पायलट को शेखावत मामले में भी बोलना चाहिए, संजीवनी घोटाले में अब सचिन को घेरने में लगे रंधावा

जयपुर/जोधपुर

संजीवनी घोटाले को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट लगातार घिरते नजर आ रहे हैं। अब राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी संजीवनी घोटाले को लेकर पायलट पर सवाल उठा दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए पायलट पर तंज कसा कि पायलट को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर भी कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। उधर रंधावा के इस बयान के बाद कांग्रेस की राजनीति में सियासत फिर गरम हो गई है। इससे पहले जोधपुर में जिला कांग्रेस कमेटी के तीन पदाधिकारियों ने पायलट और शेखावत की मिलीभगत के आरोप का एक पोस्टर लगाकर बवाल पैदा कर दिया था। जिसको लेकर सचिन पायलट खेमें में अभी भी बवाल मचा हुआ है।

संजीवनी घोटाले को लेकर भी करनी चाहिए बात
रंधावा ने पायलट को संजीवनी घोटाले मामले में घेरते हुए सवाल दागा है। इसमें उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बात उठाना ठीक बात है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जरूर गुस्सा होता है। मैं भी यही चाहता हूं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हो। लेकिन उन्होंने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के घोटाले मामले में कोई बात नहीं की। जबकि अब तक संजीवनी घोटाले को लेकर केंद्रीय मंत्री शेखावत के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मुद्दे को भी तो पायलट को उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं भी भ्रष्टाचार के खिलाफ हूं और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हो।

पार्टी की मीटिंग में क्यों नहीं रखे गए मुद्दे
रंधावा ने पायलट पर सवाल करते हुए कहा कि पायलट ने पार्टी की मीटिंग में अपने मुद्दे क्यों नहीं रखे। पायलट ने जो यात्रा निकाली है। उससे पहले पार्टी मीटिंग में बात होनी चाहिए। इस मीटिंग में पायलट को अपने मुद्दे रखने चाहिए। बैठक में पूरे कांग्रेस के नेता बैठे रहते हैं। वही इसकी बात होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पायलट की यात्रा उनकी निजी यात्रा थी। इस यात्रा से पार्टी का कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी की मीटिंग में वहां बात नहीं होती तो कह सकते कि उनकी नहीं सुनी गई और जवाब नहीं दिया गया। लेकिन उन्होंने इन मुद्दों को पार्टी की मीटिंग में नहीं रखा।

पायलट सही तथ्य के साथ बात रखते तो मैं उनके साथ हूं
इस दौरान प्रभारी रंधावा ने कहा कि अगर सचिन पायलट पूरे तथ्य रखकर आरोप लगाते तो सुखजिंदर सिंह पहला आदमी होगा, जो उनके साथ रहेगा। मैं खुद मुख्यमंत्री से इन मामलों की टाइम बाउंड जांच करवाकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल करवाने के लिए बात करता। उन्होंने कहा कि पायलट के आंदोलन में दिए गए अल्टीमेटम के मामले में मुख्यमंत्री गहलोत ही जवाब देंगे। लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा। अगर कोई गड़बड़ी की बात है, तो सीधे यह कहना जांच होनी चाहिए। इसकी अपेक्षा पूरे तथ्य के साथ पायलट इस मुद्दे को लेकर आते, जो बात आगे बढ़ पाती।

मैं तो रोज ही हाईकमान को रिपोर्ट भेजता हूं
इस दौरान मीडिया ने राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से पायलट के मामले में रिपोर्ट भेजने को लेकर सवाल किया गया। इसका जवाब देते हुए रंधावा ने कहा कि मैं तो पार्टी हाईकमान को रोज ही रिपोर्ट भेजता हूं। इसमें कौन क्या कर रहा है और कौन कांग्रेस के लिए काम कर रहा है। कौन कांग्रेस के खिलाफ काम कर रहा है। इसको लेकर हर रोज मैं हाईकमान को रिपोर्ट भेज देता हूं। रंधावा ने गहलोत और पायलट के बीच चल रहे बवाल को लेकर पार्टी में हो रहे नुकसान के सवाल पर कहा कि राजनीति में कोई किसी का स्थाई दोस्त नहीं होता है और नहीं कोई दुश्मन। इसलिए राजनीति में यह सब चलता रहता है।

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