विधायक की सुनी केंद्रीय मंत्री ने अब भेल के सोनागिरी का बीमा अस्पताल बनेगा मॉडल

भोपाल।

लंबे समय से गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती कृष्णा गौर भेल की सोनागिरी के बीमा अस्पताल को मॉडल अस्पताल बनाने के लिए प्रयास कर रही थीं। सोमवार को जब गोविंदपुरा आईटीआई में मेगा जॉब फेयर एवं श्रमिक चौपाल का आयोजन के मौके पर केंद्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस अस्पताल को मॉडल अस्पताल बनाने के लिए भारत सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा चलाने की घोषणा कर दी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया आदि मौजूद थे। अभी तक यह अस्पताल मध्यप्रदेश सरकार के श्रम विभाग के कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा संचालित किया जा रहा था। गौरतलब है कि प्रदेश में इस तरह का एकमात्र मॉडल अस्पताल सिर्फ इंदौर में हैं जिसे भारत सरकार संचालित कर रही है। इस घोषणा के बाद भोपाल एवं मंडीदीप के करीब 3.75 लाख बीमित श्रमिकों को लाभ मिलेगा। इनके परिवार को जोड़ा जाए तो लाभ पाने वालों की संख्या करीब 15 लाख होगी। श्रीमती गौर का कहना है कि इस घोषणा से गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के श्रमिकों में हर्ष की लहर व्याप्त है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री यादव, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह का आभार व्यक्त किया।

निगम के निदेशक पहुंंचे बीमा अस्पताल किया निरीक्षण
कर्मचारी राज्य बीमा निगम भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल आईएएस डॉ. राजेंद्र कुमार ने सोमवार को बीमा अस्पताल का औचक निरीक्षण किया जिसमें अस्पताल के व्यवस्थाओं की अव्यवस्थाओं को देखकर खुश नजर नहीं आए। यहां पर एक्सरे और सोनोग्राफी की मशीनें खराब थी। अव्यवस्थाओं के चलते मरीजों की संख्या भी कम देखने को मिली।

करीब एक घंटे तक अस्पताल का निरीक्षण किया। उनके साथ कर्मचारी राज्य बीमा निगम के संचालक डॉ. नटवर शाह व अन्य अधिकारी मौजूद थेे। गौरतलब है कि एक दशक से प्रदेश सरकार के श्रम विभाग और केन्द्र सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम ईएसआईसी के नुमाइन्दों की बेरूखी के चलते भेल के सोनागिरी राज्य कर्मचारी बीमा अस्पताल बदहाल है । न तो यहां कोई सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं और न ही मरीजों की जांच के लिये बेहतर मशीनें हैं साफ जाहिर है कि यहां का श्रमिक वर्ग बजाय इस चिकित्सालय के बाहर रेफर किये जा रहे हैं।

इंदौर की तर्ज पर इस अस्पताल को सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाने का प्रस्ताव राज्य और केन्द्र सरकार की आपसी लड़ाई के चलते ठंडे बस्ते में था । इसके लिये गोविंदपुरा विधान सभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती कृष्णा गौर ने ऐड़ी से चोटी तक का जोर लगा दिया अब जाकर केंद्रीय मंत्री ने इसे सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाने की घोषणा की तब श्रमिक वर्ग ने राहत की सांस ली। इसके बाद भी यदी इस मामले में देरी की जाती है तो लाखों श्रमिकों के साथ अन्याय होगा।

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