राहुल गांधी को उन्हीं की रणनीति से घेरने लगी भाजपा, प्रियंका को बनाया ‘हथियार’

नई दिल्ली

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी पर हमले का नया मोर्चा खोल दिया है। पार्टी लगातार दावे कर रही है कि राहुल गांधी का बहन प्रियंका वाड्रा के साथ संबंध सहज नहीं है। पार्टी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक के बाद एक पोस्ट किए हैं जिनमें राहुल-प्रियंका के बीच सब कुछ ठीक नहीं होने के कथित सबूत हैं। बीजेपी ने यह भी दावा किया है कि भाई-बहन के रिश्ते में कड़वाहट की वजह मां सोनिया गांधी का बेटे का पक्ष लेना है जबकि बेटी प्रियंका ज्यादा तेज-तर्रार हैं। बीजेपी दावा कर रही है कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का वरद हस्त बेटे राहुल के सिर पर है ताकि बेटी प्रियंका को सत्ता से दूर रखा जा सके। बीजेपी ने एक वीडियो पोस्ट कर बताने की कोशिश की है कि कैसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच खटास पब्लिक में भी सामने आ जाती है। भाजपा के वीडियो में दिख रहा है कि प्रियंका गांधी एक रैली में भाई राहुल गांधी का हाथ नहीं झटक देती हैं। एक अन्य वीडियो में बीजेपी कहती है कि प्रियंका अपने भाई राहुल को राखी भी नहीं बांधती हैं जो दोनों के बीच खराब संबंध का एक और प्रमाण है।

राहुल को सोनिया का साथ ताकि प्रियंका रहें दूर!
राहुल और प्रियंका के गुणों की तुलना अक्सर हुआ करती है। राहुल की छवि व्यापक तौर पर एक अपरिपक्व नेता की है जबकि प्रियंका की तुलना अक्सर उनकी दादी इंदिरा गांधी के साथ की जाती है। माना जाता है कि प्रिंयका अपने भाई राहुल के मुकाबले ज्यादा राजनीतिक समझ रखती हैं और सियासी समीकरण को साधने में भी बेहतर हैं। हालांकि, प्रियंका के सियासत में उतरने के बाद उनकी इस छवि को बट्टा लगा है। बावजूद इसके उनमें राहुल के मुकाबले ज्यादा संभावनाएं देखी जाती हैं।

राहुल से निपटने की बीजेपी की नई रणनीति
2019 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ दिया था, लेकिन उनका पार्टी पर दबदबा कायम है। दरअसल, बीजेपी ने राहुल गांधी के खिलाफ हमले का नया मोर्चा उन्हीं की रणनीति के तहत खोला है। अंबानी-अडानी से लेकर विभाजनकारी राजनीति तक, राहुल गांधी बार-बार बीजेपी को घेर रहे हैं। संभवतः इसी वजह से बीजेपी ने राहुल की छवि पर चोट पहुंचाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। ध्यान रहे कि राहुल गांधी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इसी रणनीति पर लंबे समय से काम कर रहे हैं। वो बार-बार एक ना एक मुद्दा उठाकर सीधे पीएम मोदी की छवि धूमिल करने की कोशिश करते हैं।

कांग्रेस का आरोप- ध्यान भटकाना चाहती है बीजेपी
उधर, कांग्रेस का कहना है कि उसे भाजपा के इस अभियान से कोई फर्क नहीं पड़ता है। पार्टी इससे डरे बिना जनता के मुद्दे उठाती रहेगी। उधर, बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय का आरोप है कि राहुल के हाथ में ‘धागा नहीं है जो हिंदू बहनें अपने भाइयों को बांधती हैं।’ जवाब में कांग्रेस ने एक वीडियो जारी किया जिसमें राहुल के हाथ में धागा दिखाई दे रहा था। तीन दिन बाद भाजपा ने नेटफ्लिक्स सीरीज ‘द क्राउन’ से प्रेरित एक पोस्टर जारी किया, जिसमें राहुल-प्रियंका के बीच में सोनिया गांधी रानी के रूप में हैं और कैप्शन में लिखा है, ‘क्या प्रियंका वाड्रा राहुल को रोक कर सकती हैं और ताज छीन सकती हैं? यह ताज के लिए लड़ाई है। अंतिम चेकमेट चाल कौन चलेगा, यह देखने के लिए बने रहें।’

कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि भाजपा का राहुल और प्रियंका पर सोशल मीडिया वॉर जमीनी मुद्दों से ध्यान हटाने की रणनीति है। उन्होंने कहा, ‘अडानी के महाघोटाले, बेरोजगारी, मणिपुर में ताजा हिंसा के बारे में बात करने के बजाय, वे ऐसा कर रहे हैं। वे मानते हैं कि हमारा ध्यान बंट जाएगा और दूसरी बातें करने लगेंगे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। यह आपका असली रंग दिखाता है। तथ्य यह है कि आप भाई-बहनों के बारे में बात करना चाहते हैं, तथ्य यह है कि आपने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और हमारे संसदीय दल के नेता की तस्वीर को जिस तरह पेश किया है, वो दिखाता है कि आप महिलाओं का कितना सम्मान करते हैं। बाकी सब कुछ भूल जाइए।’

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