पहलवानों की हुई रिहाई, दिल्ली बॉर्डर से किसानों को लेकर लौटे राकेश टिकैत

नई दिल्ली,

पहलवानों के समर्थन में गाजियाबाद बॉर्डर पर डटे किसान अब वापस हो गए हैं. असल में किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में यहां पहलवानों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था., लेकिन उनकी रिहाई के बाद राकेश टिकैत ने धरना प्रदर्शन खत्म करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि, कुछ लोगों को छोड़ा गया है. पहलवानों को उनका समर्थन हैं. जिन लोगों ने भी उन्हें समर्थन किया उनका धन्यवाद हैं. अब धरना खत्म कर किसान यहां से वापस लौटेंगे.

बता दें कि पहलवानों के खिलाफ दिल्ली पुलिस के एक्शन के बाद सियासत गर्माने लगी है. राहुल गांधी, प्रियंका, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट कर पहलवानों का समर्थन किया है, साथ ही पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की है. वहीं खबर आई थी कि किसान नेता राकेश टिकैट भी पहलवानों के समर्थन मे गाजियाबाद बॉर्डर पर अड़ गए हैं.

यहां से राकेश टिकैत ने कहा था कि पहले खिलाड़ियों की रिहाई, फिर होगी बॉर्डर से विदाई. उन्होंने कहा था कि, पहले खिलाड़ियों को छोड़ा जाए या फिर हमें भी गिरफ्तार किया जाए. असल में राकेश टिकैत अपने समर्थकों के साथ दिल्ली में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस उन्हें रोक रही थी.

पुलिस ने पहलवानों को लिया था हिरासत में
बता दें कि, दिल्ली के जंतर-मंतर पर कुश्ती संघ के अध्यक्ष रहे बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महीने भर से प्रदर्शन कर रहे पहलवानों पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था. इसके बाद वहां से उनके तंबू को भी हटा दिया. पुलिस ने जंतर-मंतर से नए संसद भवन की ओर मार्च निकालने के बाद ये कार्रवाई की थी. अब पहलवानों को हिरासत में लिए जाने के बाद एहतियातन दिल्ली के टिकरी बॉर्डर को एक बार फिर पूरी तरह सील कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस ने टिकरी बॉर्डर पर बैरिकेड लगाकर दिल्ली प्रवेश करने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है.

कांग्रेस नेताओं ने किया ट्वीट, कार्रवाई की निंदा की
पहलवानों पर हुई कार्रवाई को लेकर दिल्ली पुलिस चौतरफा घिर गई है. विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई की निंदा की है और इसे शर्मनाक बताया है. खास तौर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका, सीएम सोरेन पहलवानों के समर्थन में ट्वीट किया है. पहलवानों के समर्थन में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘खिलाड़ियों की छाती पर लगे मेडल हमारे देश की शान होते हैं. उन मेडलों से, खिलाड़ियों की मेहनत से देश का मान बढ़ता है. भाजपा सरकार का अहंकार इतना बढ़ गया है कि सरकार हमारी महिला खिलाड़ियों की आवाजों को निर्ममता के साथ बूटों तले रौंद रही है. ये एकदम गलत है, पूरा देश सरकार के अहंकार और इस अन्याय को देख रहा है.’

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पहलवानों पर हुई कार्रवाई को लेकर ट्वीट किया है. उन्होंने पहलवानों का समर्थन करते हुए अपने ट्वीट में लिखा- ‘नई संसद के उद्घाटन का हक़ राष्ट्रपति जी से छीना, सड़कों पर महिला खिलाड़ियों को तानाशाही बल से पीटा! BJP-RSS के सत्ताधीशों के 3 झूठ अब देश के सामने बे-पर्दा हैं. 1. लोकतंत्र, 2. राष्ट्रवाद, 3. बेटी बचाओ….याद रहे मोदी जी,’

हेमंत सोरेन ने कार्रवाई को बताया शर्मनाक
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने ट्वीट में कहा- ‘जिस दिन संसद का नया भवन राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है, भारत के चैंपियन पहलवानों, हमारे राष्ट्रीय गौरव के साथ इस तरह की क्रूर और शर्मनाक मारपीट को देखना दुखद है. उनका अपराध – शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के माध्यम से न्याय की मांग करना है. मैं उन्हें हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा करता हूं और उनकी तत्काल रिहाई की मांग करता हूं.

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