राहुल गांधी 28 मई को जाएंगे अमेरिका, लोगों ने पूछा- कैम्ब्रिज के बाद स्टैनफोर्ड

नई दिल्ली

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी 28 मई को अमेरिका के लिए रवाना होंगे। वह स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद 29-30 मई को राहुल गांधी प्रवासी भारतीयों से भी मिलेंगे और उनसे बातचीत करेंगे। वहीं सोशल मीडिया पर यूजर ने राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा को लेकर कई तरह के कमेंट किए हैं। यूजर पूछ रहे हैं कि कैम्ब्रिज के बाद अब स्टैनफोर्ड। बता दें, राहुल गांधी का कैम्ब्रिज भाषण चर्चा का विषय रहा था।

पहले राहुल के 31 मई को जाने की थी चर्चा
इससे पहले 16 मई को सूत्रों ने कहा था कि राहुल गांधी 31 मई से यूएसए की 10 दिवसीय यात्रा जाएंगे। सूत्रों ने कहा था कि 4 जून को गांधी न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में लगभग 5,000 एनआरआई की रैली करेंगे। साथ ही वो स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एक पैनल चर्चा और भाषण के लिए वाशिंगटन और कैलिफोर्निया जाएंगे। जहां वे राजनेताओं और उद्यमियों से भी मिलेंगे।

इस बीच प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 22 जून को संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान पीएम मोदी की मेजाबनी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिल बाइडेन द्वारा व्हाइट हाउस में रात्रिभोज में की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह एक प्रेस बयान के माध्यम से इसकी जानकारी दी थी।

मार्च, 2023 में अपनी लंदन यात्रा के दौरान राहुल गांधी मीडिया की सुर्खियों में छाए रहे थे। राहुल गांधी का कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में भाषण देना काफी चर्चा में रहा था। इस दौरान गांधी ने लंदन में एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स द्वारा आयोजित सम्मेलन और लंदन में चैथम हाउस थिंक टैंक में भी भाग लिया था।

भारत में मीडिया और न्यायपालिका पर नियंत्रण है: राहुल गांधी
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि हर कोई जानता है और यह सब खबरों में भी है कि भारतीय लोकतंत्र हमला किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कैम्ब्रिज में बिजनेस स्कूल के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत में मीडिया और न्यायपालिका नियंत्रण में है। मेरे फोन में पेगासस से जासूसी होती है। खुफिया अधिकारियों ने मुझे बताया कि आपका फोन रिकॉर्ड हो रहा है। मेरे ऊपर आपराधिक मामले दर्ज कराए गए हैं।’

राहुल गांधी ने कहा था कि हम ऐसी दुनिया बनते हुए नहीं देख सकते, जो लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ी हुई न हो। राहुल गांधी के संबोधन का विषय ‘लर्निंग टू लिसेन इन इन 21 सेंचुरी’ था। इस दौरान उन्होंने कहा, दुनिया में लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए नई सोच की जरूरत की बात कही। साथ ही ये भी कहा कि इसे किसी पर थोपा न जाए। कांग्रेस नेता ने भारत और अमेरिका जैसे लोकतांत्रिक देशों में निर्माण क्षेत्र में गिरावट का जिक्र भी किया था।

 

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