किसी ने ‘INDIA’ तो किसी ने ‘भारत’ को दी बधाई, टीम की जीत के बाद ‘सियासी बैटिंग’

नई दिल्ली,

एशिया कप में भारतीय टीम ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. श्रीलंका ने भारत को जीत के लिए 51 रनों का मामूली टारगेट दिया था, जिसे उसने 263 गेंद बाकी रहते आसानी से हासिल कर लिया. ईशान किशन 23 और शुभमन गिल 27 रन बनाकर नाबाद रहे. इससे पहले टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंकाई टीम 15.2 ओवरों में 50 रनों पर सिमट गई. श्रीलंका की ओर से 9 खिलाड़ी तो दोहरे अंकों में भी नहीं पहुंच पाए. कुसल मेंडिस ने 17 और दुशान हेमंथा ने नाबाद 13 रनों का योगदान दिया. भारतीय टीम की ओर से मोहम्मद सिराज ने 7 ओवरों में 21 रन देकर छह विकेट लिए. वहीं हार्दिक पंड्या को तीन और जसप्रीत बुमराह को एक सफलता हासिल हुई.

इस जीत के बाद पूरे देशभर से भारतीय टीम के खिलाड़ियों की तारीफ हो रही है. हर कोई अपने अंदाज में टीम को बधाई दे रहा है. लेकिन इस बीच एक अनोखा पैटर्न आज ‘INDIA vs भारत’ का देखने को मिला. जहां कुछ नेता भारत को जीत की बधाई देते दिखे तो वहीं कुछ नेताओं ने टीम को बधाई देने के लिए इंडिया शब्द का इस्तेमाल किया.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने टीम को बधाई देते हुए दो बार इंडिया शब्द का इस्तेमाल किया. ट्वीट की शुरुआत में उन्होंने लिखा कि एशिया कप में इंडिया की आलीशान जीत और भारतीय गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज के सबसे तेज गति से 5 विकेट लेने के विश्व रिकार्ड की बराबरी करने पर हार्दिक बधाई. वहीं लास्ट में उन्होंने लिखा कि जीतता रहे इंडिया.

सपा प्रमुख ने ट्वीट किया,
इसके अलावा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करते हुए इंडिया शब्द का इस्तेमाल न करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी. सीएम योगी ने लिखा कि यह जीत ऐतिहासिक है. उन्होंने आगे लिखा, आप पर हमें गर्व हैं.

CM केजरीवाल ने टीम इंडिया को दी बधाई
इसके अलावा आम आदमी पार्टी प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी टीम को बधाई देते हुए INDIA शब्द का ही इस्तेमाल किया. उन्होंने लिखा, टीम इंडिया ने अविस्मरणीय प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका पर 10 विकेट की शानदार जीत के साथ खिताब हासिल किया.

भाजपा ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जीत की बधाई देने के लिए पीएम मोदी का फोटो इस्तेमाल किया.

असम के मुख्यमंत्री ने दी ‘भारत’ को बधाई
इसके अलावा असम के मुख्यमंत्रत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी टीम को जीत के लिए बधाई दी व भारत शब्द का इस्तेमाल किया. उन्होंने लिखा कि हम एक बार फिर एशियाई चैंपियन हैं. श्रीलंका पर 10 विकेट की शानदार जीत के साथ 8वीं बार एशिया कप हासिल करने पर भारत को बधाई.

आखिर क्या है ये इंडिया vs भारत का विवाद?
दरअसल इस पूरे विवाद की शुरुआत G20 के डिनर निमंत्रण से हुई. जी-20 शिखर सम्मेलन के डिनर के निमंत्रण पत्र पर ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखा गया. निमंत्रण पत्र के सामने आने के बाद विपक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार देश का नाम इंडिया शब्द के इस्तेमाल को बंद कर केवल भारत कहे जाने की योजना बना रही है. यह भी कहा गया कि संसद का विशेष सत्र भी इसलिए बुलाया जा रहा है ताकि इंडिया का नाम भारत कर दिया जाए.

बेंगलुरु से शुरू हुआ था विवाद
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी देश का नाम बदलने पर इसलिए जोर दे रही है क्योंकि विपक्षी गठबंधन ने अपना नाम I.N.D.I.A. रख लिया है. 17-18 जुलाई को बेंगलुरु में विपक्षी दलों की मीटिंग से हुई थी. बीजेपी सरकार के खिलाफ एकजुट 26 विपक्षी दलों ने अपने गठबंधन का नाम इंडियन नेशनल डेवेलपमेंटल इंक्लूसिव एलायंस (INDIA) रखने का ऐलान किया था. इस घोषणा के बाद बीजेपी ने निशाना साधना शुरू कर दिया था कि इंडिया अंग्रेजों द्वारा दिया गया गुलामी का नाम है. इस नाम को आंतकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन, ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम से भी जोड़े जाने लगा. बीजेपी के कुछ नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इंडिया शब्द को हटा दिया और इसे भारत से हटाने की मांग करने लगे.

इंडिया बनाम भारत के विवाद पर पीएम मोदी क्या बोले?
हालांकि इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों के साथ बैठक की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि वो इंडिया बनाम भारत के विवाद में बयानबाजी न करें, जिन्हें बोलने के लिए अधिकृत किया जाए, केवल वही बोलें.

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