चीन के नए नक्‍शे पर घमासान, काठमांडू के मेयर ने रद की यात्रा, भारत की राह पर बढ़े मलेशिया-फिलीपीन्‍स

काठमांडू

चीन के नए नक्‍शे पर भारत के बाद अब मलेशिया, फ‍िलीपीन्‍स, ताइवान और नेपाल ने कड़ा विरोध जताया है। मलेशिया ने चीन के नए नक्‍शे को खारिज कर दिया है जिसमें लगभग पूरे साउथ चाइना सी को ड्रैगन का इलाका दिखाया गया है। इसमें मलेशिया के बोर्नियो तट के पास का भी इलाका शामिल है। इस बीच फिलीपीन्‍स और ताइवान ने चीन को जमकर सुनाया है। वहीं नेपाल की राजधानी काठमांडू के विवादित मेयर बालेन शाह ने तो अपनी चीन यात्रा तक को रद कर दिया है। इससे पहले भारत ने चीन के दावे की हवा निकाल दी थी और विदेश मंत्री जयशंकर ने उसकी पोल खोलकर रख दी थी।

चीन साल 2016 में अंतरराष्‍ट्रीय अदालत के फैसले के बाद भी दक्षिण चीन सागर के लगभग सारे इलाके पर दावा करता है। अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट ने कहा कि चीन का ‘नाइन डैश लाइन’ निराधार है। चीन ने हाल के दिनों में दक्षिण चीन सागर में कई कृत्रिम द्वीप बनाए हैं और वहां पर मिसाइलों से लेकर फाइटर जेट तक की तैनाती की है। दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन का पड़ोसी देशों मलेशिया, फिलीपीन्‍स, वियतनाम, ब्रुनई और ताइवान के साथ गंभीर विवाद है। इसी को देखते हुए हाल ही में फिलीपीन्‍स ने अमेरिका को नेवल बेस बनाने के लिए जगह दी है।

‘चीन का दावा एकतरफा, मलेशिया मान्‍यता नहीं देता’
मलेशिया ने कहा कि चीन का यह दावा एकतरफा है। मलेशिया इसे मान्‍यता नहीं देता है। इस बीच नेपाल की राजधानी काठमांडू के मेयर बालेन शाह चीन के इस नए नक्‍शे पर भड़क गए हैं। बालेन शाह ने अपनी चीन यात्रा को रद कर दिया है। चीन की सरकार ने बालेन शाह को यह न्‍योता दिया था। बालेन शाह ने आरोप लगाया कि चीन ने अपने नक्‍शे में नेपाल के नए राजनीतिक नक्‍शे को मान्‍यता नहीं दी है। दरअसल, चीन ने अपने नक्‍शे में कालापानी और लिंपियाधुरा के इलाके को भारत का हिस्‍सा माना है जिस पर नेपाल अपना दावा करता है।

बालेन शाह ने कहा कि चीन ने ऐसा करते हुए नेपाल से सलाह तक नहीं ली। भारत के नए राजनीतिक नक्‍शे के जवाब में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने नेपाल की संसद में एक नया नक्‍शा पारित कराया था। ओली को इस नक्‍शे को बनाने में चीन की तत्‍कालीन राजदूत ने भी मदद की थी। इस बीच चीन ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को अपने क्षेत्र के हिस्से के रूप में दिखाने वाले 2023 के लिए एक नया ‘मानक मानचित्र’ जारी करने के अपने कदम का बचाव करते हुए बुधवार को कहा कि उसके कानून के अनुसार यह एक ‘नियमित कवायद’ है और भारत से ‘पूर्वाग्रह से दूर एवं शांत बने रहने’ तथा इसका ‘ज्यादा अर्थ निकालने’ से बचने का आग्रह किया।

भारत ने भी चीन को दिया करारा जवाब
भारत ने मंगलवार को चीन के तथाकथित ‘मानक मानचित्र’ पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था, जिसमें अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन पर दावा किया गया है, और कहा कि इस तरह के कदम सीमा विवाद के समाधान को केवल जटिल बनाते हैं। विदेश मंत्रालय ने भी इन दावों को “आधारहीन” बताते हुए खारिज कर दिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने समाचार चैनल ‘एनडीटीवी’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मानचित्र से जुड़े चीन के कदम पर एक सवाल के जवाब में कहा, “सिर्फ बेतुके दावे करने से अन्य लोगों का क्षेत्र आपका नहीं हो जाता।”

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