कैंपस की दीवारों पर ‘हेट स्लोगन’ लिखने वालों की अब खैर नहीं, JNU उठाने वाला है सख्त कदम

नई दिल्ली

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन, कैंपस में बार-बार लगने वाले ‘देश-विरोधी’ नारों की घटनाओं की जांच के लिए जल्द ही एक समिति गठित करेगा। ‘स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज’ की इमारत की दीवार पर लिखे ‘भारत के कब्जे वाला कश्मीर’, ‘फ्री कश्मीर’ और ‘भगवा जलेगा’ जैसे नारों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के एक दिन बाद यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन की ओर से दीवारों का रंग-रोगन अब करा दिया गया है। जेएनयू के रेक्टर सतीश चंद्र गारकोटी ने बताया, ‘हम अपने मुख्य सुरक्षा अधिकारी की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और सुझावों के आधार पर इस मुद्दे से निपटने के लिए कदम उठाए जाएंगे।’

गारकोटी ने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में बार-बार होने वाले ‘राष्ट्र-विरोधी’ नारों की घटनाओं की जांच करने के लिए एक समिति गठित करने की योजना बनाई है। पिछले साल दिसंबर में, विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विद्यालय की दीवारों पर जातिवादी गालियां, ‘ब्राह्मण कैंपस छोड़ो’ और ‘ब्राह्मण-बनिया, हम आपके लिए आ रहे हैं! हम बदला लेंगे’ जैसे नारे लिखे हुए मिले थे। इससे पहले नवंबर 2019 में, जेएनयू परिसर में स्वामी विवेकानंद की एक प्रतिमा को विरूपित कर दिया गया था।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने फीस वृद्धि को लेकर कुलपति कार्यालय की दीवारों को रंग दिया था और परिसर के अंदर ‘भारत विरोधी’ नारे लगाए गए जिससे विवाद पैदा हो गया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर ऐसी घटनाओं को रोकने में विफल रहने के लिए मुख्य सुरक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

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