मेरी बीबी अकेली थी और घर लूट लिया, फौज को उकसा रहे… इमरान ने आज दिल के कई दर्द बयां कर दिए

इस्लामाबाद

पाकिस्तान में सेना के समर्थन में बनते माहौल को देख इमरान खान ने यू-टर्न ले लिया है। उन्होंने पाकिस्तानी फौज को पुचकारते हुए सत्ताधारी पीडीएम गठबंधन और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में इमरान खान की पापुलेरिटी 70 फीसदी से ज्यादा है। बाकी में सभी पार्टियां हैं। सत्ताधारी पीडीएम गठबंधन इसलिए ही चुनाव नहीं करवाना चाहती है कि कहीं इमरान खान दोबारा सत्ता में न आ जाए। सरकार में शामिल नेताओं ने अरबों डॉलर के अपने कर्ज को माफ करवा लिया है। ये पुराने 30 साल के सियासतदान हैं। ये सेना प्रमुख को डरा रहे हैं कि सर! वो आपको आकर हटा देगा। लेकिन, मैं बार-बार कह रहा हूं कि सेना प्रमुख को नहीं हटाऊंगा। मेरे पास आईबी की पहले ही रिपोर्ट थी कि पुराना आर्मी चीफ मेरे खिलाफ साजिश कर रही है। साजिश रची जा रही है कि फौज को पाकिस्तान की सबसे बड़ी पार्टी से लड़ाया जाए।

फौज के समर्थन में इमरान ने छेड़ा राग
इमरान ने कहा कि मैंने हमेशा ही फौज का समर्थन किया है। आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में जब पाकिस्तानी फौज को बुरा-भला कहा जाता था, तब मैं विदेशी मीडिया में सेना का बचाव करता था। बाहर एक लॉबी बैठी है, जो चाहती है कि पाकिस्तान की फौज कमजोर हो, लेकिन मैंने इसलिए पाकिस्तानी सेना का बचाव किया, क्योंकि मैं एक आजाद आदमी हूं। मुझे कभी किसी चीज की कमी नहीं हुई। मुझे पूरी दुनिया में इज्जत मिली, मैं ब्रिटेन में सेटल हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं सोचा। मैंने किसी भी इंसान के साथ झगड़ा नहीं किया। मैं दूसरे मुल्क में रहकर सेकेंड क्लास का सिटीजन नहीं बनना चाहता था।

फौज कमजोर हुई तो बाकी मुस्लिम देशों जैसे होगा हाल
इमरान खान ने अपनी कथित कुर्बानियों को गिनाते हुए कहा कि कौन आदमी अपने परिवार की कुर्बानी देता है। मैंने कभी नहीं सोचा कि पाकिस्तान के अलावा कहीं और रहूंगा। मैं जब प्रधानमंत्री था तो कहा था कि अगर फौज कमजोर हुई तो पाकिस्तान का भी वही हाल होगा, जो बाकी के मुसलमान मुल्कों का हुआ है। लीबिया, सीरिया, सोमालिया का हाल वहां की फौज के कमजोर होने से हुई। अगर फौज को मैं कमजोर करूंगा तो मैं खुद को कमजोर करूंगा। तो फैसला आपको करना है कि कौन फौज को कमजोर करना चाहता है।

इमरान खान ने भारत-इजरायल का लिया नाम
उन्होंने कहा कि नवाज शरीफ जब इंडियन और इजरायली लॉबी को मनाने की कोशिश कर रहा था, तब मैं सेना के साथ खड़ा था। जो मेरी आंखों के सामने देखा था कि ईस्ट पाकिस्तान में क्या हुआ था। मुजीबुर्रहमान चुनाव जीत गया। लेकिन, उसे उसका हक नहीं दिया गया। किसके इशारे पर मुजीबुर्रहमान को उसका हक नहीं दिया गया। इसके बाद उसने अपनी अवाम को एकजुट किया और फौज के खिलाफ खड़ा किया। इससे फौज सबसे बड़ी पार्टी के खिलाफ हो गई और पाकिस्तान का बंटवारा हो गया।

