जिस सीट से पंडित नेहरू जीतकर बने पीएम क्या वहां से नीतीश करेंगे दावेदारी?

पटना

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार की सत्ताधारी जेडीयू ने तैयारी तेज कर दी है। सीएम नीतीश कुमार खुद विपक्षी एकता को लेकर लगातार रणनीतिक प्लान बना रहे हैं। इसी बीच जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जेडीयू कार्यकर्ता चाहते हैं कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगला लोकसभा चुनाव हाई-प्रोफाइल फूलपुर सीट से लड़ें। हालांकि, नीतीश कुमार या फिर जेडीयू नेतृत्व की ओर से इस संबंध में कुछ नहीं कहा गया है।

पूर्व सांसद धनंजय सिंह के बयान से चर्चा तेज
फूलपुर वही सीट है जिसका नेतृत्व एक समय देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने किया था। फूलपुर लोकसभा सीट से पंडित नेहरू ने तीन बार लगातार जोरदार जीत दर्ज की थी। 1952, 1957 और 1962 में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू यहां से निर्वाचित हुए थे। देश के पहले प्रधानमंत्री की नेतृत्व वाली इस सीट पर अब नीतीश कुमार के चुनाव लड़ने की मांग उठी है।

नीतीश की दावेदारी पर क्या बोले धनंजय सिंह
जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जेडीयू कार्यकर्ता चाहते हैं कि नीतीश जी फूलपुर से अगला संसदीय चुनाव लड़ें। इससे यूपी में विपक्षी एकता के पक्ष में एक अच्छा संदेश जाएगा। फूलपुर, यूपी की हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक मानी जाती है। पूर्व प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और वीपी सिंह ने इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। 2004 में अतीक अहमद ने यहां से जीत दर्ज की थी। फूलपुर सीट पर जेडीयू नेताओं की निगाह इसलिए भी है क्योंकि यहां कुर्मी (पटेल) जाति के नेताओं ने कई बार जीत दर्ज की है। उन्होंने इस सीट पर रिकॉर्ड आठ बार जीत दर्ज की है। फूलपुर की मौजूदा सांसद केशरी देवी पटेल भी कुर्मी जाति से ही हैं। खुद सीएम नीतीश कुमार इसी जाति आते हैं। इस वजह से भी जेडीयू कार्यकर्ता यहां से नीतीश कुमार को चुनाव लड़ने की मांग कर रहे हैं।

पहले भी उठी थी नीतीश के चुनाव लड़ने की चर्चा
इससे पहले पिछले साल सितंबर में नीतीश कुमार के फूलपुर सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें शुरू हुई थीं। बीजेपी का साथ छोड़ नीतीश कुमार ने जब महागठबंधन के साथ बिहार में सरकार बनाई थी तभी उनके केंद्र में एंट्री का चर्चा शुरू हुई थी। तब जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को फूलपुर, मिर्जापुर और अंबेडकर नगर सहित उत्तर प्रदेश में कम से कम तीन निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने की पेशकश की गई है। तब समाजवादी पार्टी के प्रमुख और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बिहार के सीएम को अपना पूरा समर्थन देने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि नीतीश यूपी की किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं और उन्हें समाजवादी पार्टी का पूरा सहयोग मिलेगा।

2004 में नीतीश लड़ा था आखिरी लोकसभा चुनाव
हालांकि, नीतीश ने फूलपुर से चुनाव लड़ने की किसी भी योजना से इनकार कर दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि मेरी कोई व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं है। मैं सभी क्षेत्रों में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव जैसे युवाओं को बढ़ावा देना है। नीतीश ने 2004 से किसी भी प्रत्यक्ष चुनाव का सामना नहीं किया है और नवंबर 2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। नीतीश कुमार आखिरी बार 2004 में चुनावी मैदान में उतरे थे। जब उन्होंने बिहार की दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ा था और नालंदा से जीत दर्ज की थी। पटना जिले की बाढ़ सीट से उन्हें शिकस्त मिली थी। उन्होंने 1989 से 2004 तक लगातार पांच बार लोकसभा सदस्य रहे।

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