इंडिया भले ना जीता पर एयरलाइन्स की मन गई दिवाली, एक दिन में 4.6 लाख लोगों ने भरी उड़ान, बना रिकॉर्ड

नई दिल्ली

वर्ल्ड कप फाइनल ने वह किया जो इस साल दिवाली नहीं कर सकी। फाइनल मैच से एयर ट्रैफिक में शानदार उछाल आया है। शनिवार को लगभग 4.6 लाख घरेलू हवाई यात्री थे। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस दिवाली सीजन में आश्चर्यजनक रूप से दैनिक हवाई यात्रियों की संख्या कम रही, अक्सर चार लाख से कम। इंडस्ट्री के सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे कारण एयरलान्स द्वारा काफी अधिक एडवांस किराया तय करना रहा। एरलाइन्स ने दिवाली से एक महीने पहले ही एडवांस किराया काफी बढ़ा दिया था। उन्हें इस फेस्टिव सीजन में बंपर ट्रैवल की उम्मीद थी।

वर्ल्ड कप फाइनल से बना रिकॉर्ड
मुंबई एयरपोर्ट ने शनिवार को अपने अब तक के सबसे अधिक एक दिवसीय ट्रैफिक को संभाला। अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने रविवार को ट्वीट किया था, ‘एक ऐतिहासिक उपलब्धि! मुंबई एयरपोर्ट का नया माइलस्टोन- एक सिंगल रनवे एयरपोर्ट ने एक दिन (18 नवंबर को) में रिकॉर्ड-ब्रेकिंग 1,61,760 यात्रियों को सेवाएं दी हैं।’ यह उछाल ऐसे समय आया, जब घरेलू हवाई यात्रा कम बनी हुई थी। एक फेस्टिव सीजन के लिए यह बहुत ही असामान्य बात है। केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को ट्वीट किया, ‘भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक माइलस्टोन है। 18 नवंबर को हमने 4,56,748 घरेलू यात्रियों के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाया है।’

फेस्टिव सीजन में लोगों ने फ्लाइट के बजाए प्रीमियम ट्रेनों को चुना
एयरलाइन इंडस्ट्री के एक दिग्गज ने अपना नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘एयरलाइन्स ने अक्टूबर के आखिर से फेस्टिव सीजन के दौरान ट्रैवल के लिए सितंबर के आखिर से ही एडवांस बुकिंग का किराया बढ़ा दिया था। इसने बहुत से लोगों को हतोत्साहित किया। उन लोगों फिर फ्लाइट के बजाए प्रीमियम ट्रेनों की एसी कैटेगरी को बुक करने का फैसला लिया। उन्हें डर था कि उन्हें पीक सीजन में यात्रा के लिए बाद में रिजर्वेशन नहीं मिलेगा। इसके बाद जब फेस्टिव सीजन आया तो एयरलाइन्स को कम ट्रेवल नंबर्स (अक्सर चार लाख से कम) का एहसास हुआ। इसके बाद किराए में कमी आई। यह हमेशा दूसरी तरह से होता था- कम एडवांस और अधिक स्पॉट किराया।’ हवाई किराया ज्यादा होने के चलते यात्रियों ने फ्लाइट के बजाय प्रीमियम ट्रेनों की एसी कैटेगरी का विकल्प चुना।

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