अमेरिका की धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट में BJP का 28 बार जिक्र, भारत ने बताया प्रेरित और पक्षपाती

नई दिल्ली,

अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी विदेश विभाग की 2022 की रिपोर्ट पर विवाद छिड़ गया है. भारत ने मंगलवार को इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे ‘त्रुटिपूर्ण’, ‘प्रेरित’ और ‘पक्षपातपूर्ण’ बताया है. हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति के बारे में अमेरिका की तरफ से इस तरह की रिपोर्ट जारी की गई है. मंगलवार को इस रिपोर्ट पर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने एक बयान में कहा- हम अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी विदेश विभाग की 2022 रिपोर्ट जारी होने से अवगत हैं. अफसोस की बात है कि इस तरह की रिपोर्ट्स अब भी गलत सूचना और गलत समझ पर आधारित हैं. उन्होंने कहा, कुछ अमेरिकी अधिकारियों की ओर से पक्षपाती टिप्पणी की गई है, जो इन रिपोर्ट्स की विश्वसनीयता को कम करने का काम करती है. हम अमेरिका के साथ अपनी साझेदारी को अहमियत देते हैं और और हमारे लिए चिंता के मुद्दों पर खुलकर आदान-प्रदान करना जारी रखेंगे.

अमेरिका के विदेश मंत्री ने जारी की है रिपोर्ट
इससे पहले सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता कार्यालय के राजदूत राशद हुसैन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रूस, भारत, चीन और सऊदी अरब समेत कई देशों की सरकारें अपनी सीमाओं के भीतर खुलेआम धार्मिक समुदायों के सदस्यों को निशाना बनाती रही हैं. बता दें कि ‘अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता’ पर वार्षिक रिपोर्ट को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने जारी किया है. इसमें दुनियाभर के देशों में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति के बारे में लिखा गया है.

रिपोर्ट में बीजेपी, विहिप और बजरंग दल का जिक्र
बताते चलें कि भारत को लेकर इस रिपोर्ट में सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी को निशाने पर लिया गया है. इस रिपोर्ट में करीब 28 बार बीजेपी का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा, विश्व हिंदू परिषद का 24 बार और बजरंग दल का 7 बार उल्लेख किया गया है. इस रिपोर्ट में देशभर के भाजपा नेताओं के बयानों के बारे में भी लिखा गया है. कथित भाषणों को भड़काऊ या विभाजनकारी बताया है.

नेताओं के बयानों को बताया गया है घृणित और विभाजनकारी
रिपोर्ट में लिखा- भाजपा नेता हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कथित तौर पर मुसलमानों को लेकर कहा कि आग लगा दी जानी चाहिए. वहीं, केरल के पूर्व विधायक पीसी जॉर्ज ने हिंदुओं और ईसाइयों से मुसलमानों द्वारा चलाए जा रहे रेस्टोरेंट में भोजन नहीं करने की अपील की. राजस्थान में पूर्व बीजेपी विधायक ज्ञान देव आहूजा ने गौहत्या के संदेह में मुसलमानों को मारने के लिए हिंदुओं को प्रोत्साहित किया.

पीएम मोदी के दौरे से पहले अमेरिका ने दिया झटका, जारी की ये रिपोर्ट
रिपोर्ट में बीजेपी की तत्कालीन प्रवक्ता नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल द्वारा पैगम्बर मुहम्मद के बारे में टेलीविजन पर की गई टिप्पणी का भी जिक्र है, जिसके बाद हिंसक विरोध और आगजनी की घटनाएं हुई थीं. हैदराबाद में गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा का भी उल्लेख किया गया है, जहां उन्होंने तेलंगाना में लोगों से कहा था कि 2023 के अंत में होने वाले चुनाव में अगर बीजेपी को वोट दिया तो राज्य में धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए शैक्षिक कोटा समाप्त किया जाएगा.

बिलकिस बानो, जुबैर और खालिद के मामलों का भी जिक्र
रिपोर्ट में मोहम्मद जुबैर, बिलकिस बानो, उमर खालिद जैसे लोगों के नाम भी सामने आए. रिपोर्ट में ना केवल अल्पसंख्यकों, बल्कि सभी समुदायों के लोगों के खिलाफ कथित घृणा अपराध के सभी मामलों का विवरण दिया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 अगस्त को मुस्लिम बिलकिस बानो के साथ बलात्कार करने और 2002 में उसके परिवार के 14 सदस्यों की हत्या करने के दोषी 11 लोगों को गुजरात में 15 साल जेल की सजा काटने के बाद रिहा कर दिया गया.

 

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