चुनी हुई MCD को अस्थिर कर सकता है LG का एल्डरमैन नामित करने का हक: SC

नई दिल्ली

एमसीडी के 10 एल्डरमैन को एलजी द्वारा नॉमिनेट करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि क्या एलजी दिल्ली में चुनी हुई सरकार के सलाह के बगैर एल्डरमैन (नॉमित सदस्य) को नॉमिनेट कर सकते हैं? चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि एलजी के एमसीडी के मेंबर को नॉमिनेट करने का अधिकार लोकतांत्रिक तौर पर चुनी हुई एमसीडी को अस्थिर कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चुनी हुई सरकार की सलाह के बिना एमसीडी के 10 एल्डरमैन को नॉमिनेट करने के लिए एलजी की शक्ति के स्रोत के बारे में पूछा था। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया था कि कानून और संविधान के तहत एलजी की शक्ति के स्रोत क्या हैं यह बताया जाए। एमसीजी के 10 एल्डरमैन को एलजी ने नॉमिनेट किया था, जिसे दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया है।

दिल्ली सरकार का तर्क, वॉर्ड कमिटी में वोट देते हैं एल्डरमैन
दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, नॉमिनेटेड मेंबर, एमसीडी की वॉर्ड कमिटी बनाने में वोटिंग करते हैं, जहां बीजेपी कमजोर है। एलजी ऑफिस की ओर से पेश अडिशनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने कहा कि एलजी का अनुच्छेद-239 एए के तहत जो रोल है, एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर उनका रोल उससे अलग है। एडमिनिस्ट्रेटर को जो अधिकार हैं, उनमें नॉमिनेशन करने में दिल्ली सरकार की सलाह मानना बाध्यकारी नहीं है। इस पर सिंघवी ने कहा कि एलजी को अलग से कोई पावर नहीं है कि वह एमसीडी में एल्डरमैन को नॉमिनेट करें। पिछले 30 साल की प्रैक्टिस यही है कि एलजी दिल्ली सरकार की सलाह से एल्डरमैन की नियुक्ति करते हैं। इस पर संजय जैन ने कहा कि कोई प्रैक्टिस 30 साल से चल रही है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह सही ही हो। वैसे भी नॉमिनेटेड मेंबर को ज्यादा अधिकार नहीं होते हैं। तब सिंघवी ने कहा कि एल्डरमैन वॉर्ड कमिटी बनाने में वोट देते हैं।

‘क्या एमसीडी में स्पेशलाइज लोगों का नॉमिनेशन केंद्र के लिए इतना अहम है?’
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एलजी को एमसीडी के एल्डरमैन को नॉमिनेट करने का पावर देने का मतलब है कि वह चुनी हुई सिविक बॉडी को अस्थिर कर सकते हैं। ऐसा इसलिए कि नॉमिनेटेड मेंबर को कई जगह वोट देने का अधिकार है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि क्या एमसीडी में स्पेशलाइज लोगों का नॉमिनेशन केंद्र के लिए इतना अहम है? चीफ जस्टिस ने बुधवार को मौखिक टिप्पणी में कहा कि इस मामले को दूसरे तरह से देखा जाए तो स्थानीय निकाय केंद्र सरकार के लिए इतना महत्ता का विषय है? वह ऐसे 10 सदस्यों को कहीं भी रख सकते हैं, क्योंकि उन्हें वोटिंग का अधिकार है। सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी मामले में दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए और उक्त टिप्पणी से सहमति जताई और कहा कि नॉमिनेटेड कमिटी मेंबर एमसीडी के वार्ड कमिटी बनाती है, जहां बीजेपी कमजोर है।

‘एडमिनिस्ट्रेटर के विधायी अधिकार में सलाह को मानना बाध्यकारी नहीं’
अडिशनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन एलजी ऑफिस की ओर से पेश हुए और कहा कि एलजी का अनुच्छेद-239 एए के तहत जो रोल है, उससे एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर रोल अलग है। दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट के तहत एलजी का रोल एडमिनिस्ट्रेटर की तरह है। एक्ट एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर एलजी का रोल तय करता है। एडमिनिस्ट्रेटर के विधायी अधिकार में दिल्ली सरकार के सलाह को मानना बाध्यकारी नहीं है। केंद्र और राज्य सरकार के काम अलग-अलग हैं अडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि एडमिनिस्ट्रेटर को कुछ पावर विधान से मिले हुए हैं। इस पर जस्टिस नरसिम्हा ने सवाल किया कि क्या एलजी को जो एडमिनिस्ट्रेटर के दौर पर अधिकार दिया गया है कि वह स्वतंत्र हैं? दिल्ली सरकार की ओर से दलील पेश करते हुए सीनियर एडवोकेट सिंघवी कहा है कि एलजी को कोई अलग से पावर नहीं दिया गया है कि वह एमसीडी में एल्डरमैन को नॉमिनेट करें। पिछले 30 साल की प्रैक्टिस यही रही है कि वह एलजी दिल्ली सरकार के सलाह से एल्डरमैन की नियुक्ति करते रहे हैं। सिंघवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दो संवैधानिक बेंच का फैसला आ चुका है, जिसमें दिल्ली सरकार के सलाह से एलजी काम करेंगे यह तय है। एलजी ने कभी बिना मिनिस्टर के सलाह के एल्डरमैन को नॉमिनेट नहीं किया। इस पर अडिशनल अडिशनल सॉलिसिटर जनरल जैन ने कहा कि कोई प्रैक्टिस 30 साल से चल रही थी इसका मतलब यह नहीं हो जाता है कि वह सही ही हो। सिंघवी ने कहा कि अगर अडिशनल सॉलिसिटर जनरल की दलील को स्वीकार कर लिया जाए तो एक के बाद एक तमाम एलजी ने गलती की है। चीफ जस्टिस ने कहा कि एलजी को एल्डरमैन को नॉमिनेट करने का अधिकार होने से वास्तविक स्थिति यह होगी कि वह लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुए एमसीडी को अस्थिर कर सकते हैं। एल्डरमैन एमसीडी के स्टैंडिंग कमिटी को नियुक्त करने में वोटिंग करते हैं। अडिशनल सॉलिसिटर जनरल जैन ने कहा कि नॉमिनेटेड मेंबर को ज्यादा अधिकार नहीं है। तब सिंघवी ने कहा कि एल्डरमैन वॉर्ड कमिटी को नियुक्त करता है और उन्हें ऐसे वॉर्ड कमिटी के मामले में वोटिंग का अधिकार है।

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