बीएचईएल में चिकित्सा सलाहकार समिति की बैठक में उठे कई मुद्दे

-कस्तूरबा अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट आज भी बंद है

भोपाल

चिकित्सा सलाहकार समिति की बैठक शनिवार को कस्तूरबा अस्पताल भेल में आयोजित की गई। बैठक में बीएमएस,एचएमएस,सीटू,ऐबू यूनियन के प्रतिनिधि शामिल थे। यूनियन प्रतिनिधियों ने ज्वलंत मुद्दे उठाये। उनका कहना था कि कर्मचारियों की सुविधा में कोई भी कटौती मान्य नहीं है। नई बिल्डिंग में आईसीयू शिफ्ट होने की वजह से मेल मेडिकल और मेल सर्जिकल दोनों वार्ड एक में ही कर दिया गया है इस कारण वह काफी कन्जेस्टेड हो गया है।

नई बिल्डिंग के फीमेल वार्ड में आए दिन सिवेज लाइन चौक हो जाती है। नई बिल्डिंग के एडमिट वार्ड के कॉरिडोर में प्रॉपर वेंटिलेशन नहीं है। रात में नई बिल्डिंग का एंट्री गेट बंद हो जाती है जिस वजह से अस्पताल में पुरानी बिल्डिंग से पूरा चक्कर लगाकर एडमिट पेशेंट को घूम कर जाना पड़ता है। साथ ही अस्पताल में व्हीलचेयर की स्थिति अत्यंत दयनीय है।

चेस्ट ओपीडी में डॉक्टर का अल्टरनेट बैठने का जो सिस्टम है उसको खत्म किया जाए। स्किन के डॉक्टर जब नहीं होते हैं तब स्किन पेशेंट को देखने के लिए अन्य डॉक्टर की व्यवस्था की जाए। न्यूरो के डॉक्टर नहीं है इसलिए न्यूरो पेशेंट को तत्काल रेफर किया जाए। इनका कहना है कि अपोलो हॉस्पिटल एवं भोपाल फ्रैक्चर हॉस्पिटल को पैनल में लाने के लिए जल्द से जल्द प्रयास किया जाए।

टॉयलेट सफाई के कॉन्ट्रैक्ट में 37 लोगों का टेंडर है परंतु उसके पश्चात भी सफाई उचित तरीके से नहीं होती है। ऑक्सीजन प्लांट के लिए 50-60 लाख रूपये का खर्च किया जा चुका है परंतु वह प्लांट आज भी चालू नहीं हो पाया है। बैठक में बीएचईएल के महाप्रबंधक आरएफ सिद्दकी,जीएम फायनेंस श्रीनिवासा,डॉ. अल्पना तिवारी,एजीएम राजीव सरना के अलावा चारों यूनियनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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