BJP के चक्रव्यूह में फंस रहा विपक्ष, नीतीश हों या राहुल सभी चल रहे PM मोदी के मन मुताबिक चाल?

पटना

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अब महज 11 महीने का समय बचा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 18वीं लोकसभा चुनाव के लिए अप्रैल 2024 के शुरुआत में पहले चरण के मतदान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। हालांकि 2024 चुनाव को लेकर लगभग सभी राजनीतिक दलों ने तैयारी आज से तकरीबन 6 महीने पहले ही शुरू कर चुकी है। कांग्रेसी नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 2024 को सामने रखकर ही तैयार की गई थी। इसके अलावा बीजेपी से अगस्त 2022 में अलग हुए जनता दल यूनाइटेड के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 9 महीने से मोदी विरोधी और बीजेपी विरोधी तमाम राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं।

क्या बीजेपी के बुने जाल में फंस चुका है विपक्ष ?
2013 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बतौर पीएम कैंडिडेट घोषित कर भारतीय जनता पार्टी ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। तब मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही थी। तब देश में रोजाना भ्रष्टाचार के नए-नए खुलासे अखबारों की हैडलाइन बनती थी। यही वजह थी की 2014 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत (282 सीट) देकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया था। बीजेपी ने पूर्ण बहुमत मिलने के बाद भी एनडीए में शामिल घटक दलों को भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह दी। नरेंद्र मोदी के शुरुआती 5 साल में कई ऐसे कार्य किए गए जिसका सीधा लाभ जनता को मिलने लगा। तब कांग्रेस समेत विपक्षी दल बीजेपी और प्रधानमंत्री पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा सके।

कांग्रेस ने 2019 में पीएम मोदी को भ्रष्टाचारी बताने की कोशिश की थी
2019 के लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस ने राफेल मामले में मोदी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चोर साबित करने की कोशिश की थी। लेकिन जनता ने विपक्ष के तमाम कोशिशों और राहुल गांधी के नारे चौकीदार चोर है, को नकारते हुए 2014 से भी ज्यादा सीटे (303 सीटें) देकर नरेंद्र मोदी को दूसरी बार प्रधानमंत्री बनाने का काम किया। अब 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी बीजेपी और विपक्षी दलों के द्वारा शुरू की जा चुकी है। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी विपक्षी दलों के पास नरेंद्र मोदी और बीजेपी को भ्रष्टाचार के मामले में फंसाने का कोई आधार नहीं है। हालांकि 2019 की तरह कांग्रेसी नेता राहुल गांधी द्वारा देश के बड़े उद्योगपति गौतम अडानी मामले में पीएम नरेंद्र मोदी को भ्रष्टाचारी बताने की कोशिश की गई है। आपको बता दें कि फिलहाल यह मामला अदालत में है। चुनावी विश्लेषक यह मानते हैं कि कांग्रेस और राहुल गांधी 2024 के लोकसभा चुनाव में अडानी मामले को भी उठाकर नरेंद्र मोदी को भ्रष्टाचारी बताने की कोशिश करेंगे। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ने 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर जो राजनीति तैयार की है, कांग्रेसी उसके ट्रैप में आ चुके हैं।

कर्नाटक जीत के बाद बदले कांग्रेस के तेवर
हाल ही में हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भारी जीत हासिल हुई है। इस जीत से गदगद कांग्रेसी नेता एक बार फिर राहुल गांधी को 2024 के लिए प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर लांच करने की तैयारी में लगे हुए हैं। इसके लिए कांग्रेस ने नीतीश कुमार को बीजेपी और नरेंद्र मोदी विरोधी तमाम विपक्षी दलों को एकजुट करने का काम सौंपा है। आपको बता दें कि कर्नाटक चुनाव के पहले तमाम विपक्षी दल राहुल गांधी के नेतृत्व में इकट्ठा होने को भी तैयार नहीं थे। क्योंकि विपक्षी दलों में तमाम राजनीतिक दल के नेता खुद को 2024 लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री का उम्मीदवार के तौर पर प्रोजेक्ट करने में लगा था। लेकिन कर्नाटक जीत के बाद कांग्रेस को अब यह लगने लगा है कि 2024 में भी बीजेपी को हराया जा सकता है। इसलिए कांग्रेस और राहुल गांधी को परिपक्व नेता के तौर पर दिखाने के लिए कई कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। इसके साथ ही कांग्रेसी नेता अब पहले से भी ज्यादा मुखर होकर केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने लगे है।

पीएम रेस में ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और केसीआर रह गए पीछे
अभी से 6 महीने पहले तक आम आदमी पार्टी के नेता यह कहते नहीं थकते थे कि 2024 का लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनाम अरविंद केजरीवाल होगा। लेकिन कर्नाटक चुनाव परिणाम के बाद और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी के दो मंत्री के जेल जाने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता पीएम विदेश में काफी पीछे छूट गए हैं। अरविंद केजरीवाल के दो मंत्री भ्रष्टाचार के मामले में जेल काट रहे हैं और खुद मुख्यमंत्री केजरीवाल अपना बंगला बनवा ने इस मामले में बुरी तरह फंसे हुए है। दूसरी तरफ ममता बनर्जी संभवत खुद को पीएम के रेस से फिलहाल खुद को दूर रखी हुई है। हालांकि कर्नाटक चुनाव के पहले टीएमसी नेता जी यह कह चुके थे कि 2024 के लिए विपक्ष की ओर से ममता बनर्जी से बेहतर चेहरा और कोई नहीं हो सकता। दूसरी तरफ तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को भी यह लग रहा था कि 2024 में उनकी किस्मत चमक सकती है। लेकिन कांग्रेस के तेवर को देखते हुए अब यह नहीं लगता कि इन नेताओं की कोई दाल गलने वाली है। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि 2024 लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और राहुल गांधी को बतौर प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने वाली है।

बीजेपी जो चाहती थी वही हो रहा है
चुनावी विश्लेषक यह भी कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी के नेता भी चाहते थे थी आगामी लोकसभा चुनाव राहुल गांधी वर्सेस नरेंद्र मोदी ही हो। ऐसा इसलिए कि भारतीय जनता पार्टी को लगता है कि राहुल गांधी अपरिपक्व नेता है और देश की जनता उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर कभी स्वीकार नहीं करेगी। विश्लेषकों का कहना है कि राहुल गांधी जिस तरह से विदेशी धरती पर भारत में लोकतंत्र खत्म होने की बात कही है और भारत को राष्ट्र नहीं बल्कि राज्यों का समूह कहा है। इससे देश की जनता में राहुल गांधी के प्रति अविश्वास की भावना और भी ज्यादा बढ़ गई है। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी जिस तरह से मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए हिंदू धर्म का अपमान कर रहे हैं उससे भी देश की जनता कांग्रेस से काफी नाराज है। लेकिन राहुल गांधी ने एक बार फिर विदेशी धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाया है। इसके अलावा राहुल गांधी द्वारा विदेश में भारत के मुसलमानों की स्थिति को बदतर बताये जाने का नेगेटिव इंपैक्ट भी कांग्रेस पार्टी को 2024 झेलना पड़ेगा। विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी शुरू से ही चाहती थी कि 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष की ओर से राहुल गांधी ही पीएम उम्मीदवार के तौर पर सामने आए। आपको बता दें कि खुद ममता बनर्जी ने भी राहुल गांधी का यह कहकर उपहास उड़ाया था कि बीजेपी के सबसे बड़े टीआरपी राहुल गांधी ही है।

 

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