राहुल गांधी ने एमपी में 150 सीटें जीतने का किया दावा, क्या है इसका गणित, जानिए

भोपाल

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने बड़ा दावा किया है। सोमवार को राहुल ने कहा कि इस साल एमपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी 150 सीटें जीतेगी। बीजेपी ने उनके इस दावे को ख्याली पुलाव बताया है। राहुल ने यह दावा सोमवार को दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस नेताओं के साथ मैराथन मीटिंग के बाद किया। इसके बाद से सवाल उठ रहे हैं कि राहुल के इस बयान में कितना दम है। चुनाव के लिए रणनीति बनाने के काम में जुटे पार्टी नेताओं ने नवभारतटाइम्स डॉटकॉम को इसका पूरा गणित बताया।

मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता और मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अवनीश बुंदेला ने बताया कि पार्टी की आंतरिक रिपोर्ट में 150 से ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में बीजेपी सरकार के खिलाफ जबरदस्त असंतोष है। इसका फायदा पार्टी को मिलेगा। बुंदेला ने यह भी बताया कि विंध्य से लेकर ग्वालियर-चंबल और मालवा-निमाड़ से महाकौशल तक, हर क्षेत्र में पार्टी को पिछले चुनाव से ज्यादा सीटें मिलेंगी।

ग्वालियर-चंबलः सिंधिया के खिलाफ असंतोष
बुंदेला ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ बीजेपी में चले गए थे। इसको लेकर पूरे ग्वालियर-चंबल में जबरदस्त असंतोष है। लोगों को लगता है कि उन्होंने वोट कांग्रेस को दिया था। इस चुनाव में पार्टी को इसका फायदा मिलेगा। 2018 के चुनाव में ग्वालियर-चंबल की 31 में से 24 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। पार्टी को इस बार इससे ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद है।

महाकौशलः आदिवासी वोटों से होगा खेल
महाकौशल क्षेत्र के आठ में से पांच जिले आदिवासी बहुल हैं। पिछले चुनाव में आदिवासियों ने कांग्रेस को वोट दिया था। इसके बूते ही कांग्रेस ने इस क्षेत्र की 38 में से 24 सीटें जीत ली थीं। स्थानीय निकाय चुनावों में इस इलाके में बीजेपी के खिलाफ लोगों का असंतोष सामने आया था। कांग्रेस को उम्मीद है कि इसका फायदा उसे विधानसभा चुनाव में मिलेगा।

विंध्यः पलटेगी बाजी
पिछले विधानसभा चुनाव में विंध्य क्षेत्र में कांग्रेस को जबरदस्त निराशा हाथ लगी थी। उसे 30 में से केवल 6 सीटें मिली थीं, लेकिन पिछले साल हुए स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। बीजेपी का गढ़ माने जाने वाले रीवा और सीधी जिलों में कांग्रेस ने उसे मात दी थी। बुंदेला का कहना है कि इस बार विधानसभा चुनाव में विंध्य क्षेत्र में बाजी पूरी तरह पलट जाएगी।

मालवा निमाड़ः भारत जोड़ो यात्रा का असर
हाल में कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की भी अहम भूमिका रही है। कर्नाटक के जिन सात जिलों से यह यात्रा गुजरी, उनमें 48 सीटें हैं। पार्टी ने इनमें से 32 सीटें जीतीं। 2018 में उसे केवल 15 सीटों पर जीत मिली थी। मध्य प्रदेश में मालवा-निमाड़ क्षेत्र बीजेपी का मजबूत गढ़ है। भारत जोड़ो यात्रा मालवा-निमाड़ के छह जिलों से होकर गुजरी थी जिनमें 30 विधानसभा सीटें हैं। पार्टी को इस इलाके में कर्नाटक से भी बेहतर नतीजों की उम्मीद है।

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