दुनियाभर के रेगिस्तानों में नजर आए रहस्‍यमय गोल निशान, वैज्ञानिकों से लेकर आम इंसान तक हैरान

केपटाउन

वैज्ञानिकों ने दुनियाभर के कई देशों में रस्यमय निशान की खोज की है। यह निशान बंजर जमीन पर गोल डिस्क की तरह नजर आता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में फेयरी सर्कल कहा जा रहा है। ये निशान पोल्का डॉट्स की पंक्तियों की तरह दिखती हैं, जो जमीन पर मीलों तक फैल सकती हैं। इस घटना की रहस्यमय उत्पत्ति ने दशकों से वैज्ञानिकों को परेशान किया है। लेकिन, पहले जितना सोचा गया था, ये निशान उससे कहीं अधिक व्यापक हो सकते हैं। फेयरी सर्कल पहले केवल दक्षिणी अफ्रीका के नामीब रेगिस्तान और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के बाहरी इलाके की शुष्क भूमि में देखे जाते थे। लेकिन, एक नए अध्ययन में तीन महाद्वीपों के 15 देशों में सैकड़ों नए स्थानों पर इन फेयरी सर्कल से मिलते-जुलते वनस्पति पैटर्न की पहचान करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग किया गया है। इससे वैज्ञानिकों को वैश्विक स्तर पर फेयरी सर्कल्स और उनके गठन को समझने में मदद मिल सकती है।

सैटेलाइट इमेजरी की एआई के जरिए की गई जांच
प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज जर्नल में सोमवार को प्रकाशित नए सर्वेक्षण में शोधकर्ताओं ने दुनिया भर के शुष्क क्षेत्रों, या कम वर्षा वाले शुष्क पारिस्थितिक तंत्रों की उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली उपग्रह छवियों वाले डेटासेट का विश्लेषण किया। इसमें फेयरी सर्कल से मिलते-जुलते पैटर्न की खोज में एक न्यूरल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। यह एक प्रकार का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस है, जो मानव मस्तिष्क के समान तरीकों से जानकारी को विश्लेषित करता है। स्पेन में एलिकांटे विश्वविद्यालय में मल्टीडिसिप्लिनरी इंस्टीट्यूट फॉर एनवायर्नमेंटल के डेटा वैज्ञानिक और प्रमुख अध्ययन लेखक डॉ. एमिलियो गुइराडो ने कहा कि सैटेलाइट इमेजरी पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मॉडल का उपयोग फेयरी सर्कल जैसे पैटर्न का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर पहली बार किया गया है।

15,000 से अधिक सैटेलाइट तस्वीरों का किया अध्ययन
सबसे पहले, अध्ययन लेखकों ने नामीबिया और ऑस्ट्रेलिया में ली गई 15,000 से अधिक सैटेलाइट तस्वीरों को इनपुट करके फेयरी सर्कल को पहचानने के लिए न्यूरल नेटवर्क को ट्रेंड किया। आधी छवियों में फेयरी सर्कल दिखाए गए, और आधे में नहीं। इसके बाद वैज्ञानिकों ने अपने एआई को दुनिया भर में लगभग 575,000 भूखंडों के सैटेलाइट तस्वीरों के साथ एक डेटा दिया, जिनमें से प्रत्येक की माप लगभग 2.5 एकड़ (1 हेक्टेयर) थी। न्यूरल नेटवर्क ने उन छवियों में वनस्पति को स्कैन किया और दोहराए जाने वाले गोलाकार पैटर्न की पहचान की जो ज्ञात फेयरी सर्कल के पैटर्न से मिलते जुलते थे। एआई ने इनके आकार और साथ-साथ उनके स्थान, पैटर्न घनत्व और वितरण का मूल्यांकन किया।

पूरी दुनिया में दिखे रहस्यमय घेरे
गुइराडो ने कहा कि इस विश्लेषण के आउटपुट के लिए मानवीय समीक्षा की आवश्यकता है। हमें कुछ कृत्रिम और प्राकृतिक संरचनाओं को मैन्युअल रूप से त्यागना पड़ा जो फोटो-व्याख्या और क्षेत्र के संदर्भ के आधार पर फेयरी सर्कल नहीं थे। परिणामों में 263 शुष्क भूमि स्थान दिखाए गए जहां नामीबिया और ऑस्ट्रेलिया में फेयरी सर्कल्स के समान गोलाकार पैटर्न थे। ये शुष्क स्थान पूरे अफ्रीका (साहेल, पश्चिमी सहारा और अफ्रीका के हॉर्न) में वितरित थे और मेडागास्कर और मध्य-पश्चिमी एशिया के साथ-साथ मध्य और दक्षिण-पश्चिम ऑस्ट्रेलिया में भी एकत्रित थे। फेयरी सर्कल एकमात्र प्राकृतिक घटना नहीं है जो किसी परिदृश्य में गोल, बार-बार धब्बे को उत्पन्न कर सकती है। गोटिंगेन विश्वविद्यालय में पारिस्थितिकी तंत्र मॉडलिंग विभाग के एक शोधकर्ता डॉ. स्टीफ़न गेट्ज़िन ने कहा, एक कारक जो फेयरी सर्कल को अन्य प्रकार के वनस्पति अंतरालों से अलग करता है, वह सर्कल के बीच एक दृढ़ता से व्यवस्थित पैटर्न है।

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