इमरान का दावा- 7500 पीटीआई कार्यकर्ता गिरफ्तार
पीटीआई चीफ इमरान ने कहा कि हमारे 7500 कार्यकर्ताओं को पकड़ लिया गया है। औरतों के साथ बत्तमीजी हुई है। कौन करता है ऐसा। शिरीन मजारी को एक जगह से पकड़ा रिहा होने पर दोबारा गिरफ्तार किया। ये क्या हो रहा है। मुझे ऐसा लगा कि मैं ख्वाब देख रहा हूं। कौन सा मुल्क ऐसी इजाजत देता है, वो भी इन चोरों के खातिर। तहरीक ए इंसाफ 27 साल से है। मुझे एक घटना बताएं कि मैंने कभी भी हिंसा के लिए उकसाया है। मेरा पार्टी के किसी दूसरे नेता ने हिंसा के लिए कहा हो। मैंने कहा लाखों लोग सड़कों पर निकलें। किसी ने हिंसा नहीं की। मैंने 25 मई को लॉन्ग मार्च किया, इसके बाद घरों के घुस-घुसकर हमारे कार्यकर्ताओं को मारा गया। पुलिस ने कहा कि ऊपर से हुक्म है।

मैंने कभी भी हिंसा का समर्थन नहीं किया- इमरान
26 नवंबर को चार लाख लोग रावलपिंडी में जमा हुए। मुझे पता था कि हिंसा हो सकती है। ऐसे में मैंने रैली नहीं निकाली, धरना भी खत्म कर दिया। मेरे समर्थकों को इससे निराशा हुई। 8 मार्च इलेक्शन रैली निकाल रहे थे। मुझे और मेरी पार्टी को राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रतिबंधित कर दिया गया। लोकतंत्र में ऐसा कौन किया। इसके बाद मेरे घर पर 24 घंटे हमला होता है। मैंने एक बार भी नहीं कहा कि जला दो- आग लगा दो। कोई हिंसा नहीं हुई। जब मैं घर से निकला तो मेरी बीबी अकेली थी, इसके बावजूद मेरे घर को लूटा गया। फिर भी मैंने हिंसा का कॉल नहीं दिया।

इमरान ने हत्या की साजिश का आरोप लगाया
गिरफ्तारी के दौरान न्यायालय परिसर में मेरी हत्या की साजिश रची गई। लेकिन, तब भी मैंने हिंसा का आह्वान नहीं किया। मैंने पहले भी कहा था कि मुझे गिरफ्तार किया गया तो इसकी प्रतिक्रिया हो सकती है। इसके बावजूद मुझे गिरफ्तार किया गया। सिर पर डंडे मारे गए। पुलिस भी मुझे गिरफ्तार कर सकती थी, लेकिन रेंजर्स को लाया गया। मुझे किसी आतंकवादी की तरह गिरफ्तार किया गया। मुझे बाद में अपने खिलाफ हुए हिंसा को लेकर सबूत मिले। अब हम सबूतों के साथ कोर्ट जा रहे हैं कि कि एक ज्वाइंट कमेटी बनाए जाए।

दहशतगर्द वाले आरोप पर भी बोले इमरान खान
मैंने अभी सुना कि 40 दहशतगर्द को पनाह दी हुई है। मेरी सलाह है कि अगर 40 दहशतगर्द मेरे घर में हैं तो मेरी भी जान को खतरा है। आप सर्च वारंट लेकर सलीके से आएं। इसको हमले का बहाना न बनाएं। मैं आपको पूरा घर दिखा दूंगा। इसे इस तरह न दिखाएं कि इमरान के घर 40 दहशतगर्द छिपे हुए हैं तो हमला बोल दो। मैं फिर से कह रहा हूं कि 70 फीसदी कौम मेरे पक्ष में इकट्ठा हुई है, उसी को लेकर पीडीएम को डर है। इसलिए ये सेना को पाकिस्तान की सबसे बड़ी पार्टी के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।

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