कल लग सकती है कांग्रेस की पहली लिस्ट पर मुहर, दिल्ली की बैठक में सीएम गहलोत भी होंगे शामिल

जयपुर

राजस्थान में भाजपा अपनी पहली लिस्ट जारी कर चुकी है। लेकिन अभी तक कांग्रेस में पहली लिस्ट को लेकर नाम उजागर नहीं हो पाए हैं। कांग्रेस की लिस्ट को लेकर तारीख पर तारीख बढ़ती जा रही है। इस बीच अब यही कयास लगाए जा रहे हैं कि दिल्ली में कल यानी शनिवार को होने वाली स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस की पहली लिस्ट पर मोहर लग सकती है। इसको लेकर शुक्रवार को जयपुर में कांग्रेस वार रूम में चुनाव समिति की बैठक होगी। वहीं अब सियासी गलियारों में कल के दिन को लेकर बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

टिकट के फैसले को लेकर एक लाइन का प्रस्ताव
जयपुर में शुक्रवार को होने वाली बैठक में कांग्रेस वार रूम में चुनाव समिति की बैठक होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में टिकटों का फैसला हाई कमान पर छोड़े जाने का एक लाइन में प्रस्ताव पास किया जाएगा। इसके बाद अब अगली नजर शनिवार को गौरव गोगोई की अध्यक्षता में होने वाली स्क्रीनिंग कमेटी पर होगी। इस बैठक में सीएम अशोक गहलोत समेत कई नेता शामिल हो सकते हैं। जयपुर में आज की बैठक में कांग्रेस के उम्मीदवारों की सारी रिपोर्ट शनिवार को होने वाली दिल्ली में बैठक के चलते शिफ्ट हो जाएगी। बताया गया कि केंद्रीय चुनाव समिति की अगले सप्ताह बैठक होने की उम्मीद है।

दिल्ली में अब होगी टिकट की एक्सरसाइज शिफ्ट
जयपुर के कांग्रेस वार रूम में बैठक के बाद राजस्थान में उम्मीदवारों के टिकट को लेकर सारा डाटा दिल्ली भेज दिया जाएगा। इसके बाद से दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी के बैठकों के दौर चलेंगे। जहां उम्मीदवारों के चयन के लिए मंथन शुरू होगा। अगले सप्ताह होने वाली स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में इन सभी रिपोर्ट के मंथन के बाद कांग्रेस की पहली लिस्ट जारी होने की उम्मीद है। इधर कांग्रेस के कई टिकट के दावेदार नेता दिल्ली में अपना डेरा डाल चुके हैं। इसको लेकर टिकट के दांवेदार नेता कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करने में जुटे हुए हैं।

गहलोत और पायलट अपने-अपने समर्थकों के टिकट के लिए जुटे
राजस्थान में कांग्रेस के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट की देरी के पीछे एक कारण गहलोत और पायलट को भी माना जा रहा है। दोनों ही नेता अपने समर्थक विधायकों को टिकट दिलाने की पैरवी कर रहे हैं। एक तरफ अशोक गहलोत चाहते हैं कि जिन लोगों ने सरकार बचाने में उनका साथ दिया। ऐसे विधायकों को फिर से टिकट मिले। वहीं दूसरी ओर पायलट भी अपने समर्थक विधायकों को अधिक से अधिक संख्या में टिकट मिले। इस जुगत में लगे हुए हैं। बता दें कि सियासी संकट के दौरान गहलोत सरकार को 13 निर्दलीय विधायकों ने अपना समर्थन दिया था। इनमें 11 ऐसे निर्दलीय नेता है। जिन्होंने कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़ा था। ऐसे में गहलोत चाहते हैं कि इन निर्दलीय विधायकों को एक बार फिर कांग्रेस से मौका मिले।

कई सीटों पर टिकट रिपीट करने का फार्मूला अपनाया जा सकता है
कांग्रेस पार्टी की ओर से सर्वे रिपोर्ट और फीडबैक देखकर कई सीटों पर वापस मौजूदा विधायक को टिकट देने के फार्मूले पर प्रमुखता से विचार कर रही हैं। इनमें कई सीटे ऐसी है, जहां वापस टिकट रिपीट होने की संभावना है। इनमें से कई सीटे ऐसी है। जहां नेताओं के परिवार का प्रभाव है। ऐसे में मांग उठाई जा रही है कि यदि उन सीटों पर टिकट बदल दिया जाता है तो, परिवार के किसी सदस्य को मौका दिया जाए।

अपनी ही घोषणा में उलझ कर रह गई है, कांग्रेस पार्टी
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट शुरू से युवा और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर प्रयास कर रहे हैं। इसको लेकर उदयपुर में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में भी युवाओं और महिलाओं को टिकट देने का दावा किया। लेकिन अब जब कांग्रेस ने अपना सर्वे कराया तो, उस रिपोर्ट में युवाओं के बजाय वरिष्ठ नेताओं को महत्व दिया गया है। अब एक और तो पायलट युवाओं और महिलाओं को टिकट देने की मांग उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अपनी ही सर्वे रिपोर्ट में उलझ गई है। ऐसे में कांग्रेस इस हालत में है कि वो करें तो क्या करें?

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