ये बड़ी गलती BJP को कर सकती है रणभूमि से बाहर, ऐसा हुआ तो राजस्थान में लिखा जाएगा इतिहास

नई दिल्ली

राजस्थान की जनता का मूड भांपने वाले एक हालिया सर्वे में दावा किया गया है कि BJP राज्य में सरकार बनाने की राह पर है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता से बेदखल हो जाएगी। अगर ऐसा होता है तो राजस्थान में हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा कायम रहेगी। चुनाव इस साल के आखिर में होने हैं और इससे पहले भाजपा और कांग्रेस पूरी तरह तैयारी में जुट गई हैं।

क्या कहते है राजस्थान पर ताजा सर्वे
राजस्थान की जनता का मूड भांपने के लिए पिछले सप्ताह जारी एबीपी-सी वोटर सर्वे के परिणाम के मुताबिक भाजपा को 200 सदस्यीय विधानसभा में 45.8 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 109-119 सीटें जीतने का अनुमान लगाया गया है, जबकि कांग्रेस को 78-88 सीटों के बीच सीट मिल सकती हैं। साथ ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को 0.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 0-2 सीटें मिलने की उम्मीद है, जबकि अन्य के खाते में 12.5 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 1-5 सीटें जा सकती हैं।

भाजपा के साथ क्या चुनौती है?
राजस्थान चुनाव को तीन महीने रह गए लेकिन भाजपा की आंतरिक उठापटक अभी भी खत्म होती नहीं दिखाई दे रही है। गुटबाजी और सत्ता के खेल ने कांग्रेस खेमे की तरह ही भाजपा कार्यकर्ताओं में भी बेचैनी फैला दी है। भाजपा के लिए एकमात्र राहत की बात यह है कि हंगामा कभी भी कांग्रेस की तरह बाहर नहीं आया है।

दो बार की पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे को दरकिनार किया जाना साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व जो 2018 की हार के बाद से राजे की कार्यशैली से नाखुश है। भाजपा अब अगले सप्ताह एक संयुक्त संकल्प यात्रा शुरू करेगी, जिसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा हरी झंडी दिखाएंगे और पार्टी के प्रमुख केंद्रीय मंत्री राज्य भर में इसका नेतृत्व करेंगे।

कौन होगा भाजपा का मुख्यमंत्री पद का चेहरा?
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि भाजपा बिना सीएम चेहरे के चुनाव में उतरने पर विचार कर रही है। पार्टी ने अब तक वसुंधरा राजे सिंधिया का नाम साफ तौर पर सामने नहीं रखा है। हालांकि भाजपा जानती है कि वह किसी और का नाम लेने का जोखिम भी नहीं उठा सकती। गजेंद्र सिंह शेखावत और सतीश पूनिया के रूप में एक विकल्प स्थापित करने के प्रयास विफल हो गए हैं क्योंकि दोनों ही पार्टी के भीतर राजे की लोकप्रियता और कद से मेल नहीं खाते हैं।

सीएम पद के लिए कौन है पसंद?
सर्वे के मुताबिक कुल मिलाकर 35 प्रतिशत जवाब देने वाले लोगों का मानना है कि अशोक गहलोत मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी पसंद हैं। इसके बाद 25 प्रतिशत के साथ वसुंधरा राजे जनता की पसंद हैं। वहीं 19 प्रतिशत के साथ सचिन पायलट और 9 प्रतिशत के साथ गजेंद्र सिंह शेखावत और 5 प्रतिशत के साथ राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी इस लिस्ट में शामिल हैं।

सर्वे के परिणाम से यह भी पता चलता है कि चुनाव में उतरने की भाजपा की रणनीति आने वाले चुनावों में पार्टी के लिए फायदेमंद साबित नहीं हो सकती है। सर्वे के मुताबिक 61.7 प्रतिशत मतदाताओं ने महसूस किया कि पार्टी को एक सीएम चेहरा पेश करना चाहिए, जबकि इनमें से केवल 27.5 प्रतिशत का मानना था भाजपा का सीएम चेहरा नहीं लाने का फैसला ठीक है।

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