यहां पीएम के हत्यारे तक की सजा माफ कर दी जाती है… यासीन मलिक पर महबूबा मुफ्ती ने की रिव्यू की मांग

श्रीनगर

पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि टेरर फंडिंग मामले में सजायाफ्ता यासीन मलिक के मामले की समीक्षा और पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में एक प्रधानमंत्री के हत्यारे की भी सजा माफ कर दी जाती है। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की ओर से अलगाववादी नेता मलिक को मौत की सजा का अनुरोध किए जाने के बाद महबूबा मुफ्ती की यह टिप्पणी आई है। यासीन मलिक को आतंकवाद के वित्त पोषण के एक मामले में पिछले साल दिल्ली की एक निचली अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी।

महबूबा ने अपने पार्टी के पूर्व नेता अल्ताफ बुखारी की भी आलोचना करते हुए कहा कि जो लोग मलिक को फांसी दिए जाने की मांग कर रहे हैं, वे हमारे सामूहिक अधिकारों के लिए एक गंभीर खतरा हैं। अपनी पार्टी के प्रमुख बुखारी ने कहा है कि देश की सुरक्षा को खतरा पैदा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ प्रतिरोधक उपाय किए जाने चाहिए।

29 मई को होगी सुनवाई
महबूबा ने ट्विटर पर कहा, ‘भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में, जहां प्रधानमंत्री के हत्यारे तक की सजा माफ कर दी जाती है, वहां यासीन मलिक जैसे राजनीतिक कैदी के मामले की अवश्य ही समीक्षा और पुनर्विचार किया जाना चाहिए।’एनआईए ने शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट का रुख कर कश्मीरी अलगाववादी नेता को मौत की सजा दिए जाने का अनुरोध किया। एनआईए की याचिका को न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ के समक्ष 29 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

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