भेल टाउनशिप के सैंकड़ों आवास जर्जर,बारिश में छत से टपकता है पानी

भोपाल

भेल टाउनशिप में आवासों की मरम्मत और देखरेख के लिए भलेे ही प्रबंधन लाखों रुपये की राशि खर्च करता हो, लेकिन आवासों की हालत ज्यों कि त्यों ही रहती है। आलम यह है कि टाउनशिप के बरखेड़ा, गोविंदपुरा और पिपलानी स्थित सैकड़ों आवास खतरनाक हो गए हैंंं तो वहीं देखरेख के आभाव में जर्जर होने हो रहे हैं। प्रबंधन की नजरअंदाजी के चलते और बरसात ने यहां के रहवासियों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है।

टाउनशिन के बरखेड़ा और गोविंदपुरा के सभी सेक्टर एन-2, ए टाईप और डबल स्टोरी एन-2 स्थित सैकड़ों आवास दिन पर दिन जर्जर होते जा रहे हैं। हालात यह हैं कि कई आवासों की दीवार में बड़ी दरारें हो रही हैं। इसके अलावा फर्श भी उखड़ चुके हैं। कहीं-कहीं तो हालत इतनी खराब है कि छत लीकेज हो रही है, जिससे बारिश में रहवासियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादातर आवासों की बाउन्ड्री वाल टूट चुकी हैं जिससे वाहनों की सुरक्षा का भय बना रहता है। कई आवासों के खिड़की दरवाजे भी टूट रहे हैं या फिर टूटनें की कगार पर हैं।

बरखेड़ा ई सेक्टर के रहवासियों ने बताया कि यहां के अधिकतर आवासों की दीवार में बड़ी-बड़ी दरारें हो गयी है, प्रबंधन के ठेकेदारों द्वारा मेंटनेंस के नाम पर फोरी तौर पर काम करके टाल दिया जाता है जिससे समस्या हल नहीं हो पाती है। विभाग के लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी लोग समस्याएं झेलने को मजबूर हैं। गोविंदपुरा सी सेक्टर में सबसे बड़ी समस्या छतों के लीकेज से हो रही है। बरसात में घरों में पानी टपकना तो आम हो गया है। इसके अलावा पानी की पाइप लाईन जगह-जगह से टूटी होने से डबल स्टोरी एन टाइप आवासों में पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।

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