SC को मिल गए दो नए जस्टिस, 2030 में चीफ जस्टिस बनेंगे वकील से जज बने के वेंकटरमन विश्वनाथन

नई दिल्ली

चीफ जिस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्पति वेंकटरमन विश्वनाथन को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के तौर पर पद की शपथ दिलाई।चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने शीर्ष अदालत के सभागार में आयोजित शपथ-ग्रहण समारोह में नए जजों को पद की शपथ दिलाई। जस्टिस मिश्रा और जस्टिस विश्वनाथन के शपथ लेने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 34 हो गई है। यानी सुप्रीम कोर्ट अब फुल बेंच के साथ काम करेगा। हालांकि, शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की पूर्ण संख्या कुछ समय के लिए ही रहेगी क्योंकि शुक्रवार को तीन जज का अंतिम कार्य दिवस भी है। ये जज जून में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

जस्टिस के एम जोसफ, जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम अगले महीने ग्रीष्मावकाश के दौरान सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ग्रीष्मावकाश 22 मई से दो जुलाई तक रहेगा। जस्टिस विश्वनाथन 11 अगस्त, 2030 को जस्टिस जे बी पारदीवाला के सेवानिवृत्त होने के बाद भारत के प्रधान न्यायाधीश बनेंगे और 25 मई, 2031 तक इस पद पर रहेंगे। जस्टिस मिश्रा और जस्टिस विश्वनाथन की शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति का वारंट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यालय से गुरुवार को जारी किया गया था। उनकी नियुक्ति की घोषणा नए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ट्विटर पर की थी।

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