सर्वे: 2024 में मोदी के सामने होंगे राहुल ही? ‘भारत जोड़ो’ का असर देख गदगद होंगे कांग्रेसी

नई दिल्ली

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जब कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल यात्रा पूरी की तो भाजपा ने कई तरह से आलोचना की थी। भारत पहले से जुड़ा है, इसकी जरूरत ही क्या है… ऐसी बातें कही गईं। उधर, कांग्रेस के खेमे में मानो जान आ गई हो। पहले हिमाचल और अब कर्नाटक में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के बाद मुख्य विपक्षी दल के तौर पर कांग्रेसी खुद को प्रोजेक्ट करने लगे हैं। इसमें सबसे बड़ा क्रेडिट राहुल गांधी को दिया जा रहा है। अब एनडीटीवी-सीएसडीएस के सर्वे से पता चला है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा बेअसर नहीं रही, बल्कि इसने कमाल कर दिया है। जी हां, 2024 में अगर कांग्रेस पार्टी भाजपा के सबसे बड़े और करिश्माई चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने राहुल गांधी को चुनौती के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है तो उसकी सबसे बड़ी ताकत यात्रा बनी। 19 राज्यों के 7200 लोगों पर किए गए सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि 2024 में नरेंद्र मोदी को कौन चुनौती दे सकता है तो सबसे ज्यादा समर्थन राहुल गांधी के पक्ष में था।

कांग्रेस के लिए शुभ संकेत
इस सर्वे से एक बात और साफ हो जाती है कि विपक्षी एकजुटता अगर आगे दिखती है तो कांग्रेस की भूमिका बड़ी रहने वाली है। संभव है कि पीएम कैंडिडेट भी कांग्रेस से ही हो। वह बात अलग है कि घोषणा यह कहकर टाल दी जाए कि नतीजे आने के बाद इसका फैसला होगा। वैसे, भाजपा के लिए फिलहाल कोई बड़ी टेंशन की बात नहीं है क्योंकि सर्वे के मुताबिक पीएम के तौर पर ज्यादातर लोगों की पसंद अब भी नरेंद्र मोदी हैं। हालांकि सच यह भी है कि भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल गांधी के पक्ष में समर्थन बढ़ रहा है। 43 प्रतिशत लोगों ने मोदी को तीसरा कार्यकाल देने की बात कही है, जबकि 27 प्रतिशत लोग राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। वैसे यह अंतर काफी ज्यादा है लेकिन यह भी सच है कि 2024 के चुनाव में अभी कुछ महीने बाकी हैं। ऐसे में कांग्रेसियों के लिए शुभ संकेत यह जरूर हो सकता है कि राहुल के पक्ष में समर्थन बढ़ रहा है। सर्वे के मुताबिक यात्रा के बाद धीरे-धीरे ही सही उनकी लोकप्रियता का ग्राफ बढ़ा है।

एनडीटीवी-लोकनीति-सीएसडीएस सर्वे के मुताबिक खास बात यह है कि 2019 से 2023 के बीच पीएम मोदी की पॉपुलरिटी 44 से घटकर 43 प्रतिशत रह गई है। जबकि राहुल की लोकप्रियता 24 प्रतिशत से बढ़कर 27 प्रतिशत हो गई है। मोदी को 25 प्रतिशत लोग अच्छे वक्ता के कारण पसंद करते हैं जबकि 26 प्रतिशत लोग राहुल को हमेशा से पसंद करते आ रहे हैं।

यात्रा से राहुल को कितना फायदा?
सर्वे में शामिल 27 फीसदी लोगों ने कहा कि वे हमेशा से राहुल गांधी को पसंद करते आए हैं जबकि 15 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे भारत जोड़ो यात्रा के बाद उनके प्रशंसक बने। यह आंकड़ा भले ही कम दिखे लेकिन एक बड़े शिफ्ट का संकेत दे रहा है। कांग्रेस इसे अपने लिए अच्छी खबर और भाजपा टेंशन की बात मान सकती है। कांग्रेस ने कुछ महीने पहले जोर-शोर से भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी। राहुल गांधी तिरंगे झंडे के साथ सफेद टीशर्ट में ही शहर-गांव से होकर निकले। रास्ते में कई क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियां भी उनके साथ पैदल चलती दिखीं। पीएम की पसंद के सवाल में तीसरे नंबर पर केजरीवाल 11 प्रतिशत समर्थन के साथ रहे। इससे साफ हो जाता है कि विपक्ष में राहुल ही फिलहाल मोदी को चुनौती देने की स्थिति में हैं।

136 दिनों में 12 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों के 75 जिलों से होकर कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा निकली थी। कांग्रेस ने कहा था कि इस यात्रा का उद्देश्य भारत को एकजुट करने के साथ ही देश को मजबूत करना है। यात्रा 7 सितंबर 2022 को कन्याकुमारी से शुरू हुई और 136 दिनों के बाद लगभग 4000+ किलोमीटर की दूरी तय कर कश्मीर में पूरी हुई। कर्नाटक जीत के बाद अब कांग्रेस 2024 में भी यात्रा इफेक्ट की उम्मीद लगाए बैठी है।

 

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