बिजली बिल मांगने पर पिटाई, बस किराये पर भी लड़ाई… कांग्रेस के ‘फ्री’ वादों पर जनता कंफ्यूज!

बेंगलुरु,

कर्नाटक में ऐतिहासिक जीत हासिल कर कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की है. इस बड़ी जीत के पीछे कांग्रेस के 5 वादों का भी अहम योगदान रहा, जो पार्टी ने जनता से किए थे. वहीं शपथग्रहण के बाद ही राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी की पहली कैबिनेट बैठक हुई और इन सभी वादों पर मुहर लगाई गई. हालांकि अब कर्नाटक की जनता फ्री वाले वादों को लेकर कंफ्यूज नजर आ रही है. यही कारण है कि जगह-जगह से विवाद के मामले सामने आ रहे हैं.

दरअसल, कांग्रेस ने चुनाव से पहले जनता को जो 5 गारंटी दी थीं, उनमें 200 यूनिट तक फ्री बिजली और सरकारी बसों में महिलाओं के लिए फ्री सफर की सुविधा भी शामिल है. लेकिन इन दोनों गारंटी को लेकर आम जनता और सरकारी विभागों के कर्मचारियों के बीच विवाद सामने आ रहे हैं. एक तरफ लोग बिजली बिल देने से इनकार कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ महिलाएं सरकारी बसों में टिकट खरीदने से मना कर रही हैं.

लोगों का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने ये चीजें फ्री कर दी हैं और वह इसके लिए अब पैसे नहीं चुकाएंगे. वहीं, कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि फिलहाल वादे लागू नहीं किए गए हैं, इन पर विभागों से जानकारी मांगी गई है और जल्द ही सभी 5 गारंटी लागू कर दी जाएंगी.

बेलागावी के ग्रामीणों ने बिजली बिल भरने से किया इनकार कर दिया है. जिले में कई तरह के ऐसे मामले सामने आए हैं. लोगों ने विद्यत विभाग के अधिकारियों से अपने बिजली के मीटर हटाने को कहा है. उनका कहना है कि कांग्रेस ने मुफ्त बिजली देने का वादा किया था.

इससे पहले, कोप्पल, कलाबुरगी और चित्रदुर्ग जैसे जिलों के गांवों के लोगों ने भी कथित तौर पर बिजली बिलों का भुगतान करने से इनकार कर दिया था. उन्होंने दावा किया कि उन्हें अपने बिलों का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कांग्रेस ने सत्ता में आने पर मुफ्त बिजली देने की बात कही थी.

बस किराये पर लड़ाई
वहीं रायचुर जिले में सरकारी बस में फ्री सफर करने को लेकर एक मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने बस का टिकट लेने से इनकार कर दिया. महिला ने कांग्रेस की मुक्त गारंटी का हवाला देते हुए कहा कि हमने कांग्रेस को वोट दिया है, इसलिए हम टिकट नहीं खरीदेंगे. इसको लेकर बस कंडक्टर और महिला के बीच काफी कहासुनी हुई.

कोप्पल में बिजली कंपनी के कर्मचारी की पिटाई
कर्नाटक के कोप्पल में एक व्यक्ति ने गुलबर्गा इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड (GESCOM) के एक कर्मचारी पर उस समय हमला कर दिया जब उससे उसकी बिजली की बकाया राशि का भुगतान करने के लिए कहा गया. घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी की पहचान चंद्रशेखर हिरेमत के रूप में हुई है. आरोपी ने साफ इनकार कर दिया है कि वह किसी भी हाल में बिल नहीं भरेगा क्योंकि कांग्रेस ने फ्री बिजली का वादा किया था.

प्रियांग खड़गे बोले- कुछ हफ्ते की और बात है
फ्री वादों को लेकर राज्य के लोगों में जो कन्फ्यूजन है, इस पर कांग्रेस विधायक प्रियांक खड़गे ने कहा कि पहली कैबिनेट मीटिंग में सब चीजों पर चर्चा हुई और सहमति बनी. हमने सभी विभागों को आर्थिक रूपरेखा के साथ आने का आदेश दिया है. हम जनता को मझधार में नहीं छोड़ेंगे. यह कुछ हफ़्ते की बात और है. सभी वादे पूरे किए जाएंगे.

पूर्व सीएम ने कांग्रेस पर साधा निशाना
फ्री वादों को लेकर विपक्षी पार्टियों ने भी कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. जेडीएस प्रमुख और पूर्व मुख्यंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि सीएम ने अपने चुनावी भाषण में क्या कहा? हमारी पार्टी के सत्ता में आते ही सभी के लिए बिजली मुफ्त होगी. अगर वह अपनी बात नहीं रखेंगे तो वह इस्तीफा दे देंगे. अब वह कहते हैं कि हमें गाइडलाइन बनानी होगी.

क्या हैं पांच वायदे
1- कांग्रेस पार्टी ने पहला वादा किया था कि हर परिवार को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी.
2- दूसरा वादा है, ग्रैजुएट बेरोजगार को 3 हजार रुपये मासिक भत्ता और डिप्लोमा होल्डर्स छात्रों को डेढ़ हजार रुपये मासिक भत्ता.
3- कांग्रेस का तीसरा वादा है, प्रत्येक परिवार की एक महिला को दो हजार रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा.
4- हर गरीब व्यक्ति को 10 किलोग्राम मुफ्त अनाज.
5- 5वां वादा है, हर महिला को सरकारी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी

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