आंखें खुलीं और सब खत्म… 14 लोगों के परिवार में अकेली जीवित बची 4 साल की बच्ची

नई दिल्ली,

ये उस 4 साल की लड़की के लिए दिल तोड़ देने वाला पल था, जब अस्पताल में उसकी आंखें खुलीं. घायल लड़की के आसपास कोई अपना नहीं था. वो इधर उधर नजरें घुमाती गई मगर कोई नहीं दिखा. उसके परिवार में 14 लोग थे, जिनमें से 13 की मौत हो गई. वो केवल अकेली जीवित बची है. गाजा में इजरायल द्वारा गिराए जा रहे बम के कारण उसका पूरा परिवार खत्म हो गया. फुला अल-लहम नाम की ये बच्ची खान यॉनिस अस्पताल में भर्ती है. उसका घर मलबे में तब्दील हो गया है. परिवार में जिनकी मौत हुई, उनमें उसकी मां, पिता और बहन-भाई शामिल थे.

मिरर यूके की रिपोर्ट के अनुसार, फुला के घर पर बम गिर गया था. दूसरी जगह रहने वाली फुला की दादी उम-मोहम्मद अल-लहम का कहना है, ‘अचानक से बिना चेतावनी उन्होंने घर के अंदर रहने वाले लोगों पर बमबारी कर दी. मेरी पोती फुला के सिवा कोई नहीं बचा. फुला के अलावा सभी लोग शाहीद हो गए. वो बात नहीं कर रही, बिलकुल भी नहीं, केवल अपने पलंग पर लेटी है और उसे दवाएं दी जा रही हैं.’ एक तरह से फुला को खुशनसीब भी माना जा रहा है क्योंकि वो जिंदा बच गई है. गाजा के अधिकारियों का कहना है कि शनिवार के बाद से अभी तक 2450 लोगों की मौत हो गई है. इनमें एक चौथाई बच्चे हैं. इसके अलावा करीब 10,000 लोग घायल हैं.

रेस्क्यू वर्कर्स हवाई हमलों में बचे लोगों की तलाश के लिए दिन रात काम कर रहे हैं. बता दें, शनिवार की सुबह करीब 6 बजे फलस्तीन से ऑपरेट होने वाले आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर 20 मिनट में 5000 रॉकेट दागने का दावा किया था. इसके बाद हमास के आतंकी दक्षिणी इजरायल में घुसे. इन्होंने लोगों को घर, सड़क और समारोह समेत हर जगह गोली मारी. हत्याएं करने के साथ ही आतंकियों ने लोगों को लूटा भी. उनके घरों को आग लगा दी. इसके अलावा 150 से अधिक लोगों को अपने साथ बंधक बनाकर ले गए. हमास के हमलों में मारे गए इजरायली नागरिकों की संख्या अभी तक 1300 का आंकड़ा पार कर चुकी है. जबकि 2000 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

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