अपनी ही सरकार के खिलाफ बीजेपी के पूर्व सांसद, बॉम्बे हाईकोर्ट में भगवान विट्ठल के मंदिर को लेकर दोनों आमने-सामने

मुंबई

भगवान विट्ठल (श्रीकृष्ण) के मंदिर को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने बीजेपी के पूर्व सांसद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट में सरकार ने बीजेपी के दिग्गज नेता की याचिका का विरोध करते हुए कहा है कि सरकार ने जो कदम उठाया है वो सही है। दरअसल बीजेपी के राज्यसभा सांसद रहे सुब्रमण्यम स्वामी पंढरपुर मंदिर का कंट्रोल सरकार के हाथ में जाने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने एक याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल की है।

स्वामी ने PIL में कहा- सरकार पंढरपुर मंदिर पर कर रही कब्जा
सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार जिस Pandharpur Temples Act of 1973 का हवाला देकर भगवान विट्ठल के मंदिर के कामकाज में दखल दे रही है वो सही नहीं है। सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा है कि उसने जो किया वो कानूनन सही है। सरकार का कहना है कि मंदिर के पुरोहितों के खिलाफ उसे कई शिकायतें मिली थीं। इसी वजह से उसने पंढरपुर टेंपल एक्ट 1973 को एक्टिव किया। उसका कहना है कि मंदिर विभिन्न धार्मिक आस्था वाले लोगों के लिए है। टेंपल एक्ट किसी की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करता है।

सरकार का दावा- पंढरपुर टेंपल एक्ट को सुप्रीम कोर्ट की भी मंजूरी
सरकार का कहना है कि पंढरपुर टेंपल एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है। 2007 में शीर्ष अदालत ने तब इस मामले को सुनवााई के लिए निचली अदालत के पास भेजा था। शोलापुर की कोर्ट ने पुरोहितों की य़ाचिका को खारिज कर दिया था। निचली अदालत के फैसले पर बॉम्बे हाईकोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मुहर लगाई थी। सरकार का दावा है कि वो मंदिर के प्रशासन को हाथ में लेकर सही काम कर रही है।

भगवान श्रीकृष्ण की नगरी हालांकि मथुरा को कहा जाता है,लेकिन उनका एक प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र में भी है। इसे श्रीविठ्ठल रुक्मिणी मंदिर कहा जाता है। देवउठानी एकादशी पर हर साल यहां भगवान विट्ठल की यात्रा निकाली जाती है। माना जाता है कि ये यात्रा 800 साल से निकाली जा रही है।

मंदिर से जुड़ी एक और कहानी भी है। पुंडलिक नाम के एक प्रसिद्ध संत अपने माता-पिता के परम भक्त थे। भगवान श्रीकृष्ण उनके इष्टदेव थे। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण देवी रुकमणी के साथ प्रकट हुए। संत पुंडलिक ने उनकी तरफ देखकर कहा कि मेरे पिता सो रहे हैं, आप कुछ देर प्रतीक्षा करें। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्त की आज्ञा का पालन किया और कमर पर दोनों हाथ रखकर खड़े हो गए। भगवान श्रीकृष्ण का यही स्वरूप विट्ठल कहलाया। आगे चलकर इसी पवित्र स्थान का नाम पुंडलिकपुर या पंढरपुर पड़ा। ये विश्व विख्यात मंदिर महाराष्ट्र में स्थित है।

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