अगर कुछ नहीं मिला तो मैं खेत में गन्ना काटने जाऊंगी, मेरी नहीं हो सकती BJP… इतनी नाराज क्यों हैं पंकजा मुंडे?

मुंबई

बीजेपी नेता पंकजा मुंडे ने एक बार फिर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि मैं किसी चीज से नहीं डरती। डरना हमारे खून में नहीं है। अगर कुछ नहीं मिला तो मैं खेत में गन्ना काटने जाउंगी। मुझे किसी चीज का स्वार्थ, आशा और इच्छा नहीं है। मैं बीजेपी की हूं लेकिन बीजेपी मेरी थोड़ी है, बीजेपी एक बड़ी पार्टी है। मैं बीजेपी की हो सकती हूं लेकिन बीजेपी मेरी नहीं हो सकती है। अहिल्यादेवी की जयंती के मौके पर पंकजा मुंडे ने यह बात कही। इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय समाज पक्ष के नेता और पूर्व मंत्री महादेव जानकर ने किया था। पंकजा मुंडे ने कहा कि महादेव जानकर को मेरे पिता दिवंगत गोपीनाथ मुंडे ने अपना बेटा माना था।

इसलिए मैं जानकर के लिए हमेशा लड़ती रहती हूं। मजाकिया लहजे में पंकजा मुंडे ने कहा कि यह अच्छी बात बात है कि महादेव जानकर ने शादी नहीं की है। इसलिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह जनता के प्रति समर्पित जीवन जी सकते हैं। उन्हें अपने परिवार को नहीं बल्कि देश की जनता को पालना है।

पंकजा मुंडे ने सुनाया गांव का किस्सा
मंच से बोलते हुए पंकजा मुंडे ने अपने पिता का एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि मेरे पिता गोपीनाथ मुंडे बताते हैं कि उनके पिता यानी मेरे दादाजी गाँव का एक किस्सा सुनाते थे। वह कहते थे कि गाँव में अपने हर जाते समय एक जगह पर वह अपने जूते उतारकर अपनी बांह में दबा लेते थे। यह वहां की जातिगत व्यवस्था थी शायद। लेकिन हमें अहिल्यादेवी होलकर के पदचिन्हों पर चलना है और समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इस दौरान राष्ट्रीय समाज पार्टी के नेता महादेव जानकर ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा हमारी बहन पंकजा मुंडे की पार्टी बीजेपी से समाज का भला नहीं होगा। मेरी बहन मुख्यमंत्री बनेंगी लेकिन समाज का भला नहीं होगा। क्योंकि रिमोट कंट्रोल दूसरों के हाथ में रहेगा।

संजय राउत ने किया पंकजा मुंडे का समर्थन
उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने पंकजा का समर्थन करते हुए कहा कि वह बीजेपी में हैं लेकिन बीजेपी उन्हें अपना नहीं मानती। गोपीनाथ मुंडे ने महाराष्ट्र में बीजेपी को बढ़ाने के लिए अपना खून पसीना एक किया। राउत ने कहा कि राजनीति में मुंडे परिवार के वजूद को खत्म करने के लिए दिल्ली और महाराष्ट्र में बड़े-बड़े आंदोलन चल रहे हैं। इस विषय में उनकी पार्टी के नेताओं को साहसी निर्णय लेने की जरुरत है। आप राजनीति में तभी जीवित रह सकते हैं जब आप परिणामों की परवाह किए बिना निर्णय लेते हैं।

जानिए क्यों नाराज हैं पंकजा मुंडे?
साल 2014 में देवेंद्र फडणवीस की सरकार में पंकजा मुंडे कैबिनेट मिनिस्टर बनाई गई थीं। उन दौरान उनके ऊपर चिक्की घोटाला का आरोप भी लगा था। इसके बाद 2019 के चुनाव में पंकजा मुंडे बीड के परली से विधानसभा का चुनाव हार गई थीं। तब यह आरोप लगाया गया कि उनके उनकी हार के लिए पार्टी के ही कुछ नेताओं ने साजिश रची थी। इसके बाद पार्टी के पास कई ऐसे मौके आये जब लगा कि उन्हें विधानपरिषद या फिर राज्यसभा में भेजा जा सकता है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसके अलावा प्रीतम मुंडे को मोदी कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद थी यह भी नहीं हुआ। इन घटनाओं की वजह से पंकजा मुंडे कई बार पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी जता चुकी हैं।

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