कर्नाटक में फिर लिंगायत CM की मांग, सिद्धा और शिवकुमार की रेस के बीच कांग्रेस को नई टेंशन

बेंगलुरु

कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री के लिए कांग्रेस पार्टी में खींचतान तेज हो गई है। अखिल भारतीय वीरशैव महासभा ने कांग्रेस आलाकमान को पत्र लिखकर लिंगायत समुदाय के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग की है। एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को संबोधित अपने पत्र में महासभा ने कहा कि हमारी मांग पर विचार किया जाना चाहिए। क्योंकि कांग्रेस के 34 निर्वाचित विधायक लिंगायत सुमदाय से हैं। पत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि कांग्रेस पार्टी ने 46 उम्मीदवारों को टिकट दिया था। जिनमें से 34 कैंडिडेट्स ने जीत हासिल की है। वहीं दूसरी ओर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार में से किसी एक को सीएम बनाए जाने को लेकर बैठकों का दौर जारी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली आवास पर इसको लेकर बैठक भी हुई है। जिसके बाद डीके शिवकुमार खरगे के घर मिलने पहुंचे हैं। हालांकि कल दिल्ली बुलावे पर डीके ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए दबी जुबान से सिद्धारमैया को बधाई तक दे दी थी। सिद्धारमैया पहले से ही दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के पास पहुंचे हुए हैं।

महासभा के पत्र में सबसे खास बात
अखिल भारतीय वीरशैव महासभा के लिखित पत्र में कहा गया है कि लिंगायत समुदाय ने अन्य 50 सीटों पर विधायक चुनने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। लिंगायत समुदाय ने भाजपा से अपनी वफादारी को कांग्रेस में शामिल कर दिया है। इस बीच अन्य समुदाय के समूह भी सामने आए हैं जिन्होंने अपने नेताओं के लिए उपमुख्यमंत्री पद की मांग की है।

डेप्युटी सीएम के लिए रामलिंगा रेड्डी और जारकीहोली का नाम
बेलगावी उत्तर के विधायक आसिफ सैत ने मांग की है कि यह पद केपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष सतीश जारकीहोली को दिया जाना चाहिए। सैत ने कहा कि सतीश जारकीहोली उत्तर कर्नाटक में बड़े नेता हैं। इसलिए उन्हें यह पद दिया जाना चाहिए। वरिष्ठ नेता जमीर अहमद खान को उपमुख्यमंत्री का पद देना पार्टी के विवेक पर छोड़ दिया गया है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी के समर्थकों ने भी अपने नेता के लिए मांग की है। जिसमें कहा गया कि रामलिंगा को डेप्युटी सीएम का पद दिया जाना चाहिए।

पार्टी को गीदड़भभकी दे रहे नेताओं के समर्थक
कर्नाटक रेड्डी जनसंघ के निदेशक ने कहा कि रामलिंगा रेड्डी समुदाय के सबसे वरिष्ठ नेता हैं। रामलिंगा रेड्डी शिवकुमार और सिद्धारमैया की तुलना में अधिक बार विधानमंडल के लिए चुने गए हैं। वह उपमुख्यमंत्री बनने के योग्य हैं। येदियुरप्पा जब मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने समुदाय के तीन सदस्यों को मंत्री बनाया था। उन्होंने कहा कि हमने कांग्रेस आलाकमान को एक पत्र लिखा है। अगर वे जवाब नहीं देते हैं, तो पार्टी को आने वाले दिनों में समुदाय से कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा। दूसरी ओर कांग्रेस नेता जमीर अहमद खान के लिए पद की मांग को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कोप्पल जिले के गंगावती में विरोध प्रदर्शन किया।

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