मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, फायरिंग में गीतकार समेत 5 की मौत, चुराचांदपुर में बंद का ऐलान

नई दिल्ली

मणिपुर में एक बार फिर हिंसा ही घटना सामने आई है। चुराचांदपुर-बिष्णुपुर सीमा पर तीन दिनों से चल रही गोलीबारी में गुरुवार को कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है। कुकी-ज़ोमी के प्रभुत्व वाले चुराचांदपुर जिले और मैतेई के प्रभुत्व वाले बिष्णुपुर जिले के बीच के क्षेत्र में गोलीबारी 29 अगस्त की सुबह शुरू हुई थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, नगंगखलावई, थमनापोकपी, कांगथेई, खौसाबुंग और एल फीनोम के इलाकों में गोलीबारी हो रही है।

एक रक्षा सूत्र के अनुसार, बुधवार तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही और शाम तक बिष्णुपुर के एक व्यक्ति, चुराचांदपुर के चार लोग और दो RIB कर्मी घायल हो गए। गुरुवार सुबह कुकी-ज़ोमी समुदाय के दो घायलों ने दम तोड़ दिया। उनमें से एक की पहचान गीतकार एल एस मंगबोई के रूप में की गई है, जो स्थानीय रूप से लोकप्रिय थे। उन्होंने चल रहे संघर्ष के दौरान एक गीत लिखा था, जिसे ‘आई गम हिलो हैम’ कहा जाता है, जिसका अनुवाद क्या यह हमारी भूमि नहीं है?”

चुराचांदपुर पुलिस के अनुसार गीतकार की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें इलाज के लिए आइजोल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि चुराचांदपुर से लगभग 100 किमी दूर सोंगताल में उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद उन्हें शहर वापस लाया गया।

चुराचांदपुर जिला अस्पताल के एक डॉक्टर के अनुसार मंगबोई को एक विस्फोट में सिर में चोट लगी थी और अस्पताल में कोई न्यूरोसर्जन नहीं है, इसलिए उन्हें गुवाहाटी ले जाने के लिए मिजोरम भेजा गया था। दूसरे मृतक की पहचान रिचर्ड हेमखोलिन गुइटे के रूप में की गई है, जिनके बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि वह एक ग्राम रक्षा स्वयंसेवक थे। उन्होंने सुबह चुराचांदपुर जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया।

दिन भर गोलीबारी जारी रहने के कारण एक और व्यक्ति का शव बरामद किया गया, जिसकी पहचान पाओकम किपगेन के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक मृतक इलाके में तैनात रक्षा स्वयंसेवक थे। बिष्णुपुर में दो मैतेई पुरुषों की गुरुवार को हत्या कर दी गई, जिनमें से एक की पहचान पेबाम देबन के रूप में हुई।

चल रही गोलीबारी में बढ़ती मौतों की संख्या पर प्रतिक्रिया में इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम – चुराचांदपुर में विभिन्न आदिवासी निकायों के एक समूह ने चिकित्सा, पुलिस, पानी और बिजली जैसी सेवाओं को छूट के साथ जिले में आपातकालीन बंद की घोषणा की है। गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे फुबाला में गोलीबारी तेज हो गई।

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