मदुरई ट्रेन हादसे में 11 वर्षीय सार्थक गायब, अंकुल की मौत, पत्नी वापस लौटी… परिवार का दर्द भारी

सीतापुर

लखनऊ से रामेश्वरम जा रही एक्सप्रेस ट्रेन के टूरिस्ट कोच की आग ने परिवारों को झुलसा दिया है। परिवार के लोग अभी भी सदमे में हैं। यह आग लापरवाही का नतीजा रही। इसको लेकर अब लोग आक्रोश जता रहे हैं। वहीं, कई परिवार अभी भी अपने लोगों को समेटने में जुटे हुए हैं। ऐसा ही है सीतापुर के रहने वाले अंकुल कश्यप का परिवार। 33 वर्षीय अंकुल कश्यप भी इस ट्रेन में सफर कर रहे थे। वे शेफ थे। वह कैटरर्स के साथ काम करते थे। अंकुल के भाई विशेष घटना का जिक्र करते हुए भावुक हो जाते हैं। बताते हैं कि अंकुल के साथ उसका 11 वर्षीय बेटा सार्थक भी रामेश्वरम जा रहा था। अभी तक वह गायब है। उसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। वे बताते हैं कि पहले भी अंकुल रामेश्वरम जा चुके थे। इस बार बेटे के साथ गए थे। सार्थक की मां को अभी अंकुल की मौत के बारे में पता नहीं है। वह अपने घर वापस लौट आई है। रोते हुए विशेष कहते हैं कि हम घर जाकर लोगों से क्या कहें? मैं इस सदमे से उबर नहीं पा रहा हूं। इसके बाद विशेष फूट-फूटकर रोने लगते हैं। कुछ इसी प्रकार की स्थिति घटना में मरने वाले नौ लोगों के परिवार में है।

पत्नी और बहनोई की हुई मौत
शिव प्रताप सिंह अपनी 62 वर्षीय पत्नी मिथिलेश और 65 वर्षीय बहनोई शत्रु दमन सिंह के साथ रामेश्वरम की यात्रा पर गए थे। सीतापुर के भसीन टूर एंड ट्रैवल्स के साथ यह उनकी तीसरी यात्रा थी। लेकिन, इस यात्रा का दर्द यूपी के सिंचाई विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी 65 वर्षीय शिव प्रताप सिंह को जीवन भर झेलना पड़ेगा। मदुरई के पास गैस सिलेंडर में आग लगने के बाद कोच में आग लगी और इसमें नौ लोगों की झुलकर मौत हो गई। इस घटना का शिकार मिथिलेश और शत्रु दमन भी हुए।

मदुरई हादसे में मरने वालों में लखनऊ की 22 वर्षीय एमसीए स्टूडेंट हिमानी बंसल, 81 वर्षीय उसकी दादी मनोरमा अग्रवाल, लखीमपुर खीरी की 67 वर्षीय शांति देवी, हरदोई के 57 वर्षीय परमेश्वर दयाल गुप्ता और सीतापुर से 56 वर्षीय हरीश भसीन एवं 38 वर्षीय दीपक कश्यप शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, हरीश उर्फ पप्पू भसीन इस यात्रा का टूर ऑपरेटर था। दीपक कश्यप उसके सहायक के तौर पर गया था।

चौक इलाके में छाया मातम
लखनऊ के चौक इलाके में मनोज अग्रवाल के घर पर मातम छा गया है। मदुरई ट्रेन हादसे में उनकी मां मनोरमा अग्रवाल और बेटी हिमानी भी मृतकों में शामिल थीं। मनोज कहते हैं कि मेरी बेटी ने अभी-अभी एमसीए पूरा किया था। वह अपनी दादी के साथ रामेश्वरम यात्रा पर गई थी। शुक्रवार की शाम लगभग 6 बजे उनसे आखिरी बार बात की थी। मनोज भावुक स्वर में कहते हैं कि वे पहली बार रामेश्वरम जाने को लेकर बहुत उत्साहित लग रहे थे।

ट्रैवल एजेंसी को कोस रहे परिजन
ट्रेन हादसे के बाद अब मृतक के परिजनों के निशाने पर ट्रैवल एजेंसी आ गई है। पिता परमेश्वर को खोने वाले सौरभ गुप्ता कहते हैं कि अगर मुझे पता होता कि भसीन ट्रैवल एजेंसी यात्रा के दौरान ट्रेन में गैस सिलेंडर और स्टोव का उपयोग करने जा रही है तो मैं रेलवे को इसके बारे में पहले ही सूचित कर देता। ट्रैवल एजेंसी की ओर से यात्रा के दौरान यात्रियो को हर सुविधा दिलाने का वादा किया गया। अब जान ले ली गई। इस मामले में यूपी कमिश्नर नवीन कुमार ने कहा कि घटना को लेकर सभी कदम उठाए गए हैं। हम इस हादसे के शिकार सभी लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का सभी प्रयास कर रहे हैं।

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