चीन के ‘इलाके’ में क्यों घुसी रूसी नौसेना? दुश्मन की पनडुब्बियों को सूंघने का चलाया महाअभियान

मॉस्को

रूसी नौसेना ने चीन की तथाकथित सीमा में घुसकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है। रूसी नौसेना के प्रशांत बेड़े के जहाजों ने उस इलाके में एक बड़े समुद्री अभ्यास को अंजाम दिया है, जिस पर चीन अपना दावा करता है। इस दौरान रूसी युद्धपोतों ने दक्षिण चीन सागर के विवादित इलाके में दुश्मन की पनडु्ब्बियों का शिकार करने के लिए एक बड़ा मिशन चलाया। रूसी नौसेना के लिए दक्षिण चीन सागर में किसी नौसैनिक मिशन को अंजाम देना दुर्लभ मामला है। अमेरिका के खिलाफ चीन और रूस एक साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में रूस कभी नहीं चाहेगा कि वह चीन को नाराज करने का जोखिम उठाए। चीन अमेरिकी और यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों को बेअसर करने में भी रूस की मदद कर रहा है।

रूसी नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में किया युद्धाभ्यास
रूस की राज्य मीडिया एजेंसी TASS ने बेड़े की प्रेस सेवा का हवाला देते हुए 13 अक्टूबर को बताया किरसी नौसेना के पनडुब्बी रोधी जहाजों, एडमिरल ट्रिब्यूट्स और एडमिरल पेंटेलेव ने दक्षिण चीन सागर में एयर डिफेंस एक्सरसाइज की। इसके अलावा उन्होंने उसी इलाके में नकली दुश्मन पनडुब्बियों का पता लगाने का अभ्यास किया था। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस अभ्यास से ठीक एक दिन पहले, प्रशांत बेड़े के जहाजों पर सवार चालक दल ने फिलीपीन सागर को सफलतापूर्वक पार किया और दक्षिण चीन सागर में प्रवेश किया। इसमें यह भी कहा गया है कि वर्तमान में पनडु्ब्बी रोधी पोत दक्षिण चीन सागर के उत्तरी क्षेत्र में संयुक्त युद्धाभ्यास कर रहे हैं।

दुश्मनों की पनडुब्बियों की खोज की
इन अभ्यासों में महत्वपूर्ण समुद्री संचालन भी शामिल है, जिसमें जहाजों पर तैनात एयर डिफेंस तकनीकों की जांच करना, प्रतिद्वंदी पनडुब्बियों की खोजबीन करना और प्रशांत बेडे़ के नौसैनिक एयर डिवीजन में शामिल केए -27 हेलीकॉप्टरों का संचालन करने वाली कुशल टीमों के साथ निर्बाध सहयोग को बढ़ावा देना शामिल है। प्रशांत बेड़े के अनुसार, इस व्यापक समुद्री यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्र में रूसी संघ के नौसेना ध्वज का प्रदर्शन करना है, साथ ही विदेशी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देना और वैश्विक स्तर पर रूसी नौसेना को बढ़ावा देना भी है। रूसी नौसेना ने दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में आयोजित अभ्यास की विशिष्ट अवधि या समय सीमा का खुलासा नहीं किया है।

चीन के साथ दोस्ती बढ़ा रहा रूस
पिछले कई महीनों में, रूसी नौसेना ने अक्सर अपने दृढ़ सहयोगी, चीन के सहयोग से, प्रशांत क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है। हालांकि, मॉस्को ने यह खुलासा नहीं किया है कि रूसी नौसैनिक जहाजों की चल रही तैनाती में बीजिंग के साथ संयुक्त अभ्यास शामिल होगा या नहीं। अक्सर, दोनों देशों ने तर्क दिया है कि उनका नौसैनिक सहयोग मुख्य रूप से संचार के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा और विविध सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करते हुए क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए उनकी सामूहिक क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है। हालांकि, पश्चिमी देशों का दावा है कि चीन और रूस इस क्षेत्र में अमेरिका और नाटो गठबंधन को चुनौती देने के लिए अपनी गश्त बढ़ा रहे हैं।

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