वर्ल्ड प्रेस इंडेक्स रिपोर्ट को जयशंकर ने क्यों बताया ‘माइंडगेम’, जानें क्या है जॉर्ज सोरोस कनेक्शन

नई दिल्ली

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स रिपोर्ट को लेकर दुनियाभर में लगातार चर्चा हो रही है। 180 देशों को इस ग्लोबल रैंकिंग में भारत को 161वां स्थान मिला है। इसमें खास बात है कि भारत इस रैंकिंग में अफगानिस्तान से भी पीछे हैं। रैकिंग में अफगानिस्तान 152वें स्थान हैं। भारत के पड़ोसी देशों में श्रीलंका, भूटान, पाकिस्तान भी रैंकिंग में भारत से ऊपर हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस रैकिंग की आलोचना की है। जयशंकर ने एक कार्यक्रम में इस रैकिंग को ‘माइंडगेम’ करार दिया था। हंगरी और सिंगापुर जैसे देश इस रिपोर्ट पर सवाल उठा रहे हैं। इस रिपोर्ट को अमेरिकी बिजनसमैन जॉर्ज सोरेस से भी जोड़ा जा रहा है। आखिर अमेरिकी निवेशक से इसका क्या कनेक्शन हैं।

जयशंकर ने रिपोर्ट पर क्या कहा?
मोदी सरकार के विदेश मंत्री से जब इस रिपोर्ट के बाबत पूछा गया तो जयशंकर का कहना था कि मैं अपनी रैंकिंग से हैरान हूं। मुझे लगा कि हमारे पास सबसे बेकाबू प्रेस है और मौलिक रूप से कुछ गलत हो रहा है। जयशंकर का कहना था कि आप कल्पना कर सकते हैं कि अफगानिस्तान हमसे ज्यादा आजाद है। उन्होंने कहा कि देखिए मैं डेमोक्रेसी इंडेक्स, फ्रीडम इंडेक्स, धार्मिक स्वतंत्रता इंडेक्स और प्रेस फ्रीडम इंडेक्स को देख रहा हूं। जयशंकर को प्रेस इंडेक्स को ‘माइंड गेम’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ये माइंड गेम खेलने के तरीके हैं जो उस देश के रैंक को कम करने जैसा है जिसे आप पसंद नहीं करते हैं, जबकि अन्य ऐसा नहीं करते हैं।

जॉर्ज सोरोस से क्या है कनेक्शन
सिंगापुर और हंगरी ने इस रिपोर्ट से अमेरिकी अरबपति और बिजनेसमैन जॉर्ज सोरेस से कनेक्शन होने का आरोप लगाया है। हंगरी ने रिपोर्ट्स विदाउट बॉर्डर्स को सोरोस संगठन बता दिया है। हंगरी के सत्ताधारी दल का कहना है कि RSF ने अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस की तरफ से फंडिंग खुला सच है। मीडिया संस्थान द स्ट्रीट ने रिपोटर्स विदाउट बॉडर्स पर अमेरिकी अरबपति से पैसे लेने और उसके मुताबिक काम करने का आरोप लगाया है। मीडिया संगठन का कहना है कि रिपोर्ट में पश्चिमी देशों को लेकर रिपोर्ट में कुछ भी नेगेटिव नहीं कहा गया है।

भारत के खिलाफ पहले भी बोलते रहे हैं सोरोस
यह पहली बार नहीं है कि जब सोरेस का नाम विवादों में आया हो। हंगरी में जन्मे और अमेरिका में बसे बिजनेसमैन पर पहले भी कई देशों में सरकारों को अस्थिर करने का आरोप लगता रहा है। इससे पहले उनका नाम भारत की छवि धूमिल करने के पीछे आया है। अमेरिकी अरबपति पीएम मोदी की आलोचना को लेकर निशाने पर थे। सोरेस ने पीएम मोदी और कारोबारी गौतम अडानी को लेकर सार्वजनिक मंच से बयान दिया था। सोरोस ने कहा था कि अडानी का पीएम मोदी के साथ इतना घनिष्ठ संबंध है कि दोनों एक-दूसरे के लिए जरूरी हो गए हैं। सोरोस ने पीएम मोदी को लेकर कहा था कि वह भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं। सोरोस ने कहा था कि पीएम मोदी गौतम अडानी के मामले में खामोश हैं लेकिन विदेशी निवेशकों और संसद में सवालों का उन्हें जवाब देना होगा। इससे सरकार पर उनकी पकड़ कमजोर होगी।

रिपोटर्स विदाउट बॉर्डर जारी करता है रिपोर्ट
रिपोटर्स विदाउट बॉर्डर हर साल वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स रिपोर्ट जारी करता है। यह रिपोर्ट बताती है कि किस देश में मीडिया को कितनी स्वतंत्रता है। वह उस देश में कितना खुलकर काम कर पाता है। संस्था साल 2002 से यह रिपोर्ट निकाल रही है। पेरिस स्थित संगठन का दावा है कि उसका किसी भी मीडिया कंपनी या देश से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, इस संस्था की रिपोर्ट के आधार वाले सवालों को सार्वजनिक किए जाने की मांग भी लगातार उठती रही है। खास बात है कि इस रिपोर्ट के बारे में माना जाता है कि यह विकासशील देशों को हमेशा खराब रैंकिंग देता है। इसके उलट विकसित देशों जहां मीडिया को सरकार की तरफ से फंडिंग के साथ रियायत मिलती है, उन देशों की रैंकिंग बेहतर देता है।

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