शिंदे गुट छोड़ सकते हैं 22 विधायक, बीजेपी के सौतेले व्यवहार से नाराज, ‘सामना’ के नए लेख में सनसनीखेज दावा

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर सियासी भूचाल आ गया है। ये भूचाल सामना में छपे एक लेख के बाद शुरू हुआ है। सामना ने अपने नए लेख में दावा किया है कि शिंदे गुट के 22 विधायक शिवसेना में रहकर खुश नहीं हैं, उनका दम घुटने लगा है और वे कभी भी पार्टी छोड़ सकते हैं।

कितना सच सामना का दावा?
दावा कर दिया है कि ये विधायक मानते हैं कि बीजेपी द्वारा उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। सामना के इस लेख पर डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे मजाक बताते हुए कहा कि इस समय उद्धव गुट ही सबसे ज्यादा नाखुश है। जितनी उदासीनता वहां है, वो कहीं और नहीं। वैसे सामना के लेख में ये भी बताया गया है कि शिंदे गुट चाहता है कि उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव की तरह इस बार के चुनाव में भी 22 सीटों पर लड़ने का मौका मिले। लेकिन बीजेपी 5 से 7 सीटें ही देने को तैयार है।

क्यों शुरू हुईं ऐसी अटकलें?
अब सामना में ये सारे दावे इसलिए किए गए हैं क्योंकि शिंदे गुट के एक लोकसभा सदस्य कीर्तिकर ने कहा था कि हम भी एनडीए का हिस्सा हैं। ऐसे में हमे भी उचित सम्मान मिलना चाहिए, हमारे काम भी होने चाहिए। अभी तो हमे ऐसा लगता है कि हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। अब इसी बयान को उद्धव गुट ने अपना सियासी हथियार बनाया है और दावा कर दिया गया है कि शिंदे गुट के पास सभी विधायकों का समर्थन नहीं है। इन दावों पर खुद सीएम शिंदे या फिर उनके गुट के किसी विधायक ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

उद्धव की बड़ी चुनौती
जानकारी के लिए बता दें कि इस समय महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके पास ना शिवसेना बची है, ना ही शिवसेना वाली चुनावी चिन्ह। उन्हें एक बार फिर शुरू से अपनी सियासत शुरू करनी पड़ रही है। मामला तो सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, लेकिन तब तक पार्टी को फिर खड़ा करने की चुनौती चल रही है। बीएमसी के चुनाव होने हैं, उसी को सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

 

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