विजय रुपाणी के बाद नितिन पटेल के आए ‘अच्छे दिन’, बीजेपी ने यूपी-उत्तराखंड में दी एंट्री

अहमदाबाद

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के बाद अब पूर्व डिप्टी सीएम नितिन पटेल को भी नई जिम्मेदारी मिली है। बीजेपी ने पार्टी के अनुभवी पाटीदार नेता को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों पर प्रभारी बनाया है। सितंबर 2021 में नो रिपीट थ्योरी के चलते नितिन पटेल को अपना उप मुख्यमंत्री पद गंवाना पड़ा था। इसके एक साल जब विधानसभा चुनाव हुए थे, तो नितिन पटेल ने पत्र लिखकर चुनाव नहीं लड़ने और दूसरी पीढ़ी के लिए जगह खाली करने की बात कही थी। इसके बाद छोटे कद के नितिन पटेल पूर्व उप मुख्यमंत्री के साथ पूर्व विधायक भी हो गए थे, हालांकि विधानसभा चुनावों में पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारी देते हुए गुजरात प्रदेश की चुनाव समिति में शामिल किया गया था, लेकिन राज्य में पार्टी की प्रचंड जीत के बाद अब नितिन पटेल को गुजरात से बाहर संगठन का बड़ा काम मिला है।

पांच लोकसभा के बने प्रभारी
पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी पंजाब बीजेपी के प्रभारी के साथ दिल्ली की तीन लोकसभा के प्रभारी बनाए गए हैं और उन्हें बीजेपी के एक महीने तक चलने कार्यक्रम के आउटरीच पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है तो वहीं नितिन पटेल को उत्तराखंड की तीन और उत्तर प्रदेश की दो लाेकसभा का प्रभार सौंपा गया है। इनमें उत्तराखंड की टेहरी गढ़वाल, हरिद्वार, गढ़वाल और उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के साथ कैराना लोकसभा का दायित्व दिया गया है। इन सभी सीटों पर बीजेपी का कब्जा है। कैराना की सीट से प्रदीप चौधरी सांसद हैं। 2014 में इस सीट से पार्टी के वरिष्ठ हुकुम सिंह जीते थे, लेकिन उनके निधन पर उपचुनाव में तबस्सुम हसन राष्ट्रीय लोकदल से विजयी हुए थे। 2019 पार्टी ने फिर से कब्जा कर लिया था। तो वहीं मुजफ्फरनगर बीजेपी नेता डॉ. संजीव कुमार बालियान सांसद है। इस सीट से आरएलडी सुप्रीमो जयंत चौधरी के लड़ने की चर्चा है। बालियान लगातार दो बार से जीत रहे हैं। नितिन पटेल को यूपी और उत्तराखंड की काफी अहम सीटें सौंपी गई हैं।

चार सीएम के साथ किया काम
मेहसाणा जिले से ताल्लुक रखने वाले नितिन पटेल भले ही छोटे कद के हैं लेकिन गुजरात के ऐसे राजनेता है जो जिन्होंने सर्वाधिक मुख्यमंत्रियों के साथ काम किया। गुजरात में अभी तक सिर्फ पांच उप मुख्यमंत्री ही हुए हैं। इनमें चिमन भाई पटेल, कांतिलाल गिहा, केशुभाई पटेल, नरहरि अमीन और नितिन पटेल का नाम शामिल है। नितिन पटेल को संगठन के साथ सरकार चलाने का का लंबा अनुभव है। वे केशुभाई पटेल, नरेंद्र मोदी, आनंदीबेन पटेल के कार्यकाल में मंत्री रहे तो वहीं विजय रुपाणी के मुख्यमंत्री बनने पर वे पांच साल से अधिक वक्त तक राज्य के उप मुख्यमंत्री भी रहे। नई जिम्मेदारी के साथ नितिन पटेल अब सक्रिय भी हो गए हैं, हाल ही में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में नितिन पटेल प्रमुखता से मौजूद रहे थे।

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