अचानक निकलने लगे 2000 के नोट, इन जगहों पर सबसे ज्यादा खपाने की कोशिश!

नई दिल्ली,

बैंकों में आज से 2000 रुपये के नोटों को बदलने की शुरुआत हो चुकी है. बड़ी संख्या में लोग नोट बदलने के लिए बैंकों के बाहर कतार में खड़े नजर आ रहे हैं. इस बीच लोग 2000 रुपये को नोटों को बदलने के लिए पेट्रोल पंपों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं. राजधानी दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर 2000 रुपये के नोट बड़ी संख्या में आ रहे हैं. 2000 रुपये के नोटों का इस्तेमाल कर फ्यूल भरवाने वालों की संख्या में लगभग 90 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है. पेट्रोल पंप डीलरों ने कहा कि 2000 रुपये के नोट को वापस लेने की घोषणा से पहले कैश में सेल्स पहले सिर्फ 10 फीसदी थी.

छोटी खरीदारी के लिए 2000 के नोट का इस्तेमाल
ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने कहा कि ज्यादातर ग्राहक 100-200 रुपये की छोटी खरीदारी के लिए भी 2000 रुपये के नोटों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं. पेट्रोल पंप डीलर ग्राहकों से अनुरोध कर रहे हैं कि वे फ्यूल की खरीद के लिए कार्ड या डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करें.

2000 रुपये के नोट की वापसी को लेकर आए फैसले से पहले पेट्रोल पंप पर 2,000 रुपये के नोटों के माध्यम से केवल 10 फीसदी फ्यूल की बिक्री होती थी. लेकिन अब हमारे आउटलेट पर लगभग 90 प्रतिशत नककी केवल 2,000 रुपये के नोटों के रूप में है.

नोटों की खपत का आउटलेट बने पेट्रोल पंप
8 नवंबर, 2016 को लगभग 86 प्रतिशत करेंसी नोटों के डिमोनेटाइजेशन के बाद पेट्रोल पंपों और कुछ अन्य दैनिक आवश्यक सेवाओं को पुराने 500 और 1,000 रुपये के नोट स्वीकार करने की अनुमति दी गई थी. इस बार भी पेट्रोल पंप बंद होने वाले नोटों की खपत का आउटलेट बन गए हैं.

बंसल ने कहा कि हम आरबीआई से यह भी अनुरोध करते हैं कि वह बैंकों को पर्याप्त छोटे मूल्यवर्ग के नोट उपलब्ध कराने के लिए दिशानिर्देश दें. उन्होंने कहा कि हमारा डिजिटल पेमेंट रोजाना की सेल्स का 40 प्रतिशत हुआ करता था, जो अचानक से 10 प्रतिशत हो गया है. क्योंकि ग्राहक 2000 रुपये के नोटों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

दुकानदारों के पास भी पहुंच रहे हैं 2000 के नोट
राजधानी दिल्ली में व्यापारी इस बात से हैरान हैं कि अधिकांश ग्राहक केवल 2000 रुपये के नोट लेकर ही आ रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में यूपीआई से पेमेंट में कमी आई है. व्यापारियों ने कहा कि वे 2000 रुपये के नोट स्वीकार कर रहे हैं. रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को ऐलान किया था कि 2000 रुपये के नोट वापस लिए जाएंगे. इसके बाद लोग दुकानों पर 100-200 रुपये का सामान खरीदने के लिए भी 2000 रुपये का नोट लेकर पहुंच रहे हैं.

आचानक बढ़ गई नकदी
सरोजिनी नगर बाजार के एक व्यापारी ने कहा कि उसने पिछले महीनों में 2000 रुपये के नोट नहीं देखे थे, लेकिन अब हर दूसरा व्यक्ति सामान खरीदने के लिए यही नोट को लेकर आ रहा है. व्यापारियों ने कहा कि अचानक से कैश लेकर आने वाले लोग बढ़ गए हैं. परसों तक हर कोई यूपीआई करना चाहता था और अब अचानक से वे नकदी लेकर आ रहे हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या व्यापारी नोट स्वीकार कर रहे हैं. इसपर सरोजिनी नगर मिनी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने बताया कि हमने व्यापारियों से कहा है कि यदि वे कर सकते हैं तो नोट स्वीकार करें, क्योंकि यह हमारे व्यवसाय को प्रभावित कर रहा है. कई लोग सिर्फ 2000 रुपये के नोट से छुटकारा पाने के लिए खरीदारी करने आ रहे हैं. इसलिए उन्हें यूपीआई के जरिए पेमेंट करने के लिए कहने का कोई मतलब नहीं है.

 

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