुमार उनके पिता से अपना रिश्ता बता रहे थे। वहीं दूसरी ओर नीतीश कुमार का ये कहना कि हमारे रिश्ते की तुलना किसी और के साथ मत कीजिए। हमलोगों ने गठबंधन को लेकर किसी तरह की बातचीत नहीं की।

विपक्षी एकता पर नहीं बनी बात!
उधर, जब नवीन पटनायक नीतीश के साथ हुई बैठक के बारे में बातचीत करने निकले, तब उन्होंने जो कहा- उसका अर्थ भी नीतीश के जवाब से मिलता-जुलता रहा। उन्होंने कहा कि हां रिश्ता बहुत पुराना है। गठबंधन को लेकर हमारी कोई बातचीत नहीं हुई। पटनायक ने ये भी कहा कि बिहार भवन के लिए पुरी में जगह दी जा रही है। कुल मिलाकर दोनों नेताओं में ढेर सारी बातें हुई लेकिन राजनीति को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई। गठबंधन को लेकर कुछ ठोस सामने नहीं आया। सियासी जानकारों की मानें तो विपक्षी एकता को लेकर ठोस बातें सामने नहीं आने के पीछे कुछ और बातें हैं। क्योंकि ओडिशा में बीजेपी विपक्षी पार्टी है। नवीन पटनायक के बीजेपी नेताओं से बेहतर रिश्ते हैं। खासकर पीएम मोदी से भी नवीन पटनायक के रिश्ते बहुत अच्छे हैं। ये बातें साफ तौर पर पूरे देश के लोग जानते हैं। नवीन पटनायक रिश्ते निभाना तो जानते हैं, लेकिन वे ये भी मानते हैं कि किसी फ्रंट को साधने के लिए बीजेपी से रिश्ते खराब करने की जरूरत नहीं है।

केंद्र से नवीन का मुधर रिश्ता
जानकार मानते हैं कि पिछले साल जब राष्ट्रपति पद के लिए बीजेपी ने ओडिशा से आने वाली आदिवासी समुदाय की महिला द्रौपदी मुर्मू के नाम की घोषणा की थी। उस वक्त नवीन पटनायक ने पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की। नवीन पटनायक ने पीएम मोदी के फैसले को बिल्कुल सही करार देते हुए उनकी दूरदृष्टि की तारीफ की। नवीन पटनायक ने बीजेपी के द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाये जाने के फैसले को सराहा। नवीन पटनायक के बारे में कहा जाता है कि वे सियासी रिश्ते निभाने के अलावा सबसे ज्यादा अपने राज्य की चिंता करते हैं। उन्हें पता है कि केंद्र के सहयोग के बिना राज्यों का विकास संभव नहीं है। जानकारों की मानें, तो नवीन पटनायक की राजनीति का एक अपना अलग अंदाज है। उसमें एक बात तो साफ है कि वे कांग्रेस और बीजेपी से समान दूरी बना कर रखते आए हैं। उनकी राजनीति की एक खासियत और भी है कि वह केंद्र सरकार से रिश्ता मधुर बना कर रखते हैं। ऐसा इसलिए की केंद्र का साथ ले कर राज्य का विकास करना उनकी प्राथमिकता है। वैसे में नीतीश के बिजू पटनायक वाले रिश्ते का फैक्टर कितना काम करेगा ये आगामी दिनों में विपक्षी एकता के प्लेटफॉर्म पर जरूर दिखेगा।

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