9.1 C
London
Tuesday, March 31, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयजाफर... पाकिस्तान में 48 घंटों में 57 हमले, TTP और BLA ने...

जाफर… पाकिस्तान में 48 घंटों में 57 हमले, TTP और BLA ने मिलकर पाकिस्‍तानी आर्मी को कर दिया बेबस, क्या शुरू होगा गृहयुद्ध?

Published on

इस्लामाबाद

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बीते हफ्ते मंगलवार को बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर सरकार और सेना को हिला दिया है। पाकिस्तानी फौज ने तकरीबन 40 घंटे के ऑपरेशन के बाद ट्रेन को छुड़ाया। पाकिस्तान इस घटना से बाहर निकलने की कोशिश कर ही रहा था कि शनिवार को बलूचिस्तान के नोशकी में सैन्य काफिले पर हमला हो गया। बीएलए ने नोशकी में पाक सेना के 90 जवानों को मार डालने का दावा किया है। इन दो बड़े हमलों के अलावा भी 50 से ज्यादा अटैक पाकिस्तान में दो दिन के भीतर हुए हैं। इससे ये सवाल पूछा जाने लगा है कि क्या पाकिस्तान गृहयुद्ध जैसी स्थिति की तरफ बढ़ रहा है।

पाकिस्तान में बीते हफ्ते के आखिरी दो दिनों में यानी शनिवार और रविवार को 57 हमले हुए हैं। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने 48 घंटे में 57 हमले करने की जिम्मेदारी ली है। इन हमलों में स्नाइपर शॉट, फायर रेड, IED अटैक से लेकर आत्मघाती हमले तक शामिल हैं। इन हमलों में 16 लोगों की मौत और 46 लोग घायल होने की बात पाक सरकार ने मानी है। इनमें बलूचिस्तान में हुआ आत्मघाती बम विस्फोट सबसे घातक था।

देश के बड़े हिस्से में हिंसा
जाफर एक्सप्रेस के बाद पैदा हुए हालात में पाकिस्तान के तीन प्रांतों के 23 जिलों में हिंसा देखी गई है। बलूचिस्तान में हिंसा पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं है लेकिन दूसरे सूबों में हमले सरकार और सेना के लिए चिंता का सबब है। खासौतर से बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वाह के कुछ इलाकों के बारे में दावा किया जा रहा है कि यहां बीएलए और टीटीपी ने अपना नियंत्रण कर लिया है। पाक सेना ने कहा है कि वह इन गुटों से सख्ती से निपटेगी, ऐसे में देश का बड़ा क्षेत्र गृहयुद्ध जैसे हालात में जाता दिख रहा है।

पाकिस्तानी एक्सपर्ट का मानना है कि जफर एक्सप्रेस हाईजैकिंग के वाकये के बाद देश एक बहुआयामी हमले का सामना कर रहा है। इसमें एक ओर बीएलए और टीटीपी की ओर से बढ़ती हिंसा की चुनौती है तो दूसरी ओर अफगानिस्तान बॉर्डर है। अफगान सीमा पर अवैध आर्थिक गतिविधियां, खासतौर से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी पाकिस्तान के लिए बड़ी मुश्किल का सबब बनती जा रही है। ऐसे में पहले ही खराब आर्थिक स्थिति और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे पाकिस्तान के सामने अस्तित्व को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।

Latest articles

सड़क चौड़ीकरण: हटेंगी लेबर कॉलोनी की 55 दुकानें और 38 मकान, विरोध तेज

भोपाल। शहर में इंद्रपुरी-भवानीशाह क्षेत्र की सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत प्रशासन द्वारा लेबर...

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...