सांची देश की पहली सोलर सिटी: 100 में 100 यूनिट बिजली मिल रही, इसलिए 1800 में से 16 घरों ने ही लगाए सोलर सिस्टम

भोपाल

बौद्ध स्तूप के लिए विख्यात सांची शहर देश की पहली सोलर सिटी बनने जा रहा है। 6 सितंबर को मुख्यमंत्री इसका लोकार्पण करेंगे। इससे पहले भास्कर ने ग्राउंड पर पड़ताल की ताे सामने आया कि साेलर सिटी काे लेकर ग्रामीण बहुत उत्साहित नहीं हैं। करीब 1800 मकानाें वाले सांची में सिर्फ 16 घराें पर ही साेलर सिस्टम है। व

जह- सरकार 100 रु. में 100 यूनिट बिजली दे रही है। पहले से सस्ती बिजली मिलने के कारण लोग सोलर सिस्टम लगवाने में रुचि नहीं ले रहे। सांची सोलर प्लांट से जुड़े रहे और ऊर्जा विकास निगम के रिटायर्ड अतिरिक्त कार्यपालन अधिकारी पीके शांडिल्य बताते हैं कि प्रोजेक्ट की शुरुआत में सोलर सिस्टम लगाना अनिवार्य था।

सोलर सिस्टम लगाने पर ज्यादा खर्च
नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अधिकारी के मुताबिक, जिन घरों में 100 यूनिट तक बिजली की खपत होती है, यदि वे अपने यहां सोलर सिस्टम लगवाते हैं तो उन्हें एक किलोवाट का सिस्टम लगेगा। सरकार की 40% सब्सिडी के बाद भी 30 हजार रु. रुपए खर्च होते हैं। ऐसे में जिन घरों में 100 यूनिट या इससे कुछ अधिक ही खपत है वे सोलर सिस्टम में रुचि नहीं ले रहे।

सांची सोलर सिटी प्रोजेक्ट इंचार्ज श्रीकांत देशमुख (एसई) का कहना है कि हमने सांची में 235 किलोवाट का इंस्टॉलेशन कर लिया है। इसमें 16 घरों, 11 सरकारी कार्यालय की छत शामिल हैं, जिन पर सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं।

गुलगांव में सोलर प्लेटें लगाने का काम तेजी से चल रहा है। इसे भी 15 दिन में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में यहां से बिजली सप्लाई हो सकेगी। सांची में विभाग के नियमों के तहत ही काम हुए हैं।

सोलर सिटी में दो प्लांट
सांची देश की पहली सोलर सिटी बन रही है। यहां पर दो सोलर प्लांट बन रहे हैं। पहला नागौरी में तीन किलोवाट का। इस प्लांट से सांची शहर के लिए है। यह प्लांट बनकर तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री बुधवार को सिर्फ नागौरी की पहाड़ी पर लगे सोलर प्लांट का ही लोकार्पण करेंगे।

दूसरा प्लांट गुलगांव में लग रहा है। यह पांच मेगावाट का होगा। इससे सांची के आसपास के गांवों को बिजली दी जाएगी। इसे तैयार होने में 15 दिन लगेंगे। इन दोनों प्लांटों से बिजली ग्रिड को दी जाएगी। ग्रिड से बिजली सप्लाई की जाएगी। जिस क्षेत्र को सोलर सिटी घोषित कर रहे हैं, वहां के क्षेत्र की क्षमता के बराबर बिजली सोलर से पैदा की जाएगी। इसे ग्रीन सिटी भी कहते हैं।

सोलर सिस्टम लगाने के बाद भी आ रहा बिजली बिल
सांची के एक जनप्रतिनिधि ने बताया हमने 6 महीने पहले डेढ़ लाख रुपए खर्च कर घर पर साेलर सिस्टम लगाया था। हमें कहा गया था कि बिजली बिल नहीं आएगा, लेकिनहर महीने 250 से 300 रुपए तक बिल भेजा जा रहा है। बिजली कट हाेने पर हमारे घर की बिजली भी बंद हाे जाती है।

सीएम प्रतीकात्मक रूप से बांटेंगे सोलर उपकरण
सोलर सिटी के लोकार्पण के दौरान सीएम यहां पर प्रतीकात्मक रूप से कक्षा पांचवीं तक के दो छात्र और 2 छात्राओं को सोलर स्टडी लैंप बांटेंगे। इस तरह कुल दो हजार विद्यार्थियों को स्कूल में प्राचार्य के जरिए स्टडी लैंप दिए जाएंगे।

इसी तरह दो सीनियर सिटीजन को सोलर लालटेन दिए जाएंगे। कुल 200 लालटेन नप द्वारा दिए जाएंगे। एक महिला व एक पुरुष हाथठेला व्यवसायी को स्टैंड लैंप दिए जाएंगे। सांची के प्रत्येक घर में ऊर्जा दक्ष होम किट बांटी जाएंगी। जिसमें एक 9 वॉट का बल्ब, 20 वॉट की एलईडी ट्यूब लाइट और बीएलडीसी सीलिंग फैन शामिल हैं। इसकी कुल संख्या 1800 है।

About bheldn

Check Also

‘गुनाह के तहत सजा मिलनी चाहिए’, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने हाथरस वाले बाबा के खिलाफ कर दी एक्शन की मांग

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने हाथरस हादसे (भोलेबाबा सत्संग) को लेकर बयान …