नंबर 2 के लिए आखिर कैसे राजी हुए डीके शिवकुमार, सोनिया गांधी की एंट्री के बाद कर्नाटक CM का नाम हुआ फाइनल

नई दिल्ली

कर्नाटक चुनाव के नतीजे 13 मई शनिवार को ही आ गए थे लेकिन सीएम कौन होगा इसका फैसला करने में 4 दिन का वक्त लग गया। बुधवार देर रात यह तस्वीर साफ हुई कि अगले सीएम सिद्धारमैया होंगे वहीं डीके शिवकुमार डिप्टी CM बनेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी की मीटिंग के बाद आधी रात को यह फाइनल हुआ। शपथ ग्रहण का कार्यक्रम 20 मई को बेंगलुरु में होगा। पार्टी ने आज यानी गुरुवार को शाम 7 बजे बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक बुलाई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के केंद्रीय पर्यवेक्षकों को सीएलपी बैठक आयोजित करने के लिए बेंगलुरु पहुंचने के लिए कहा गया है। हालांकि पार्टी की ओर से इसका औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। बेंगलुरु में विधायक दल की बैठक के बाद दोनों नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद इसका ऐलान होगा। आखिरकार डीके शिवकुमार को उप मुख्यमंत्री बनने के लिए राजी कर लिया गया। बुधवार देर शाम सोनिया गांधी की एक मीटिंग के बाद यह संभव हो सका।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी के बीच बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग में इसका समाधान निकाला गया। इस मीटिंग में एआईसीसी के महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक की जानकारी सिद्धारमैया और शिवकुमार को दी गई। बुधवार शाम तक ऐसा लग रहा था कि अभी फैसला लेना में वक्त लगेगा। कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी सुरजेवाला की ओर से कहा गया कि सीएम पद पर फैसला अगले 48 से 72 घंटे में घोषित किया जाएगा।

कौन अगला सीएम होगा इसको लेकर बुधवार दिन भर मीटिंग का दौर चलता रहा। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और सिद्धारमैया को 10 जनपथ से बाहर जाते हुए देखे जाने के बाद सिद्धारमैया गुट समय से पहले ही जश्न मनाने लगा। कर्नाटक के राज्यपाल को भेजा गया एक फर्जी पत्र वायरल हुआ, जिसके बाद अधिकारियों ने शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी शुरू कर दी लेकिन जब उन्हें पता चला कि इस मुद्दे को अभी सुलझाया नहीं गया है तो इसे रद्द कर दिया गया। महिला कांग्रेस प्रमुख ने तो सिद्धारमैया के कार्यभार संभालने की घोषणा तक कर दी। वायरल पत्र और बयान के बाद सुरजेवाला को यह चेतावनी देनी पड़ी कि इस प्रकार के किसी बयान को अनुशासनहीनता माना जाएगा।

यह बात भी सामने आ रही थी कि सिद्धारमैया-शिवकुमार के बीच कार्यकाल का बंटवारा हो इन खबरों के बीच डीके शिवकुमार की ओर से यह जोर था कि पहला टर्म उनको मिलना चाहिए। हालांकि आलाकमान को यह मंजूर नहीं था। ऐसा न होने पर शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को यह पद संभालने का आग्रह किया। यह भी चर्चा थी कि प्रस्ताव में सिद्धारमैया को कार्यकाल के पहले टर्म के लिए मुख्यमंत्री बनना और फिर पीसीसी प्रमुख बनना शामिल था, जबकि शिवकुमार को बचे हुए कार्यकाल के लिए। पार्टी की कोशिश थी कि एक आम सहमति बने और कोई नेता नाराज न हो।

सिद्धारमैया और शिवकुमार ने बुधवार सुबह अलग-अलग राहुल गांधी से मुलाकात की। सीएम कौन होगा इस सवाल के बीच कांग्रेस की ओर से पलटवार करने की भी कोशिश हुई। सुरजेवाला ने कहा कि काश, पीएम मोदी से सवाल किया होता, जब उन्होंने यूपी, असम, गोवा और कई अन्य राज्यों के सीएम तय करने में सात से 10 दिन लगाए थे। तब किसी ने भी आलाकमान की संस्कृति पर एक शब्द भी नहीं कहा। सुरजेवाला ने उन खबरों को भी खारिज किया कि शिवकुमार ने खरगे के साथ अपनी बातचीत में सिद्धारमैया के रिकॉर्ड पर सवाल उठाया था और यह कहा कि पार्टी 2018 के चुनावों में उनके नेतृत्व में हार गई थी। सुरजेवाला ने कहा कि यह सब निराधार है और सुनी-सुनाई बातों पर आधारित है।

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