अब सनातन पर बिगड़े डीएमके नेता ए.राजा के बोल, कुष्ठ और HIV से कर दी तुलना

चेन्नई

सनातन विवाद में उदयनिधि स्टालिन के बयान से उठा तूफान अभी शांत नहीं हुआ है। इससे पहले डीएमके के अन्य नेता ए. राजा ने सनातन की तुलना एचआईवी और कुष्ठ से कर विवाद को हवा दे दी है। ए. राजा मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। ए. राजा के बयान के बाद से बीजेपी ने डीएमके की आलोचना की है। बीजेपी मीडिया सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट कर तंज कसा है कि यह कांग्रेस के नेतृत्व वाले I.N.D.I.A. गठबंधन का असली चरित्र है। इंडिया वाले सोचते हैं कि हिंदुओं को अपमानित करना ही चुनाव जीतने का एकमात्र तरीका है। क्या मुंबई मीटिंग में ये तय हुआ था?

डीएमके नेता ने सनातन धर्म पर विवादित बयान बुधवार को चेन्नई में दिया। विश्वकर्मा योजना के विरोध के लिए पार्टी की ओर से आयोजित एक सभा में कहा कि उदयनिधि स्टालिन ने सनातन को सिर्फ मलेरिया, डेंगू और कोरोना की तरह खत्म करने की बात कही थी, क्योंकि वह विनम्र थे। मलेरिया और डेंगू के साथ कोई सामाजिक कलंक नहीं जुड़ा है। उन्होंने कहा कि मलेरिया और डेंगू से लोगों को घिन नहीं आती है, जबकि कुष्ठ रोग और एचआईवी को एचआईवी को घृणा की दृष्टि से देखा जाता है। सनातन धर्म कोएचआईवी और कुष्ठ रोग जैसी बीमारी की तरह देखा जाना चाहिए। अपने भाषण में उन्होंने सनातन धर्म की टिप्पणी करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया।

मोदी-शाह को बहस की चुनौती
डीएमके नेता ए. राजा ने कहा कि अगर पीएम मोदी ने सनातन धर्म का पालन किया था, तो उन्हें विदेश नहीं जाना चाहिए था क्योंकि एक अच्छे हिंदू को समुद्र पार नहीं करना चाहिए। ए. राजा ने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बहस की चुनौती दी। ए. राजा ने कहा कि दिल्ली में मोदी और शाह एक करोड़ लोगों को इकट्ठा करें और अपने शंकराचार्यों को लाएं। मैं वहां अंबेडकर और पेरियार की लिखी किताबें लेकर आऊंगा। जब ए. राजा सनातन पर टिप्पणी कर रहे थे, तब मंच पर तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के एस अलागिरी, एमडीएमके प्रमुख वाइको और सीपीएम और सीपीआई नेता मौजूद थे।

सनातन विवाद पर पीएम मोदी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पार्टी के नेताओं को सनातन धर्म पर की टिप्पणियों पर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के इस बयान से I.N.D.I.A. के नेताओं ने आलोचना की है, जबकि बीजेपी हमलावर है। हालांकि गुरुवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने अपने बेटे की ओर से सफाई दी। उन्होंने कहा कि उदयनिधि का इरादा किसी की भावना को आहत करने का नहीं था। तमिनलाडु में इस मुद्दे पर बीजेपी और डीएमके के बीच पोस्टर वॉर चल रहा है। खुद उदयनिधि ने पार्टी कार्यकर्ताओं को खुली चिट्ठी लिखकर सफाई दी थी।

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