2014 में मोदी के साथ थे 29 ‘दोस्त’, बाद में आया जलजला, लेकिन अब NDA कितना ताकतवर

नई दिल्ली

मई महीने में NDA (नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस)के 25 साल पूरे हुए हैं। इस गठबंधन की शुरुआत 1998 में हुई थी। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले NDA ने 2014 और 2019 में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। 2013 में जब बीजेपी ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए नरेंद्र मोदी के नाम का ऐलान किया, तब एनडीए के साथ 23 पार्टियां थीं। इस चुनाव में बीजेपी ने अकेले 282 सीटें जीती, तो एनडीए ने कुल 336 सीटों पर जीत हासिल की। लेकिन पिछले नौ साल में एनडीए के कई सहयोगियों ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया है। इस दौरान एनडीए गठबंधन में कुछ पार्टियां जुड़ी भी हैं। आइए बताते हैं कि 2014 से लेकर अब तक एनडीए की ताकत कितनी घटी या बढ़ी है।

2014 में कौन-कौन थे साथ?
लोकसभा चुनाव 2014 के वक्त एनडीए गठबंधन में बीजेपी के साथ देशभर की 29 राजनीतिक पार्टियां थीं। इसमें बीजेपी के साथ तेलुगु देशम पार्टी (TDP), शिवसेना, DMDK, अकाली दल, पीएमके, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, लोक जनशक्ति पार्टी, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, अपना दल, हरियाणा जनहित कांग्रेस (बीएल), स्वाभिमानी पक्ष, इंदिया जननायगा काची, पुठिया निधि काची, कोंगुनाडु मक्कल देसिया काची, अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए), राष्ट्रीय समाज पक्ष, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (बोल्शेविक), केरल कांग्रेस (राष्ट्रवादी), नेशनल पीपुल्स पार्टी, नागा पीपुल्स फ्रंट और मिजो नेशनल फ्रंट शामिल थी।

2014 के बाद कौन कौन जुड़े?
2014 के बाद भी एनडीए गठबंधन के कई पार्टियां जुड़ी। 2017 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू एनडीए में शामिल हो गई। इसके अलावा बोडो लैंड पीपुल्स फ्रंट, एआईएनआरकांग्रेस, नागा पीपुल्स फ्रंट, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट, नेशनल पीपुल्स पार्टी, मिजो नेशनल फ्रंट, राष्ट्रीय समाज पक्ष, केएमडीके, इंडिया जननायगा काटची, गोमांतक पार्टी, गोवा फारवर्ड पार्टी, केरल कांग्रेस नेशनलिस्ट, सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी बीजेपी गठबंधन में शामिल हो गए। 2019 के चुनाव में बीजेपी के साथ 42 दल थे।

2014 के बाद कौन-कौन हुए अलग?
नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद कई पार्टियों ने बीजेपी गठबंधन यानी एनडीए का साथ छोड़ा। कुछ पार्टियां, जो एनडीए के गठन से ही बीजेपी के साथ थीं, उन्होंने भी पार्टी का साथ छोड़ दिया। इसमें शिवसेना और अकाली दल जैसी पार्टियां शामिल हैं। इसके अलावा एमडीएमके, आरएसपी, टीडीपी, पीडीपी, जेडीयू, अकाली दल, नगा पीपुल्स फ्रंट, समेत कई पार्टियों ने साथ छोड़ा।

अब एनडीए के साथ कौन-कौन है?
कई बड़ी पार्टियों ने भले ही एनडीए से दूरी बना ली है, लेकिन अभी भी बीजेपी के पास काफी ताकत है। एनडीए गठबंधन में फिलहाल 26 पार्टियां शामिल हैं। इनमें से 17 ऐसे दल हैं, जिनके सदस्य लोकसभा या राज्यसभा में नहीं है। फिलहाल एनडीए में बीजेपी के साथ, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट), AIADMK, लोक जनशक्ति पार्टी, अपना दल (सोनेलाल),एनपीपी, एनडीपीपी, एसकेएम, एमएनएफ, एनपीएफ, एजेएसयू, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले), एजीपी, पीएमके, तमिल मनीला कांग्रेस, यूपीपीएल, अजासू और एआईएनआरसी शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर नॉर्थ ईस्ट की पार्टियां हैं।

क्या है एनडीए?
एनडीए राजनीतिक पार्टियों का एक गठबंधन है। इसका पूरा नाम नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन है। एनडीए का गठन 1998 में हुआ था। इसे लालकृष्ण आडवाणी ने बनाया था। तब 16 दल एनडीए के साथ थे। एनडीए के दम पर ही अटल बिहारी वाजपेयी ने सरकार बनाई थी। एनडीए अब तक साथ में मिलकर 6 लोकसभा चुनाव लड़ चुका हैं।

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