नए संसद भवन के उद्घाटन में शामिल होगी YSR कांग्रेस और BJD, साफ नहीं तेलंगाना की BRS का रुख

अमरावती\हैदराबाद\भुवनेश्वर

कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों ने बुधवार को ऐलान किया कि वे संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करेंगे। ऐसे में आंध्रप्रदेश और ओड‍िशा सरकार के फैसले ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी की अगुवाई वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YRSCP) नए संसद भवन के उद्घाटन के बहिष्कार में विपक्षी दलों के साथ नहीं आएगी। वाईएसआरसीपी के सूत्रों ने पुष्टि की कि पार्टी के सांसद उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। वहीं ओड‍िशा में नवीन पटनायक की अगुवाई वाली बीजू जनता दल (BJD) ने भी नए संसद भवन के उद्घाटन में शामिल होने का ऐलान क‍िया है। इसके अलावा भारत राष्ट्र समिति (BRS) के सांसद गुरुवार को फैसला करेंगे कि उनकी पार्टी 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल होगी या उसका बहिष्कार करेगी।

वाईएसआरसीपी संसदीय दल के नेता वी. विजयसाई रेड्डी और पार्टी के सांसद 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। विजयसाई रेड्डी ने पहले ही उद्घाटन का स्वागत किया है। उन्होंने ट्वीट किया क‍ि नई इमारत एक ऐसे भारत का चित्रण है जो आधुनिक, आत्मनिर्भर और गौरवान्वित है। आखिरकार हमारे पास एक ऐसी इमारत है, जो एक लोकतांत्रिक देश की संसद के रूप में काम करने के लिए बनाई गई है।

वाईएसआरसीपी के उद्घटन में भाग लेने का फैसला आश्चर्यजनक नहीं है, क्योंकि पार्टी ने केंद्र में बीजेपी की अगुआई वाली सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों का आनंद उठाया था। जब से वाईएसआरसीपी चार साल पहले राज्य में सत्ता में आई, उसने मोदी सरकार के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखे। इसने संसद में प्रमुख विधेयकों को पारित करने में महत्वपूर्ण समर्थन दिया। इसने तीन तलाक के अपराधीकरण और जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करने जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों का भी समर्थन किया। जगन की पार्टी ने भी तीन विवादास्पद कृषि कानूनों पर एनडीए सरकार का साथ दिया।

वाईएसआरसीपी ने 2017 और 2022 दोनों में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों में एनडीए उम्मीदवारों को समर्थन दिया। महत्वपूर्ण मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरने के लिए वाईएसआरसीपी कभी भी विपक्षी दलों के किसी भी प्रयास का हिस्सा नहीं रही है। राजनीतिक विश्लेषक इसे जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पार्टी की मुख्य विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) की मजबूरी के रूप में देखते हैं, जो भाजपा के साथ अपने गठबंधन को पुनर्जीवित करने की इच्छुक है।

बीआरएस 25 मई को करेगी फैसला
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के सांसद बृहस्पतिवार को फैसला करेंगे कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल होगी या उसका बहिष्कार करेगी। बीआरएस के प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेख राव को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कटु आलोचक माना जाता है। पिछले कुछ समय से वह विपक्षी दलों के बीजेपी के खिलाफ एकजुट करने का भी प्रयास करते रहे हैं। तेलंगाना की सत्तारूढ़ पार्टी ने पहले मांग की थी कि राष्ट्र निर्माण और भारत का संविधान बनाने में डॉ. बी. आर. आंबेडकर के योगदान को सम्मान देने के लिए नए भवन का नाम उनके नाम पर रखा जाए। बीआरएस संसदीय दल के नेता के केशव राव ने कहा क‍ि उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होना है या नहीं, इस पर हम कल (25 मई) फैसला करेंगे।

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